बिहार में IAS लॉबी पर बड़ा वार! रिशुश्री कनेक्शन में दो अफसर सस्पेंड, विदेश टूर-आईफोन-करोड़ों के खेल का खुलासा

बिहार के चर्चित रिशुश्री टेंडर घोटाले में बड़ा एक्शन। IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा सस्पेंड। ED और SVU जांच में विदेश यात्रा, करोड़ों की संपत्ति, महंगे गिफ्ट और टेंडर सेटिंग के गंभीर आरोप सामने आए।

बिहार में IAS लॉबी पर बड़ा वार! रिशुश्री कनेक्शन में दो अफसर सस्पेंड, विदेश टूर-आईफोन-करोड़ों के खेल का खुलासा
योगेश कुमार सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा।

पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार में चर्चित रिशुश्री टेंडर घोटाले ने अब प्रशासनिक गलियारों में बड़ा भूचाल ला दिया है। बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार और टेंडर हेरफेर के गंभीर आरोपों में दो IAS अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित अधिकारियों में 2017 बैच के IAS अधिकारी योगेश कुमार सागर और 2014 बैच की IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा शामिल हैं।

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सरकार की यह कार्रवाई विशेष निगरानी इकाई (SVU) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई है। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों अधिकारियों ने कथित तौर पर ठेकेदार रिशुश्री से अनुचित लाभ प्राप्त किए थे।

रिशुश्री कौन है और कैसे बना ‘टेंडर किंग’?

रिशु श्री उर्फ रिशु रंजन सिन्हा बिहार के सारण जिले का रहने वाला बताया जाता है। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसने पिछले कुछ वर्षों में बिहार के कई बड़े विभागों में करोड़ों के सरकारी टेंडर मैनेज कर अपनी पकड़ मजबूत की। ED की जांच में दावा किया गया है कि रिशुश्री की कंपनियां जल संसाधन, स्वास्थ्य, शहरी विकास, ग्रामीण कार्य, भवन निर्माण, शिक्षा समेत कई विभागों में ठेके और पेटी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करती थीं। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई।

IAS योगेश कुमार सागर पर क्या आरोप?

जांच एजेंसियों के अनुसार, योगेश कुमार सागर पर सबसे गंभीर आरोप विदेश यात्रा को लेकर लगे हैं। जांच में दावा किया गया कि रिशुश्री ने योगेश सागर और उनके परिवार के आठ सदस्यों की यूरोप यात्रा का पूरा खर्च उठाया। सूत्रों के मुताबिक, इस यात्रा में लगभग 21.92 लाख रुपये खर्च हुए। यात्रा के दौरान कई यूरोपीय देशों में होटल, घूमने और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च कथित रूप से रिशुश्री द्वारा वहन किया गया। योगेश कुमार सागर वर्तमान में समाज कल्याण विभाग के तहत नि:शक्तता निदेशक पद पर तैनात थे। इससे पहले वे बुडको जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

अभिलाषा शर्मा पर क्या लगे आरोप?

IAS अभिलाषा कुमारी शर्मा पर भी रिशुश्री से लाभ लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। जांच रिपोर्ट के अनुसार—  उनके घर की छत पर करीब 9 लाख रुपये का बागवानी और सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया। रिश्तेदारों की यात्राओं का खर्च उठाने के आरोप लगे। महंगे उपहार, iPhone और अन्य लग्जरी गिफ्ट देने की बात सामने आई। अभिलाषा शर्मा इससे पहले सीतामढ़ी की जिलाधिकारी रह चुकी हैं और वर्तमान में जीविका परियोजना में शीर्ष पद पर कार्यरत थीं।

रिशुश्री के ठिकानों से क्या मिला?

ED और SVU की छापेमारी में जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाले सबूत मिलने का दावा किया गया। जांच में सामने आया—

• 11.64 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए।

• 47 जमीन खरीद से जुड़े दस्तावेज मिले।

• करोड़ों रुपये के सोने, चांदी और हीरे के आभूषण मिले।

• बैंक खातों, निवेश और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच जारी है।

एजेंसियों का दावा है कि रिशुश्री ने 265 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति बनाई।

ट्रांसफर-पोस्टिंग सिंडिकेट की भी जांच

जांच एजेंसियां अब केवल टेंडर घोटाले तक सीमित नहीं हैं। आरोप है कि रिशुश्री की पकड़ ट्रांसफर-पोस्टिंग नेटवर्क तक फैली हुई थी। सूत्रों के अनुसार, कई विभागों में अधिकारियों की पोस्टिंग और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में उसकी कथित भूमिका की जांच की जा रही है।

पहले भी फंस चुके हैं बड़े अफसर

यह पहली बार नहीं है जब रिशुश्री कनेक्शन में कार्रवाई हुई हो। इससे पहले वरिष्ठ IAS अधिकारी संजीव हंस पर भी कार्रवाई हो चुकी है। अब दो और IAS अधिकारियों के निलंबन के बाद यह मामला बिहार के सबसे बड़े प्रशासनिक भ्रष्टाचार मामलों में गिना जा रहा है।

आगे क्या?

सरकारी सूत्रों का मानना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ED और SVU दोनों एजेंसियां वित्तीय लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड, संपत्ति और ट्रांसफर नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।बिहार की राजनीति और प्रशासन दोनों की नजर अब इस बात पर है कि रिशुश्री केस में अगला बड़ा खुलासा किसका होगा।