यूपी: सीबीआइ का इलिगल माइनिंग में आइएएस चंद्रकला के आवास समेत देश में 12 ठिकानों पर रेड

लखनऊ: सीबीआइ ने यूपी में माईनिंग घोटाला शनिवार में देश में 12 जगह रेड की व पर छानबीन की. सीबीआइ ने  हमीरपुर की डीएम रही व सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहने वाली आइएएस अधिकारी बी. चंद्रकला के लखनऊ में योजना भवन के पास सफायर अपार्टमेंट आवास पर भी छानबीन की. सीबीआइ इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर यूपी में माइनिंग घोटाला की जांच कर रही है. सीबीआइ की एक टीम ने लखनऊ में आइएएस चंद्रकला के आवास पर लगभग ढाई घंटा तक छानबीन की.  हलाकि बी.चंद्रकला अपने आवास में नहीं थीं. सीबीआइ बंद पड़े आवास की छानबीन के बाद एक बजे जब टीम बाहर निकली तो उसके पास काफी कागज थे. बी.चंद्रकला इसी वर्ष मई में अपने मूल कॉडर यानी उत्तर प्रदेश लौटी हैं. सीबीआइ ने बी. चन्द्रकला के लखनऊ आवास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किये हैं. अखिलेश यादव की सरकार में बी. चन्द्रकला की पोस्टिंग हमीरपुर डीएम रही थी. आरोप है कि चंद्रकला ने जुलाई 2012 के बाद हमीरपुर जिले में 50 मौरंग के माइनिंग पट्टे दिये थे. ई-टेंडर के जरिए मौरंग के पट्टों पर स्वीकृति देने का प्रावधान था लेकिन बी. चन्द्रकला ने प्रावधानों की अनदेखी की थी.  बी. चंद्रकला बेहद तेज तर्रार छवि की अफसर सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती है.चंद्रकला हमीरपुर और बुलंदशहर की डीएम रह चुकी हैं और उन पर डीएम रहते हुए इलिगल माइनिंग कराने का आरोप है. अखिलेश गर्वमेंट के कार्यकाल में इलिगल माइनिंग घोटाला हुआ था.वर्ष 2015में इसे लेकर हाइकोर्ट में एक याचिका भी दायर हुई थी जिसके बाद कोर्ट ने हमीरपुर में जारी किये हये सभी पट्टे अवैध घोषित करते हुए. कैंसिल कर जांच के आदेश दिये थे. सीबीआइ की टीम एमएलसी रमेश मिश्रा के भाई माइनिंग कंट्रेक्टर दिनेश मिश्रा के किदवई नगर के ब्लाक स्थित घर में रेड मारी. इसके बाद सीबीआइ टीम वाई ब्लॉक स्थित सपा एमएलसी रमेश मिश्रा के घर पहुंच जांच की और परिजनों से भी पूछताछ की. सीबीआइ टीम खनन कारोबारी दिनेश के घर से एक बैग, दो लिफाफों में दस्तावेज आदि ले गयी है. एफआइआर में भी बी चंद्रकला का नाम सीबीआइ दिल्ली ने प्रारंभिक जांच के बाद हमीरपुर में हुई धांधली के मामले में तत्कालीन डीएम बी.चंद्रकला, तत्कालीन माइनिंग आफिसर मोइनुद्दीन, तत्कालीन माइनिंग क्लर्क राम आसरे प्रजापति, सपा एमएलसी व हमीरपुर के खनन ठेकेदार रमेश कुमार मिश्रा तथा उनके भाई दिनेश कुमार मिश्रा, खनन ठेकेदार अंबिका तिवारी, बसपा नेता व खनन ठेकेदार संजय दीक्षित तथा उनके पिता सत्यदेव दीक्षित, जालौन के खनन ठेकेदार रामअवतार सिंह, करन सिंह व सरकारी कर्मचारी आदिल खान के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है. सीबीआइ ने पूर्व में हाई कोर्ट के आदेश पर हमीरपुर, शामली, कौशाम्बी, फतेहपुर, सहारनपुर, सिद्धार्थनगर, सहारनपुर व देवरिया में वर्ष 2012 से 2016 के बीच हुए खनन में धांधली की शिकायतों पर मार्च 2017 में सात प्रारंभिक जांच (पीई) दर्ज की थीं. आरोप था कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रतिबंध के बावजूद हमीरपुर समेत कई स्थानों पर धड़ल्ले से खनन कराया गया.