नई दिल्ली: कांग्रेस के अशोक तंवर ,कीर्ति आजाद व JDU के पवन वर्मा TMC में शामिल, BJP के खिलाफ ममता की मोर्चाबंदी

कांग्रेस नेता लीडर आजाद और अशोक तंवर के साथ जेडीयू पवन वर्मा मंगलवार को त्रिणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये। पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी दिल्ली में इन नेताओं को TMC की सदस्यता दिलाई। ममता पहले 24 नवंबर को ममता PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। 

नई दिल्ली: कांग्रेस के अशोक तंवर ,कीर्ति आजाद व JDU के पवन वर्मा TMC में शामिल, BJP के खिलाफ ममता की मोर्चाबंदी

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  • ममता बोलीं- राम राम, बीजेपी को हराने का दिया नारा

नई दिल्ली। कांग्रेस नेता लीडर आजाद और अशोक तंवर के साथ जेडीयू पवन वर्मा मंगलवार को त्रिणमूल कांग्रेस में शामिल हो गये। पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी दिल्ली में इन नेताओं को TMC की सदस्यता दिलाई। ममता पहले 24 नवंबर को ममता PM नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। 

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मौके पर ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी को हराना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। ममता बनर्जी ने इस दौरान बीजेपी को हराने का मंत्र देते हुए कहा कि 'मैं हरियाणा जाना चाहती हूं। मैं वहां जल्दी जाऊंगी...टीएमसी ज्वाइन करने वाले अशोक तंवर ने मुझे निमंत्रण दिया है। बीजेपी को हराना हमारी प्रथामिकता है...जय हिन्दुस्तान, जय हरियाणा, जय बंगाल, जय गोवा...राम राम!'

हरियाणा के अशोक तंवर 
अशोक तंवर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रह चुके हैं। हरियाणा के सिरसा लोकसभा सीट से एमपी रह चुके हैं। तवंर ने वर्ष 2019 में कांग्रेस पार्टी को अलविदा कहा था। उन्होंने 'अपना भारत मोर्चा' बनाया। हरियाणा के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अशोक तंवर के बीच कड़वे रिश्तों की वजह से ही उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कहा था। हरियाणा के एक्स कांग्रेसी नेता अशोक तंवर ने TMC की सदस्यता ग्रहण की है। तंवर कभी कांग्रेस एमपी राहुल गांधी के करीबियों में गिने जाते थे। वह हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। हालांकि पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे में पैसे लेने के आरोपों के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के साथ तल्खी भी उनके कांग्रेस छोड़ने की बड़ी वजह रही।तंवर ने टीएमसी में जाने के बाद कहा कि मुझे कोई परेशानी नहीं है, देश परेशान है। ममता के अलावा कोई नहीं है जो बीजेपी को चुनौती दे सकता है। ममता के अलावा कोई नहीं है जो बीजेपी को चुनौती दे सके।

बिहार के कीर्ति आजाद 
कीर्ति आजाद ने कहा कि BJP लोगों को बांटने की राजनीति करती है। बिहार के एक्स सीएम भागवता झा आजाद के बेटे कीर्ति आजाद दरभंगा से तीन बार एमपी रह चुके हैं। साल 2019 में कीर्ति आजाद ने कांग्रेस ज्वाइन किया था।क्रिकेटर से राजनेता बने कीर्ति आजाद को साल 2015 में बीजेपी में सस्पेंड कर दिया गया था। कीर्ति आजाद ने तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली पर दिल्ली क्रिकेट एसोसिएशन में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था। आजाद पिछले लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने धनबाद लोकसभा सीट से चुनाव भी लड़ा, लेकिन जमानत जब्त करवा बैठे थे। इससे पहले बीजेपी से दो-दो बार दरभंगा से एमपी रह चुके हैं। कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद, बहू स्वस्तिका आजाद और बेटे सौम्या आजाद के साथ पार्टी ज्वाइन की है। 
JDU के बड़े नेता पवन वर्मा 
पवन वर्मा भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी रहे हैं। वे सीएम नीतीश कुमार के सलाहकार की भूमिका में भी रहे थे। नीतीश कुमार से करीबी के कारण उन्हें 2014 में राज्यसभा सदस्य बनाया गया था। वे 2016 तक जेडीयू के राज्यसभा सदस्य रहे। जब जेडीयू और बीजेपी की करीबी हुई तो पवन वर्मा ने इसका विरोध किया था। नीतीश कुमार को उन्होंने पत्र लिखकर इससे रोका था। उसके बाद से पार्टी से उनकी दूरी बढ़ने लगी थी। काफी दिनों तक साइडलाइन रहने के बाद पवन वर्मा ने टीएमसी का दामन थामा है। पवन वर्मा ने तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद  कहा- पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के काम को देखते हुए मैंने TMC में शामिल होने का फैसला लिया है। 2024 में एक मजबूत सरकार की जरूरत है, इसलिए मैं TMC के साथ काम करूंगा। पवन वर्मा CM नीतीश कुमार के सलाहकार भी रह चुके हैं। 2020 में उन्हें पार्टी लाइन से हटकर बयानबाजी करने के आरोप में JDU से निकाल दिया गया था। ममता बनर्जी के इस कदम को बिहार में TMC को मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
BJP के खिलाफ एकजुट हो रही TMC
ममता बनर्जी देशभर में पार्टी को मजबूत करने के लिए कांग्रेस और भाजपा से नाराज चल रहे नेताओं को एक मंच पर ला रही हैं। मशहूर लेखक जावेद अख्तर और बीजेपी लीडर लालकृष्ण आडवाणी के करीबी रहे सुधींद्र कुलकर्णी ने भी दिल्ली में मंगलवार ममता से मुलाकात की।
कांग्रेस के कई लीडर पहले ही आ चुके हैं TMC में
TMC जॉइन करने वाले अन्य प्रमुख कांग्रेस नेताओं में महिला कांग्रेस अध्यक्ष रहीं सुष्मिता देव, गोवा के एक्स सीएम लुईजिन्हो फलेरियो, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी और कांग्रेस के सीनियर नेता रहे कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र ललितेश पति त्रिपाठी का नाम शामिल है। टीएमसी ने सुष्मिता और फलेरियो को TMC ने राज्यसभा एमपी बनाया है।
दलबदलू भी टीएमसी को मान रहे सुरक्षित ठिकाना 
बंगाल, असम, गोवा, त्रिपुरा, मेघालय और उत्तर प्रदेश के बाद अब टीएमसी बिहार के भी कांग्रेस नेताओं को भी गले लगा रही है। कांग्रेस के अलावा दूसरी सियासी पार्टियों के दलबदलू भी टीएमसी को सुरक्षित ठिकाना मान रहे हैं। राजधानी दिल्ली की यात्रा पर आई ममता की मंगलवार को दलबदलुओं से हुई मुलाकातों से विपक्षी खेमे में गहमागहमी बढ़ गई। 

अधीर रंजन चौधरी का ममता पर हमला

संसद के पिछले मानसून सत्र के दौरान दीदी की ओर से विपक्षी एकजुटता की मुखर पैरोकारी के बाद कई राज्यों में कांग्रेस नेताओं को तोड़ने पर अधीर रंजन चौधरी का धैर्य जवाब दे गया। अधीर ने दीदी पर हमला करते हुए कहा कि वे पीएम मोदी से मिल कर कांग्रेस तोड़ने का काम कर रही हैं। पीएम कांग्रेस मुक्त भारत की बात करते हैं और ममता भी यही सोच रखती हैं। अधीर ने आरोप लगाया कि ईडी ने जिस दिन उनके भतीजे अभिषेक को पूछताछ के लिए बुलाया तब से ही दीदी कांग्रेस को तोड़ने में जुटी हैं। विपक्ष की अगुआई की दीदी की महत्वाकांक्षा पर निशाना साधते हुए अधीर ने कहा कि सोनिया गांधी के नेतृत्व में ही विपक्ष की राजनीति आगे बढ़ेगी। अधीर के गुस्से की वजह केवल कीर्ति ही नहीं है। हाल ही में राहुल गांधी की युवा बिग्रेड की प्रमुख सदस्य सुस्मिता देव और गोवा के पूर्व सीएम लुइजिनो फेलेरियो को टीएमसी में शामिल कर राज्यसभा सीट का इनाम देने से भी वे आहत हैं।

कांग्रेस ने उठाया सवाल

पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा इस सेंधमारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि गोवा में बीजेपी की सरकार है, मगर लोग निशाना कांग्रेस पर साध रहे हैं। इससे ही उनकी नीयत के बारे में समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जिन्हें संघर्ष के बजाय सत्ता चाहिए वे जाना चाहते हैं तो जाएं।