IIT ISM में STEM की उड़ान: BCCL की पहल से 550 सरकारी स्कूलों के बच्चों ने देखा टेक्नोलॉजी का भविष्य

धनबाद में BCCL की CSR पहल के तहत IIT (ISM) में आयोजित STEM एजुकेशन वर्कशॉप में 550 से अधिक सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। रोबोटिक्स, इनोवेशन, डिजिटल लर्निंग और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में BCCL CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने विकसित भारत 2047 के विजन पर जोर दिया।

IIT ISM में STEM की उड़ान: BCCL की पहल से 550 सरकारी स्कूलों के बच्चों ने देखा टेक्नोलॉजी का भविष्य
BCCL की CSR पहल बनी उम्मीद।

  •  IIT (ISM) में 550 छात्रों के लिए STEM वर्कशॉप, रोबोटिक्स से इनोवेशन तक मिला अनुभव
  • IIT (ISM) पहुंचकर सरकारी स्कूलों के बच्चों ने सीखी रोबोटिक्स और इनोवेशन
  • BCCL की CSR पहल बनी उम्मीद, IIT (ISM) में PAF और वंचित बच्चों को मिला STEM शिक्षा का बड़ा मंच

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयलांचल की धरती पर शिक्षा और तकनीक के संगम का एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की CSR पहल के तहत IIT (ISM) धनबाद के पेनमैन ऑडिटोरियम में एक दिवसीय STEM एजुकेशन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में प्रोजेक्ट अफेक्टेड पर्सन (PAP) परिवारों और वंचित वर्ग के 550 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लेकर विज्ञान, तकनीक और नवाचार की दुनिया को करीब से जाना।

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“लॉजिकल, डिजिटल एवं एक्सपेरिमेंटल लर्निंग एप्रोच के माध्यम से PAP एवं वंचित विद्यार्थियों के बीच STEM शिक्षा को बढ़ावा” थीम पर आयोजित यह कार्यक्रम सिर्फ एक कार्यशाला नहीं बल्कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए भविष्य की नई संभावनाओं का द्वार साबित हुआ।

विकसित भारत 2047 के सपने को STEM देगा गति: CMD मनोज कुमार अग्रवाल

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि BCCL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में STEM आधारित शिक्षा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विज्ञान और तकनीक आधारित शिक्षा बच्चों को केवल ज्ञान नहीं बल्कि भविष्य निर्माण की क्षमता भी देती है। उन्होंने IIT (ISM) के प्रो. रश्मि सिंह और प्रो. नीलाद्री दास के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अब IIT (ISM) की पहुंच केवल कैंपस तक सीमित नहीं है बल्कि यह सरकारी स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक भी पहुंच रही है।

“गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सिर्फ प्राइवेट स्कूलों तक सीमित नहीं होनी चाहिए”

IIT (ISM) के उपनिदेशक प्रो. धीरज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि STEM शिक्षा बच्चों के भीतर आइडिएशन, इनोवेशन और इन्क्यूबेशन की सोच विकसित करती है। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा सभी बच्चों तक पहुंचनी चाहिए, चाहे वे किसी भी सामाजिक या आर्थिक पृष्ठभूमि से आते हों। उन्होंने BCCL के सहयोग से चयनित सरकारी स्कूलों में टिंकरिंग लैब स्थापित करने का सुझाव भी रखा, ताकि विद्यार्थियों को प्रायोगिक शिक्षा का स्थायी मंच मिल सके।

सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए बड़ा अवसर

जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा ने कहा कि STEM शिक्षा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तार्किक क्षमता और समस्या समाधान कौशल विकसित करती है। उन्होंने इस संयुक्त पहल को सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए “बड़ी उपलब्धि” बताया।

रोबोटिक्स लैब से जियोलॉजिकल म्यूजियम तक, विद्यार्थियों ने किया टेक्नोलॉजी का अनुभव

उद्घाटन सत्र के बाद विद्यार्थियों को IIT (ISM) परिसर के विभिन्न अत्याधुनिक केंद्रों का भ्रमण कराया गया। इसमें शामिल रहे—

• टेक्समिन इनोवेशन हब
• रोबोटिक्स लैब
• जियोलॉजिकल म्यूजियम
• अटल कम्युनिटी इनोवेशन सेंटर (ACIC)
• सेंट्रल लाइब्रेरी
• स्टूडेंट एक्टिविटी सेंटर

इस दौरान विद्यार्थियों ने इंटरैक्टिव सेशन, प्रायोगिक गतिविधियों और तकनीकी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित भी किया गया।

2021 से जारी है मिशन STEM

कार्यक्रम समन्वयक प्रो. रश्मि सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 से चल रही इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों को तार्किक, डिजिटल और प्रयोगात्मक शिक्षा से जोड़ना है। वहीं प्रो. नीलाद्री दास ने समावेशी शिक्षा को IIT (ISM) की प्राथमिकता बताया।

शिक्षा से बदलाव की नई उम्मीद

BCCL की यह CSR पहल सिर्फ एक कार्यशाला नहीं बल्कि यह संदेश भी है कि यदि उद्योग, शैक्षणिक संस्थान और प्रशासन मिलकर काम करें तो सरकारी स्कूलों के बच्चों तक भी विश्वस्तरीय शिक्षा और तकनीक पहुंच सकती है। यह आयोजन यह साबित करता है कि भविष्य की तैयारी सिर्फ किताबों से नहीं, बल्कि प्रयोग, तकनीक और नवाचार से होती है।