- सुपारी की राशि, आर्म्स समेत अन्य सामान बरामद
- गोतिया व संबंधियों ने पीएलएफआइ की मदद से करायी मर्डर
खूंटी: पुलिस ने खूंटी के मुरहू पुलिस स्टेशन एरिया के हेठगोवा गांव में 22 जुलाई की रात हुई बीजेपी लीडर मागो मुंडू, उनकी पत्नी लखीमुनी मुंडू व बेटे लिपिराय मुंडू की मर्डर के मामले का खुलासा कर ली है. 12 एकड़ 55 डिसमिल जमीन के विवाद में गोतिया-रिश्तेदारों ने ही उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ के सहयोग से बीजेपी लीडर, उनकी पत्नी व बेटे की मर्डर को अंजाम दिया. पुलिस ने मर्डर में शामिल चार क्रिमिनलों को अरेस्ट कर ली है. पुलिस एक वीक के अंदर इस सनसनीखेज मर्डर का खुलासा कर चार क्रिमिनलों को दबोच ली है. पुलिस ने सुपारी के लिए रखी गयी रकम, मर्डर में यूज आर्म्स समेत अन्य सामान बरामद की है. डीजीपी कमल नयन चौबे ने मर्डर केस की खुलासा करने वाली टीम को शाबाशी दी कर मर्डर केस के खुलासे की जानकारी दी. मौके पर अन्य पुलिस अफसर भी मौजूद थे.
डीआइजी ने बताया कि अब तक की जांच में मर्डर में आठ क्रिमिनल व उग्रवादियों की संलिप्त सामने आयी है. पुलिस चार क्रिमिनलों को दबोची है. पुलिस गिरफ्त में आया रोतोन मुंडू मुख्य साजिशकर्ता व मारे गये बीजेपी लीडर के गोतिया है. पुलिस रतन के भाई सुखराम मुंडू को भी दबोची है.पीएलएफआइ उग्रवादी सिरका सारूकद उर्फ सोमाय सारूकद (कातिंगकेल, मुरहू, खूंटी)व सागर मुंडा उर्फ सोमा मुंडा (इठे, मुरहू, खूंटी) को दबोची गयी है. मर्डर में शामिल चार अन्य की खोज में रेड की जा रही है. पुलिस मर्डर में यूज की गयी एक नाइन एमएम की पिस्टल, दो गोली व पांच खोखा, .315 बोर के दो कट्टा, दो गोली व एक मिसफायर गोली, टांगी, एक बाइक, एक गोली के आगे का हिस्सा, कैश पांच लाख, 795 रुपये बरामद की है. बरामद कैश मर्डर के लिए दी गयी सुपारी की राशि है.
डीआइजी ने कहा कि पुलिस द्वारा पकड़े गये दो मसगे भाई मर्डर के मुख्य साजिशकर्ता हैं. उसी गांव के रहने वाले हैं तथा बीजेपी लीडर के दो-तीन पुस्त पहले के गोतिया हैं. दोनों का अप्रत्यक्ष रूप से उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ से संबंध होने की भी पुष्टि हुई है. डीआइजी ने बताया कि इस ट्रिपल मर्डर केस में डीजीपी के आदेश पर एक पुलिस टीम बनी थी. आइजी नवीन कुमार सिंह, डीआइजी अमोल वी. होमकर व एसपी खूंटी आलोक के नेतृत्व में अनुसंधान टीम जमशेदपुर, कोडरमा व अन्य एजेंसी के सहयोग से एक सप्ताह के भीतर पूरे कांड का खुलासा कर लिया है.