उत्तर प्रदेश: स्टेट अब सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर पांच सौ रुपया जुर्माना, 18 साल से ऊपर के लोगों का कोविड टीकाकरण फ्री

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण में हो रही तेजी से बढ़तोरी को देखते हुए योगी आदित्यनाथ गवर्नमेंट ने महामारी अधिनियम-2020 में बड़ा संशोधन किया है। अब स्टेट में सोशल डिस्टैंसिंग का पालन नहीं करने, किसी के भी बिना मास्क के मिलने पर एक हजार और पब्लिक प्लेस पर थूकने पर पांच सौ रुपया जुर्माना लगाया जायेगा।

उत्तर प्रदेश: स्टेट अब सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर पांच सौ रुपया जुर्माना, 18 साल से ऊपर के लोगों का कोविड टीकाकरण फ्री
  • अब मास्क नहीं पहनने व फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने, पब्लिक प्लेस पर थूकने पर फाइन
  • बिना मास्क पकड़े जाने पर 1000 रुपया जुर्माना 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण में हो रही तेजी से बढ़तोरी को देखते हुए योगी आदित्यनाथ गवर्नमेंट ने महामारी अधिनियम-2020 में बड़ा संशोधन किया है। अब स्टेट में सोशल डिस्टैंसिंग का पालन नहीं करने, किसी के भी बिना मास्क के मिलने पर एक हजार और पब्लिक प्लेस पर थूकने पर पांच सौ रुपया जुर्माना लगाया जायेगा।

स्टेट में कोरोना महामारी अधिनियम-2020 में आठवां संशोधन किया गया है। अब इसके तहत अब बिना मास्क पकड़े जाने पर 1000 रुपया फाइन लगेगा। वहीं दोबारा बिना मास्क के पाये जाने पर 10 हजार रुपये फाइन देना होगा। पब्लिक प्लेस पर थूकने पर 500 रुपया का जुर्माना भरना पड़ेगा।महामारी अधिनियम में संशोधन कर सभी मामलों में जुर्माना लगाने की शक्ति, संबंधित न्यायालय या कार्यपालक मजिस्ट्रेट या ऐसे पुलिस अफसर, जो चालान करने वाले पुलिस अफसर की कटेगरी से ऊपर का हो लेकिन इंस्पेक्टर की कटेगरी से नीचे का न हो, में निहित होगी। 
कैबिनेट का फैसला: 18 साल से ऊपर का कोविड टीकाकरण फ्री 
योगी कैबिनेट ने फैसला लिया है कि एक मई से 18 साल से ऊपर के लोगों को लगने वाली वैक्सीन यूपी में फ्री लगाई जायेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए पीएम नरेन्द्र मोदी का आभार भी जताया है। उन्होंने कहा कि कोविड पेसेंट के एडमिट करने की प्रक्रिया सरल होगी, जिससे उन्हें जल्द ही चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। महाराष्ट्र और नई दिल्ली से यूपी आ रहे प्रवासियों को को घर पहुंचाने के लिए व्यवस्था वाले सवाल पर सीएम ने कहा कि प्रदेश में आ रहे सभी प्रवासियों की जांच कराई जायेगी। संक्रमित मिलने पर होम क्वारंटीन भी किया जाएगा। यूपी सरकार ने प्रवासियों के इलाज की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी जिलों के प्रभारी मंत्री को दी है।