RJD की ‘मुखिया दीदी’ अब BJP के साथ! रितु जायसवाल की एंट्री से बिहार की राजनीति में बड़ा भूचाल
राजद की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और ‘मुखिया दीदी’ के नाम से चर्चित रितु जायसवाल ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है। 2025 विधानसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद RJD से नाराज चल रहीं रितु की BJP में एंट्री को बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। मिथिलांचल और महिला वोट बैंक पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
- बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर, लालू की पार्टी को तगड़ा झटका
- मिथिलांचल में BJP का बड़ा दांव: टिकट कटने का दर्द बना सियासी बगावत!
- महिला वोट बैंक पर BJP की नजर! RJD की बड़ी महिला नेता रितु जायसवाल पार्टी में शामिल
पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की राजनीति में मंगलवार को बड़ा सियासी धमाका देखने को मिला, जब राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और ‘मुखिया दीदी’ के नाम से चर्चित रितु जायसवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
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रितु जायसवाल का भाजपा में शामिल होना केवल एक राजनीतिक दल बदल नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की बदलती सियासी तस्वीर और महिला नेतृत्व के नए समीकरण के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मिथिलांचल क्षेत्र में भाजपा को इससे बड़ा फायदा मिल सकता है।
टिकट कटने के बाद बढ़ी थी नाराजगी
रितु जायसवाल लंबे समय तक RJD का प्रमुख महिला चेहरा रहीं। 2025 विधानसभा चुनाव में परिहार सीट से टिकट नहीं मिलने के बाद उनकी नाराजगी खुलकर सामने आ गई थी। पार्टी ने उनकी जगह दूसरे उम्मीदवार को मैदान में उतारा, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन करीब 64 हजार वोट हासिल कर उन्होंने यह साबित कर दिया कि इलाके में उनकी मजबूत पकड़ आज भी कायम है। उनके चुनाव लड़ने से RJD उम्मीदवार को भारी नुकसान हुआ था और पार्टी तीसरे स्थान तक खिसक गई थी। इसके बाद राजद ने अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए उन्हें छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया था।
सोशल मीडिया पोस्ट से पहले ही दे दिए थे संकेत
भाजपा में शामिल होने से पहले ही रितु जायसवाल ने सोशल media पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा कर राजनीतिक संकेत दे दिए थे। उन्होंने राजनीति को “सेवा और जिम्मेदारी” का माध्यम बताया और समर्थकों से अनावश्यक भीड़ व काफिला लेकर नहीं आने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊर्जा बचत अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि दिखावे की राजनीति से ज्यादा जरूरी जनसेवा है। इस संदेश को भाजपा के प्रति उनके झुकाव के संकेत के रूप में देखा गया था।
पंचायत से शुरू हुआ था ‘मुखिया दीदी’ का सफर
सीतामढ़ी जिले के सिंहवाहिनी पंचायत से राजनीति शुरू करने वाली रितु जायसवाल ने पंचायत स्तर पर किए गए कार्यों से राष्ट्रीय पहचान बनाई। वर्ष 2016 में मुखिया बनने के बाद उन्होंने पंचायत में विकास कार्यों को लेकर अलग पहचान बनाई। उनके काम को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली।
2017 में मिला ‘आदर्श युवा सरपंच सम्मान’
2018 में ‘चैंपियंस ऑफ चेंज’ अवॉर्ड
2019 में पंचायत को राष्ट्रीय सम्मान
ग्रामीण विकास और महिला नेतृत्व के लिए बनीं चर्चित चेहरा
इसी वजह से उन्हें बिहार में “मुखिया दीदी” के नाम से पहचान मिली।
RJD में तेजी से बढ़ा था कद
राष्ट्रीय जनता दल ने 2020 विधानसभा चुनाव में उन्हें परिहार सीट से उम्मीदवार बनाया था। चुनाव हारने के बावजूद उनके प्रदर्शन से पार्टी नेतृत्व प्रभावित हुआ और उन्हें प्रदेश प्रवक्ता के साथ महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। 2024 लोकसभा चुनाव में RJD ने उन्हें शिवहर सीट से उम्मीदवार बनाया। उन्होंने लगभग 4.74 लाख वोट हासिल किए और कड़ी टक्कर दी, हालांकि जीत नहीं सकीं। उनकी सक्रियता और महिला नेतृत्व की मजबूत छवि के कारण वह RJD के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गई थीं।
BJP को कैसे होगा फायदा?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रितु जायसवाल की भाजपा में एंट्री कई मायनों में अहम है।
BJP को इन क्षेत्रों में मिल सकता है फायदा:
मिथिलांचल क्षेत्र में मजबूत पकड़
महिला वोट बैंक में बढ़त
पंचायत स्तर के नेटवर्क का लाभ
वैश्य समाज में प्रभाव
युवा और पढ़े-लिखे वर्ग में सकारात्मक संदेश
भाजपा आने वाले विधानसभा चुनावों में उन्हें बड़ा चेहरा बना सकती है। चर्चा यह भी है कि संगठन या चुनावी राजनीति में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है।
अब तक का राजनीतिक सफर
2016: सिंहवाहिनी पंचायत की मुखिया बनीं
2017: आदर्श युवा सरपंच सम्मान
2018: चैंपियंस ऑफ चेंज अवॉर्ड
2019: पंचायत को राष्ट्रीय सम्मान
2020: RJD से विधानसभा चुनाव लड़ा
2021: महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष बनीं
2024: शिवहर लोकसभा चुनाव लड़ा
2025: निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद BJP में शामिल
बिहार की राजनीति में बढ़ेगी हलचल
रितु जायसवाल की भाजपा में एंट्री को बिहार चुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। खासकर महिला वोट बैंक और उत्तर बिहार की राजनीति में इसका असर देखने को मिल सकता है।RJD के लिए यह झटका इसलिए भी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि रितु जायसवाल पार्टी की उन महिला नेताओं में थीं, जिन्होंने पंचायत से लेकर लोकसभा तक अपनी मजबूत पहचान बनाई थी। अब उनका भाजपा में जाना आगामी चुनावों में नए राजनीतिक समीकरण तैयार कर सकता है।






