आयुष्मान भारत योजना में कवर नहीं होने वाले लोगों का बीमा राज्य सरकार करायेगी
साल में दो बार 10 रुपए में धोती, लुंगी और साड़ी देने की योजना
पीपीपी मॉडल से सभी जिलों में डायलिसिस केंद्र बनेंगे, मोहल्ला क्लीनिक का विस्तार होगा
50 हजार परिवार आजीविका से जुड़ेंगे, ईको टूरिज्म के विकास पर जोर
रांची। हेमंत सोरेन गवर्नमेंट का पहला बजट मंगलवार को वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने पेश किया। 86,370 करोड़ रुपए के बजट में किसानों का लोन माफ करने के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य पर फोकस किया गया है। बजट में आठ लाख रुपए तक की सालाना आय वालों के लिए मुफ्त इलाज और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए एक लाख रुपये की सब्सिडी देने की बात कही गयी है। वित्तमंत्री ने 300 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वालों को 100 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा की है। साल में दो बार 10 रुपए में धोती, लुंगी और साड़ी देने की घोषणा की गई है। इससे प्रदेश के 57 लाख परिवार लाभान्वित होंगे।
वित्तमंत्री रामेश्वर उरांव ने मंगलवार को वित्त वर्ष 2020-21 के लिए 86,370 करोड़ रुपए का बजट विधानसभा में पेश किया। उरांव ने बजट पेश करते हुए राजस्व व्यय 73,315.94 करोड़ रुपये रखा है जबकि पूंजीगत व्यय 13,054.06 करोड़ रुपये है। प्रदेश की विकास दर आठ प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य तय किया गया है।क्षेत्रवार बजटीय आवंटन के अनुसार, सामान्य क्षेत्र को 25,047.43 करोड़ रुपए आवंटित किये गये हैं, जबकि सामाजिक क्षेत्र को 32,167.58 करोड़ रुपये और आर्थिक क्षेत्र को 29,154.99 करोड़ रुपये आवंटित किए गये हैं। सरकार ने अपने स्वयं के करों से 21,669.50 रुपये एकत्र करने का लक्ष्य रखा है, जबकि गैर-कर संग्रह 11,820.34 करोड़ रुपये आंका गया है। केंद्रीय सहायता से 15,839 करोड़ रुपए का अनुमान है जबकि केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 25,979.91 करोड़ और 11,000 करोड़ रुपए ऋण रखा गया है। सरकार का लक्ष्य अग्रिम कर संग्रह से 61.25 करोड़ रुपए जुटाने का है।
विकास दर 7.2परसेंट रहने का अनुमान
सरकार का अनुमान है कि विकास दर लगभग 7.2 प्रतिशत रहेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि 2014-15 में विकास दर 12.5 प्रतिशत थी और वित्त वर्ष 2015-16 और 2018-19 के बीच औसत विकास दर 5.7 प्रतिशत के आसपास रही। सरकार ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए स्थिर मूल्य पर 08 प्रतिशत की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) वृद्धि दर हासिल करने का लक्ष्य रखा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि जो लोग आयुष्मान भारत योजना में नहीं आते हैं, राज्य सरकार उनका पांच लाख रुपये का बीमा करायेगी। इस योजना के जरिए राज्य की 92 परसेंट आबादी स्वास्थ्य बीमा के दायरे में आ जायेगी। वित मंत्री राज्य के सभी जिलों में पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस केंद्र बनाने की घोषणा की। 300 बिस्तरों वाला कैंसर अस्पताल बनाने ल फस्ट फेज में एक साल के भीतर 100 बेड का हॉस्पीटल तैयार करने की बात कही गई है।
बेघरों के लिए अंबेडकर आवास योजना
सरकार बेघरों को आवास देने के लिए बाबा साहेब अंबेडकर योजना के तहत 5 हजार घर बनायेगी। इस योजना में वे लोग शामिल किए जायेंगे, जो पीएम आवास योजना में नहीं चुने गये थे। पीएम आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों के लिए 50 हजार रुपए की अतिरिक्त राशि दी जायेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार की योजना सभी बेघरों को पक्का मकान देते की है।
किसानों का कर्ज माफ होगा
किसानों का कर्ज माफ करने के लिए बजट में दो हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। पीएम किसान फसल योजना में बदलाव करके झारखंड राज्य किसान राहत कोष बनाया जायेगा। किसानों की उपज सुरक्षित रखने के लिए हर जिले में दो-दो कोल्ड स्टोरेज बनाए जायेंगे। पशुओं का उपचार कराने के लिए मोबाइल पशु चिकित्सा क्लिनिक की शुरुआत की जायेगी। सरकार ने किसानों के लिए धान उत्पादन एवं बाजार सुलभता नाम की नई योजना को शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए बजट में 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के बजट में किसानों और महिला स्वयं सहायता समूहों को कृषि यंत्र खरीदने के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना में संचित जल का उपयोग सिंचाई में करने के लिए पंप सेट, एचडीपीई पाइप के साथ कृषि यंत्र उपलब्ध कराये जायेंगे। 50 हजार परिवारों को आजीविका से जोड़ने और सिंचाई के लिए 300 चेक डैम पूरे करने की बात भी कही गई।
किसान राहत कोष बनेगा
प्रधानमंत्री किसान फसल बीमा योजना के स्वरूप में बदलाव किया गया है। झारखंड राज्य किसान राहत कोष बनाने के लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।पशुओं के स्वास्थ्य के लिए एंबुलेंस सुविधा के साथ उन्नत डायग्नोस्टिक एवं अन्य परीक्षण लैब स्थापित करने की योजना है।महिलाओं की आर्थिक उन्नति के लिए 90 फीसदी सब्सिडी पर दुधारू गाय वितरण योजना को एपीएल परिवार से जोड़ा जायेगा।मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए नई हैचरियों का निर्माण व मत्स्य पालक को ट्रेनिंग देने का प्रस्ताव भी किया गया है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 2.35 लाख मीट्रिक टन मत्स्य उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है।
पहली से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को स्कॉलरशिप
बजट में मुख्यमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना के लिए 30 करोड़ रु. का प्रावधान, सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे कक्षा-1 से 12 तक के सभी छात्रों को छात्रवृति दी जाएगी।आकांक्षा योजना के तहत जेईई एवं मेडिकल एग्जाम के लिए मुफ्त कोचिंग में 80 की जगह 240 विद्यार्थियों के नामांकन का प्रस्ताव, मेरिट के आधार चयन होगा।सभी जिला मुख्यालयों पर एक हाईटेक स्कूल के लिए 240 करोड़ रु. का प्रस्ताव, इसमें लैब, लाइब्रेरी, डिजिटल रूम, कंम्प्यूटर और विषय के मुताबिक शिक्षक उपलब्ध कराकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रस्ताव।शिक्षकों की समस्याओं के समाधान और नियमित मानदेय के लिए 1,660.77 करोड़ रु. का प्रस्ताव।
रसोइयों का मानदेय बढ़ा
मिड-डे मील योजना में काम करने वाले रसोइया और सहायिका का मानदेय 500 रु. प्रतिमाह से बढ़ाकर 2000 रु. करने का प्रस्ताव।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में 15 आवासीय विद्यालय भवन के लिए 65 करोड़ रु. का प्रावधान।
कक्षा 9 से 12 की छात्राओं के किताब और ड्रेस मद में 1500 रु. का इजाफा। अब 2700 रु. दिए जाएंगे। इसके लिए 100 करोड़ रु. का प्रावधान।
जनजातीय यूनिवर्सिटी बनेगी, इंजीनियरिंग कॉलेज में टीचर्स की भर्ती
राज्य में जनजातीय भाषा की समृद्धि एवं विकास के लिए जनजातीय यूनिवर्सिटी बनेगी। यूजीसी रेग्यूलेशन एक्ट 2018 लागू किया जायेगा।
विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों से संबंधित मामलों का जल्द समाधान किया जायेगा।
इंजीनियरिंग कॉलेजों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
महिला सशक्तीकरण के तहत राज्य की छात्राओं को मुफ्त तकनीकी शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराये जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
रोजगार के लिए सेंट्रल प्लेसमेंट सेल
राज्य के तकनीकी शिक्षा प्राप्त छात्रों को रोजगार दिलाने के लिए सेंट्रल प्लेसमेंट सेल का गठन किया जायेगा। स्किल डेवलपमेंट मिशन का विस्तार और इसके साथ बड़े संस्थानों को जोड़ने का प्रयास होगा। इन्हें तकनीकी और वित्तीय सहायता भी देने का प्रस्ताव है। कॉलेजों में स्नातक डिग्री पाठ्यक्रमों के माध्यम से नए वोकेशनल कोर्स प्रारंभ किए जाने का भी प्रस्ताव है।
पर्यटन से 50 हजार रोजगार का लक्ष्य
सरकार इको टूरिज्म के जरिए पर्यटन के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति और उनकी आजीविका को प्रोत्साहित करेगी। पर्यटन के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2020-21 में 50,000 रोजगार/स्वरोजगार सृजित करने का लक्ष्य है। दलमा, चांडिल, गेतलसूद, नेतरहाट, बेतला ईको टूरिज्म सर्किट के विकास के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा 52.72 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्राप्त हुई है। दुमका में म्यूजियम निर्माण कार्य को इसी साल पूरा करने की योजना है। रांची में हटिया डैम के पास स्थित पार्क को जनजातीय थीम पार्क के रूप में विकसित किया जायेगा।
पांच नये महोत्सव
सरकार पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पांच नये महोत्सव शुरू करेगी। इसमें ईटखोरी महोत्सव, वैद्यनाथ महोत्सव, लुगुबुरू महोत्सव, छऊ महोत्सव, रजरप्पा महोत्सव शामिल हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत राज्य के बीपीएल श्रेणी के बुजुर्गों को धार्मिक स्थलों की निशुल्क तीर्थ यात्रा कराने की योजना है। कैलाश मानसरोवर तीर्थ यात्रा पर जाने-वाले 8 लाख रुपये तक सालाना आय वाले 100 स्थानीय निवासियों को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर 1-1 लाख रुपए की सब्सिडी दी जायेगी। एडवेंचर टूरिज्म के क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए युवाओं को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉटर स्पोर्ट्स, गोवा की मदद से प्रशिक्षण दिलाया जायेगा।
झारखंड मुख्यमंत्री ग्रामीण परिवहन योजना शुरू होगी। शहरी क्षेत्रों के स्लम में 100 मोहल्ला क्लीनिक खुलेंगे। झारखंड में मुख्यमंत्री कैंटीन योजना की शुरुआत की जायेगी।
300 यूनिट से कम बिजली खपत करने वाले परिवारों को 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी। राज्य के गरीबों को 100 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। 11000 सोलर स्ट्रीट लाइट लगेंगे।
57 लाख परिवारों को अनुदानित दर पर खाद्यान के अतिरिक्त लुंगी, धोती एवं साड़ी। 200 करोड़ के प्रावधान। एपीएल परिवारों को भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ मिलेगा।
किसानों के कर्ज माफ करने के लिए अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना। अल्पकालीन कृषि ऋण राहत योजना के लिए 2000 करोड़ के प्रबंध किए गए हैं।
धान उत्पादन एवं बाजार सुलभता नामक नई योजना शुरू होगी।
आदिवासी बहुल इलाकों में काम करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों को 40 हज़ार रुपये अतिरिक्त प्रति माह दिए जायेंगे। अन्य डॉक्टरों को 25 हज़ार रुपये दिए जायेंगे।
बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष घोषित करने की मांग
बीजेपी एमएलए ने सदन में बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष घोषित करने की मांग की। इस पर हंगामे के चलते स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही 20 मिनट के लिए स्थगित कर दी। हंगामे के दौरान स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने बीजेपी एमएलए से सदन को चलने देने की अपील की, लेकिन जब गतिरोध नहीं सुलझा, तो कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी। स्पीकर ने सदन के गतिरोध को खत्म करने के लिए सर्वदलीय बैठक भी बुलाई।
शासन का रथ झोपड़ियों की ओर मोड़ दिया: सीएम हेमंत सोरेन
विधानसभा में बजट पेश करने के बाद हेमंत सोरेन ने कहा कि शासन का रथ अब झोपडिय़ों की ओर मोड़ दिया गया है। बजट गरीबोन्मुखी है और इसमें गरीबों के साथ-साथ किसान, महिलाएं और युवाओं को केंद्र में रखा गया है। सरकार ने अपनी प्राथमिकताएं तय कर दी हैं और इसी आधार पर आगे की गतिविधियां संचालित होंगी। हमारी कोशिश है कि राज्य में भूख से कोई न मरे और सभी को अन्न के साथ-साथ वस्त्र और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।किसानों को खुशहाल और स्वावलंबी बनाने के प्रयास भी हो रहे हैं। उनके साथ वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव और मुख्य सचिव डॉ. डीके तिवारी भी मौजूद थे। सीएम से पूर्व रामेश्वर उरांव ने पत्रकारों को बजट की खास बातें बताईं और सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। इसके बाद सीएम हेमंत सोरेन ने दावा किया कि बजट में तंत्र को जनता के प्रति जिम्मेदारी बनाने की कोशिश की गई है। राज्य में बेरोजगारों की फौज तैयार हो गई जिसे रोकने का वक्त आ गया है। झारखंड को भूख से हुई मौतों के कलंक से मुक्त कराना है।अशिक्षा के दंश से मुक्ति दिलानी है और लाइलाज मर रहे लोगों की मदद में सरकार को खड़ा होना है। गरीबों को पक्का आवास मुहैया कराने में भी सरकार प्रयासरत है। कहा कि हमारा लक्ष्य था कि गरीबों को तीन लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक मदद की जाए लेकिन पिछले पांच वर्षों में अर्थव्यवस्था का जो हाल हुआ है उसके बाद अभी इतनी मदद नहीं हो सकी है।
सरकार फिलहाल प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 50 हजार रुपये अतिरिक्त का प्रबंध कर सकी है और आनेवाले दिनों में और भी प्रबंध किया जाएगा। स्थिति सुधरते ही हम इस आंकड़े को तीन लाख रुपये तक ले जायेंगे। उन्होंने कहा कि भूख से मौत के मामलों को रोकने के लिए सरकार 377 दाल-भात केंद्र खोलने जा रही है और गरीबों के लिए धोती-साड़ी-लुंगी योजना शुरू होगी जिसके तहत साल में दो बार दस रुपये में कपड़े लिए जा सकेंगे।
400 करोड़ की विधानसभा और 700 करोड़ के हाईकोर्ट पर सोचने का वक्त
सीएम ने कहा कि जहां बेरोजगारों की फौज तेजी बढ़ रही है वहां 400 करोड़ रुपये की विधानसभा और 700 करोड़ रुपये के हाईकोर्ट भवन की कितनी आवश्यकता है। अभी सचिवालय भवन के लिए 16-17 सौ करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। मुझे तो यह अटपटा लग रहा है।