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पटना। सुप्रीम कोर्ट ने लगभग 28 साल पहले मार्च 1995 में छपरा में विधानसभा चुनाव के दौरान दो लोगों की हुई मर्डर केस में बिहार के आरजेडीके एक्स एमपी प्रभुनाथ सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सुप्रीम कोर्ट ने पहले हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हउए उन्हें दोषी करार दिया था। इसके बाद उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 

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सजा पर बहस के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने एक्स एमपी को अगस्त के महीने में दोषी करार दिया था। सुप्रीम कोर्ट एक सितंबर को उनकी सजा पर बहस हुई। कोर्ट ने इन्हें सजा सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट के पहले लोअर कोर्ट में सुनवाई हुई थी। यहां से एक्स एमपी को रिहाई मिली थी। फिर यह मामला हाइकोर्ट में पहुंचा था। हाईकोर्ट में लोअर के फैसलेको सही माना गया। इसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने एक्स एमपी प्रभुनाथ सिंह दोषी करार दिया था। इसके बाद अब सजा भी सुना दिया गया है।
वर्ष 1995 में दो लोगों की हुई थी मर्डर
मामला छपरा में वर्ष 1995 का है। प्रभुनाथ सिंह पर आरोप था कि उन्होंने अपने कहे अनुसार वोट नहीं देने पर छपरा के मसरख इलाके के निवासी राजेंद्र राय और दारोगा राय की मर्डर करा दी थी। राजेंद्र राय की उम्र 47 साल थी। वहीं, दारोगा राय की उम्र 18 साल थी। मामले में लोअर कोर्ट से प्रभुनाथ सिंह बरी हो गये थे। हाई कोर्ट ने भी लोअर कोर्ट के फैसले को सही ठहराया था।  फिर यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने इस मामलेकी सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट में दोनों पक्ष की दलीलों को सुना गया था। इसके बाद पटना हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया गया। एक्स एमपी को डबल मर्डर केस में दोषी करार दिया गया।बिहार के डीजेपी को प्रभुनाथ सिंह को पेश करानेका आदेश दिया गया। इसके बाद एक्स एमपी को को कोर्ट में पेश किया गया। वर्चुअल तरीके से कोर्ट मेंइनकी पेशी हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इन्हें उम्र कैद की सजा सुनायी। प्रभुनाथ सिंह अपने भाई के साथ दूसरे मर्डर केस में हजारीबाग जेल में सजा काट रहे हैं। इस केस इन्हें उम्रकैद की सजा हुई है।