बीसीसीएल में ‘सिक्योरिटी मनी’ घोटाले का आरोप, जनता मजदूर संघ बोला- एरिया-12 बंद करने की साजिश
धनबाद के पंचेत स्थित बीसीसीएल सीवी एरिया कार्यालय के समक्ष जनता मजदूर संघ ने 16 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। संघ के महामंत्री अभिषेक सिंह ने सिक्योरिटी मनी, जमीन अधिग्रहण और आउटसोर्सिंग में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए एरिया-12 को बंद करने की साजिश का दावा किया।
धनबाद (Threesocieties.com Desk) : कोयलांचल की प्रमुख कोल कंपनी बीसीसीएल में कथित भ्रष्टाचार, सिक्योरिटी मनी घोटाले और जमीन अधिग्रहण विवाद को लेकर जनता मजदूर संघ ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। बुधवार को संघ ने बीसीसीएल के सीवी एरिया क्षेत्रीय कार्यालय बेगुनिया के समक्ष 16 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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धरना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मजदूर और संघ के पदाधिकारी शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए जनता मजदूर संघ के महामंत्री अभिषेक सिंह ने बीसीसीएल प्रबंधन और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों की लालफीताशाही के कारण एरिया का उत्पादन लगभग शून्य हो चुका है और प्रबंधन जानबूझकर एरिया-12 को बंद करने की दिशा में काम कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह फेल हो चुकी है। प्रबंधन मूल रैयतों से जमीन खरीदने के बजाय तीसरे पक्ष के माध्यम से सौदे कर रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है।
‘सिक्योरिटी मनी के नाम पर करोड़ों का खेल’
अभिषेक सिंह ने दावा किया कि बीसीसीएल में सिक्योरिटी मनी के नाम पर करोड़ों रुपये का घोटाला हुआ है। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच में कई बड़े अधिकारियों की भूमिका सामने आ रही है और कुछ अधिकारियों का जेल जाना लगभग तय माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता मजदूर संघ पहले भी कई मामलों में भ्रष्टाचार को उजागर कर चुका है, जिसके बाद कई अधिकारियों को कार्रवाई और जेल का सामना करना पड़ा था। संघ अब इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहा है।
आउटसोर्सिंग कंपनियों और अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप
सभा के दौरान अभिषेक सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ आउटसोर्सिंग कंपनियां और अधिकारी मौखिक समझौते के जरिए कंपनी में लूट मचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से कई प्रतिष्ठित कंपनियां यहां काम करने आने से बच रही हैं। संघ के नेताओं ने कहा कि जमीन विवाद और प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण कई आउटसोर्सिंग कंपनियां परियोजनाएं अधूरी छोड़कर जा चुकी हैं, जिससे उत्पादन और रोजगार दोनों प्रभावित हुए हैं।
‘मांगें नहीं मानी गईं तो होगा बड़ा आंदोलन’
जनता मजदूर संघ के क्षेत्रीय महासचिव सुभाष सिंह ने कहा कि बीसीसीएल प्रबंधन को जल्द से जल्द 16 सूत्री मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। यदि मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल की कई परियोजनाएं गलत नीतियों और भ्रष्टाचार के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। इसके साथ ही अधिकारियों की भारी कमी भी उत्पादन पर असर डाल रही है, इसलिए जल्द नई नियुक्तियां की जानी चाहिए।
कई नेताओं ने किया संबोधित
धरना सभा को केंद्रीय सचिव मृणाल कांत सिंह, क्षेत्रीय सचिव बबलू सिंह, विकास मित्र, देवाशीष मुखर्जी, ब्रह्मदेव कुमार गोप, रामदास मोदी, मुस्तकीम अंसारी, सिकंदर महतो, गौतम मंडल, मनोज कुमार दुबे, शत्रुघ्न अहीर और प्रदीप केवट समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संबोधित किया।
मजदूर नेताओं ने साफ कहा कि यदि बीसीसीएल प्रबंधन ने मजदूर हितों की अनदेखी जारी रखी तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।






