- पुलिस ने कोर्ट से अनंत सिंह के तीन दिनों की रिमांड मांगी है
- अनंत के एडवोकेट ने पूछताछ के दौरान पूरे समय वीडियोग्राफी कराने की मांग की
पटना:पटना पुलिस ने मोकामा के बाहुबली निर्दलीय एमएलए अनंत सिंह पूछताछ के लिए तीन दिनों की रिमांड मांगी है. एके-47 और हैंड ग्रेनेड की बरामदगी के मामले से संबंधित केस की आइओ सह बाढ़ एएसपी लिपि सिंह ने अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) कुमार माधवेंद्र की अदालत में बेउर जेल में बंद मोकामा एमएलए अनंत सिंह को पुलिस रिमांड पर लेने की अर्जी दायर की.एमएलए के एडवोकेट ने पुलिस की अरजी का कोर्ट में पुरजोर विरोध किया.कोर्ट ने दो पालियों में हुई सुनवाई के बाद पुलिस रिमांड पर फैसला सुरक्षित रख लिया.संभवना है कि गुरुवार को मामले में कोर्ट अपना फैसला सुनायेगी. पुलिस अनंत सिंह के घर से बरामद ग्रेनेड की जांच एफएसएल से करायेगी.बाढ़ पुलिस की एक टीम ने बेली रोड स्थित पटेल भवन, पुलिस मुख्यालय की फोरेंसिक लैब (FSL) को जांच के लिए बुधवार को ग्रेनेड सौंप दिया.फोरेंसिक लैब की टीम इसकी जांच करेगी कि ग्रेनेड में कौन-सा विस्फोटक भरा है? इसका इस्तेमाल कौन करता है? ग्रेनेड कहां का बना है? रिपोर्ट मिलने के बाद इस संबंध में पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी.
कोर्ट में अनंत के पुलिस रिमांड पर देने की अरजी पर दोपहर 12 बजे से पहली सुनवाई शुरू में एमएलए के अधिवक्ता ने पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि मेरे मुवक्किल को पुलिस हिरासत में जान का खतरा है.उन्हें पटना पुलिस के हवाले नहीं किया जाए. दिल्ली से पटना लाने से पहले पुलिस ने उनसे घंटों पूछताछ की थी. अब दोबारा पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ करने का कोई औचित्य नहीं है. वैसे भी एमएलए की तबीयत खराब है. अगर उनसे किसी तरह का भी सवाल-जवाब किया जाता है तो अधिवक्ता को साथ रहने की अनुमति दी जाए. पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराई जाये.अनंत सिंह से मजिस्ट्रेट की उपस्थिति पूछताछ हो, ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे.
पुलिस की ओर से अभियोजन पदाधिकारी सुनील कुमार कंधवे ने कहा कि पुलिस रिमांड में कानून का पालन होना चाहिए.पुलिस हर पहलू पर जांच करने के लिए स्वतंत्र है.इससे उसे वंचित नहीं रखा जा सकता है.कानून सबके लिए समान है,चाहे वो सामान्य व्यक्ति हो या वीआइपी.दोनों में कोई अंतर नहीं है.दूसरी पाली में कोर्ट की कार्यवाही एक घंटे तक चली.बहस के बाद कोर्ट ने अनंत सिंह की ओर से पूछताछ के दौरान साथ रहने वाले अधिवक्ता का नाम मांगा.कोर्ट में लिखित में रजनीश कुमार का नाम दिया गया.
उल्लेखनीय है कि अनंत सिंह के लदमा स्थित पैतृक घर से पुलिस 16 अगस्त को एके-47, हैंड ग्रैनेड व कारतूस जब्त की थी.अनंत सिंह मामले में फरार चल रहे थे.पिछले शुक्रवार को अनंत ने दिल्ली साकेत कोर्ट में सरेंडर किया था. पटना पुलिस दिल्ली से अनंत को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर रविवार को बाढ़ कोर्ट में पेश की थी.बाढ़ कोर्ट में पेशी के बाद अनंत को ज्यूडिशियल कस्टडी में बेउर जेल भेज दिया गया है.
लोकसभा और राज्यसभा के महासचिव को एएसपी लिपी सिंह व एमपी आरसीपी सिंह की कंपलेन
अनंत के वकील ने चिट्ठी भेज कार्रवाई की मांग की
पटना:मोकामा एमएलए अनंत सिंह के एडवोकेट ज्ञानेश्वर मिश्रा ने लोकसभा और राज्यसभा के सेक्रेटरी जेनरल को पत्र लिखकर जेडीयू सांसद आरसीपी सिंह और बाढ़ की एएसपी लिपि सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.
पत्र में कहा गया है कि अनंत सिंह के दिल्ली केसाकेत कोर्ट में सरेंडर किये जाने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर लेने के लिए दिल्ली पहुंची बाढ़ की एएसपी लिपि सिंह ने जेडीयू एमएलसी रणवीर नंदन की गाड़ी से कोर्ट पहुंची थी.
अधिवक्ता ज्ञानेश्वर मिश्रा ने लोकसभा और राज्यसभा के सेक्रेटरी जेनरल को पत्र भेजकर एमपी कार पार्किंग लेबल और कार (टाटा सफारी) का कथित दुरुपयोग करने के मामले में लापरवाही की जांच की मांग की है.उन्होंने आरोप लगाया है कि बिहार के BR01PF1341 नंबर की टाटा सफारी स्टॉर्म जेडीयू एमएलसी डॉ रणवीर नंदन की है.यह गाड़ी सांसद की नहीं हैं.इसके बावजूद लोकसभा और राज्यसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए एमपी कार पार्किंग लेबल लगा हुआ है.
अपने पत्र में उन्होंने लोकसभा और राज्यसभा की वेबसाइट पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया है. साथ ही कहा है कि यह संबंधित सांसद और संबंधित अधिकारी के अनैतिक और अवांछित दृष्टिकोण को इंगित करता है.उन्होंने ने मामले की जांच और संसद सदस्य के खिलाफ उचित कार्रवाई की अपील की है.साथ ही ड्यूटी पर तैनात बाढ़ की एएसपी लिपि सिंह पर भी सेवा नियम का उल्लंघन किये जाने पर कार्रवाई की मांग की है.
बेऊर जेल की निगरानी बढ़ी, फोटो खिंचवाने के बाद ही मुलाकाती
पटना:अनंत सिंह को जेल जाने के बाद पुलिस उनके समर्थकों पर प्रेशर बना रखी है. पटना पुलिस की एक टीम बेउर जेल के पास लगातार निगरानी कर रहीहै. पुलिस विशेषकर अनंत समर्थकों पर नजर टेढ़ी कर रखी है. बाढ़ से लेकर पटना तक पुलिस खोज-खोजकर अनंत समर्थकों को परेशान कर रही है.जेल भेजने की धमकी दी जा रही है. पुलिस की भय से कोई शुभचंतिक या परिचित एमएलए अनंत सिंह से बेउर में मिलने के लिए नहीं जा रहे हैं.पुलिस के एक अफसर जेल मैनेजमेंट पर भी प्रेशर बना रखा है जेल में अनंत सिंह का व्यवहार सामान्य कैदियों की तरह है.वह अलग से व एमएलए होने के नाते कुछ डिमांड भी नहीं कर रहे हैं.
बेऊर जेल में बंद कैदियों से मिलने वाले लोगों और बंद कैदियों के बारे में एनाउंसमेंट किया जा रहा था.जेल प्रशासन की ओर से किये जा रहे एनाउंसमेंट के अनुसार जेल के अंदर जाने वाले लोगों को आइडी प्रूफ से लेकर क्या-क्या नियम के पालन करने हैं, सबके बारे में जानकारी दी जा रही थी. बताया जाता है कि अनंत सिंह के समर्थकों ने कई बार मिलने की कोशिश की, लेकिन सख्ती के नियमों को सुन वे लोग वहां से लौट जा रहे हैं.
बेउर जेल में एमएलए अनंत सिंह के आने के बाद से सख्ती व निगरानी बढ़ गयी है.बुधवार को भी जेल में सख्ती का आलम यह रहा कि मेन गेट पर लगने वाली भीड़ को हटा दिया गया. बंदियों से मिलने पहुंचे लोगों को जेल परिसर में लगे छोटे गेट पर ही रोक दिया गया. मिलने वाले लोगों का कहना है कि विधायक के आने के बाद मिलने में मुश्किलें और बढ़ गयी हैं. कड़ी धूप में लाइन में लगे महिला-पुरुषों कोअंदर प्रवेश करने के पहले ही मेन गेट पर ही पुलिसकर्मी पूरा ब्योरा ले रहे हैं. पुलिस लोगों पर कड़ाई से पेश आ रही है.