नासिक TCS केस: मास्टरमाइंड को बड़ा झटका: HR मैनेजर निदा खान की अग्रिम जमानत खारिज, पुलिस जांच तेज
नासिक TCS धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में HR मैनेजर निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज, कोर्ट का बड़ा फैसला। महिला आयोग ने भी जांच तेज की।
HighLights
- नासिक TCS धर्मांतरण मामले में कोर्ट का अहम फैसला
- अगली सुनवाई 27 अप्रैल को तय
- राष्ट्रीय महिला आयोग ने बनाई जांच समिति
मुंबई (Threesocieties.com Desk): महाराष्ट्र के नासिक जिले में टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) से जुड़े कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में मुख्य आरोपी HR मैनेजर निदा खान को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है और किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है।
नासिक रोड कोर्ट में डिस्ट्रिक्ट जज केजी जोशी की बेंच ने सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को होगी।
मेडिकल आधार पर भी नहीं मिली राहत
सुनवाई के दौरान निदा खान के वकील ने उनकी गर्भावस्था का हवाला देते हुए जमानत की मांग की। हालांकि, सरकारी पक्ष ने इस दलील का कड़ा विरोध किया। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि फिलहाल अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।
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राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) भी सक्रिय हो गया है। आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर राहतकर ने बताया कि एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी का गठन किया गया है, जो पिछले दो दिनों से नासिक में जांच कर रही है। समिति ने पुलिस अधिकारियों, पीड़ित महिलाओं, उनके परिवारों और कंपनी प्रबंधन से बातचीत करने की कोशिश की है। आयोग ने इस टीम को 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद तब सामने आया जब TCS नासिक ब्रांच में काम करने वाली एक महिला ने अपने सहकर्मी दानिश शेख पर गंभीर आरोप लगाए। महिला का कहना है कि दानिश ने शादी का झूठा वादा कर उसके साथ संबंध बनाए, जबकि वह पहले से शादीशुदा था।पुलिस जांच में सामने आया कि निदा खान, दानिश शेख की बहन है। आरोप है कि उसने पीड़िता के धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया।
मामले में एफआइआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने अब तक इस मामले में लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम दानिश शेख, तौसीफ अत्तार, रज़ा मेमन, शाहरुख कुरैशी, शफ़ी शेख, आसिफ आफ़ताब अंसारी और सिस्टेंट जनरल मैनेजर Ashwini Ashok Chainani है। मास्टरमाइंड निदा खान को ‘लेडी कैप्टन’ कहा जा रहा है। वह फरार चल रही है। आरोप है कि उन्होंने महिलाओं से दोस्ती की, उन्हें सहज महसूस कराया और फिर धीरे-धीरे उन्हें नमाज पढ़ने और हिजाब पहनने के लिए प्रेरित किया।
सात और महिलाएं आईं सामने
जांच के दौरान सात अन्य महिलाओं ने भी सामने आकर मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। इन महिलाओं का कहना है कि उन्होंने HR विभाग में शिकायत भी की थी, लेकिन उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की हैं, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
जांच तेज, बढ़ सकती हैं मुश्किलें
पुलिस और महिला आयोग की संयुक्त सक्रियता से इस मामले में आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। निदा खान की जमानत खारिज होने के बाद अब जांच एजेंसियों का शिकंजा और कस सकता है।






