उत्तर प्रदेश: पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की जमानत पर सुनवाई टली, कोर्ट ने छह जनवरी की तय की अगली तारीख
पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका पर देवरिया कोर्ट में सुनवाई टल गई है। औद्योगिक प्लॉट आवंटन मामले में 10 दिसंबर से जेल में बंद ठाकुर की जमानत पर अब 6 जनवरी को अगली सुनवाई होगी।
- बचाव पक्ष ने बहस के लिए और समय मांगा
- विवेचक को ठोस दस्तावेजी साक्ष्य नहीं मिले
देवरिया। औद्योगिक प्लॉट आवंटन से जुड़े एक मामले में 10 दिसंबर से जेल में बंद पूर्व भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी अमिताभ ठाकुर की जमानत याचिका पर शनिवार को भी सुनवाई नहीं हो सकी। देवरिया स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी की अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र पर बहस के लिए बचाव पक्ष ने समय की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 6 जनवरी निर्धारित कर दी।
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शनिवार दोपहर करीब 12.30 बजे पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच वज्र वाहन से अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने अभियोजन पक्ष और विवेचक से यह स्पष्ट रूप से पूछा कि क्या अब तक मामले में कोई ठोस दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध हुआ है। इस पर विवेचक ने अदालत को बताया कि अभी तक कोई दस्तावेजी साक्ष्य प्राप्त नहीं हुआ है, हालांकि वादी और उसके गवाहों के बयान केस डायरी में दर्ज कर लिए गए हैं।
इस पर कोर्ट ने संकेत दिया कि वह आज ही जमानत प्रार्थना पत्र का निस्तारण कर सकती हैं। यह सुनते ही आरोपित अमिताभ ठाकुर ने अदालत से अनुरोध किया कि पहले न्यायिक रिमांड पर आदेश पारित किया जाए, उसके बाद जमानत याचिका पर निर्णय लिया जाए। हालांकि न्यायालय ने इस तर्क से असहमति जताई।
इसके बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत प्रार्थना पत्र पर बहस के लिए और समय की मांग करते हुए कहा कि वे न्यायालय के समक्ष कुछ और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करना चाहते हैं। इस स्थिति को देखते हुए अदालत ने जमानत पर सुनवाई स्थगित कर दी और अगली तिथि 6 जनवरी तय कर दी।
इसी दौरान पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने अदालत को यह भी जानकारी दी कि उन्होंने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया है। मामले की अगली सुनवाई पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, जहां जमानत याचिका पर विस्तार से बहस होने की संभावना है।






