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पटना। बिहार विधानसभा में नीतीश सरकार के  फ्लोर टेस्ट से पहले बड़ा संकट टल गया है। स्पीकर विजय कुमार सिन्हा ने अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा व मत विभाजन के लिए अध्यक्ष राजी हो गये हैं। इससे पहले ही विधानसभा अध्यक्ष की मंशा समझ सदन के नेता सीएम नीतीश कुमार ने विधानसभा सचिव को लिखा था कि अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को कार्यवाही में प्राथमिकता दी जाए।

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विधानसभा में आज 
1. अध्यक्ष का प्रारंभिक संबोधन
2. अध्यक्ष को हटाये जाने संबंधी प्रस्ताव पर विचार तथा वोटिंग
3. सीएम नीतीश कुमार द्वारा वर्तमान मंत्रिपरिषद में विश्वास का प्रस्ताव
4. सभा की समितियों का प्रतिवेदन
5. अन्य जरूरी कार्य (यदि हों)

इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष ने मंगलवार को विधानसभा की प्रेस सलाहकार समिति की बैठक में अपने पद से इस्तीफा नहीं देने की घोषणा की। कहा कि सभा अध्यक्ष संसदीय नियमों तथा परंपराओं का संरक्षक है। यह केवल पद नहीं है, बल्कि एक न्यास का अनुरक्षक भी है। इसलिए इस दायित्व के साथ जब तक मैं बंधा हूँ, तब तक अपने व्यक्तिगत सम्मान से ऊपर लोकतांत्रिक न्यास की गरिमा को संरक्षित और सुरक्षित रखना मेरा कर्तव्य है। इसलिए जब विधानसभा के अध्यक्ष के रूप में मेरे विरूद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया तो मैंने उसे अपने ऊपर विश्वास की कमी के रूप में नहीं देखा बल्कि आसन के प्रति अविश्वास के रूप में देखा। कहा कि अविश्वास प्रस्ताव का जो नोटिस सभा सचिवालय को दिया गया, उसमें नियम प्रावधान और संसदीय शिष्टाचार की स्पष्ट रूप से अनदेखी की गई है।

विधानसभा में संख्या बल
सदस्यों की कुल संख्या : 243
रिक्त : दो
महागठबंधन : 164 ( राजद 79, जदयू 45, कांग्रेस 19, सीपीआई एमएल 12, हम चार, सीपीएम दो, सीपीआई दो, निर्दलीय एक.
भाजपा : 76
एआईएमआईएम: एक
(नोट- दो सीट मोकामा व गोपालगंज रिक्त है)