करोड़ों की ठगी केस में संजय अग्रवाल-सचिन अग्रवाल को बड़ा झटका, धनबाद कोर्ट ने फिर खारिज की जमानत
धनबाद के बहुचर्चित करोड़ों रुपये की ठगी मामले में आरोपी संजय अग्रवाल को बड़ा झटका लगा है। बैंक मोड़ थाना केस में कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है। सचिन अग्रवाल भी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
- बैंक मोड़ और गोविंदपुर थाना के मामलों में जेल में बंद हैं आरोपी
- राखी अग्रवाल को पहले मिल चुकी है जमानत
- व्यापारिक साझेदारी के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप
धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद के बहुचर्चित करोड़ों रुपये की ठगी और गबन मामले में आरोपी संजय अग्रवाल को बड़ा झटका लगा है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश (छह) की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद संजय अग्रवाल को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
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जानकारी के अनुसार, संजय अग्रवाल बैंक मोड़ थाना में दर्ज 141 करोड़ रुपये ठगी मामले में गिरफ्तार किए गए थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। बाद में गोविंदपुर थाना क्षेत्र से जुड़े दूसरे मामले में उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई और फिर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी गोविंदपुर थाना से जुड़े मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी। अब बैंक मोड़ थाना केस में भी अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद उनकी कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास कुमार भुवानिया ने अदालत में पक्ष रखा। बचाव पक्ष से मुख्तार अहमद ने बहस किया।अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत अर्जी खारिज करने का आदेश दिया। इस बहुचर्चित मामले में अन्य आरोपी राखी अग्रवाल को पहले ही अदालत से जमानत मिल चुकी है। हालांकि, मामले के अन्य प्रमुख आरोपी संजय अग्रवाल और सचिन अग्रवाल अभी भी न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।
पुलिस के अनुसार, यह मामला व्यापारिक साझेदारी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी और गबन से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि निवेश और व्यापारिक संबंधों का भरोसा दिलाकर कई लोगों से बड़ी रकम ली गई और बाद में कथित तौर पर धोखाधड़ी की गई। पुलिस इस मामले में लगातार जांच कर रही है। जांच एजेंसियां अन्य आरोपियों की भूमिका, वित्तीय लेनदेन और संभावित नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। धनबाद में यह मामला लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है और कोर्ट के इस फैसले को जांच एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






