झारखंड में ट्रेजरी घोटाले पर बड़ा एक्शन: 5 साल से जमे पुलिस लेखापाल हटेंगे, CID जांच से मचेगा हड़कंप

झारखंड में ट्रेजरी घोटाले के बाद सरकार सख्त, 5 साल से एक ही जगह जमे पुलिस लेखापालों का तबादला तय। सीएम हेमंत सोरेन ने CID जांच को दी मंजूरी, SIT गठन जल्द।

झारखंड में ट्रेजरी घोटाले पर बड़ा एक्शन: 5 साल से जमे पुलिस लेखापाल हटेंगे, CID जांच से मचेगा हड़कंप
झारखंड में ट्रेजरी घोटाले पर सरकार का बड़ा प्रहार।

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड में ट्रेजरी (कोषागार) से वेतन के नाम पर करोड़ों की अवैध निकासी के खुलासे के बाद सरकार अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री Hemant Soren ने इस पूरे मामले की CID जांच को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद राज्यभर में हड़कंप मच गया है।

यह भी पढ़ें: धनबाद में CISF का बड़ा एक्शन: BCCL से 3 इंस्पेक्टर समेत 9 जवान ट्रांसफर, भ्रष्टाचार जांच के बीच कड़ा फैसला

पांच साल से जमे पुलिस लेखापाल हटेंगे

सरकार ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि पांच साल या उससे अधिक समय से एक ही जिले में तैनात पुलिस लेखापालों को तत्काल हटाया जाए। ऐसे कर्मियों की सूची सभी जिलों से मांगी गई है।ट्रांसफर के बाद उन्हें लेखा कार्य नहीं दिया जाएगा।
उद्देश्य: लंबे समय से बने नेटवर्क और गड़बड़ियों पर रोक

यह फैसला हाल ही में सामने आए वेतन निकासी घोटालों और वित्तीय अनियमितताओं के मद्देनजर लिया गया है।

इन जिलों में सामने आए मामले

अब तक बोकारो, हजारीबाग और गढ़वा जिलों में ट्रेजरी से संदिग्ध निकासी के मामले उजागर हो चुके हैं। हालांकि सरकार को आशंका है कि यह खेल पूरे राज्य में फैला हो सकता है।

मंत्री राधाकृष्ण किशोर के सख्त निर्देश

वित्त मंत्री Radhakrishna Kishore ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि:

ऐसे सभी लेखापालों की पहचान कर तुरंत कार्रवाई की जाए
प्रक्रिया की निगरानी वित्त विभाग करेगा
किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
CID जांच और SIT गठन जल्द

सीएमओ से निर्देश मिलने के बाद अब CID मुख्यालय सक्रिय हो गया है।

विशेष जांच दल (SIT) का गठन जल्द होगा
वरिष्ठ अधिकारी के नेतृत्व में जांच चलेगी
सभी 24 जिलों के रिकॉर्ड खंगाले जा सकते हैं

CID यह भी जांच करेगी कि किन-किन स्तरों पर मिलीभगत से पैसे निकाले गए।

रिटायर अधिकारियों के नाम पर निकाला गया पैसा

प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:

सेवानिवृत्त अधिकारियों के नाम पर फर्जी वेतन निकासी
कई ऐसे खातों में पैसे भेजे गए, जो सेवा में नहीं थे
ऑडिट के दौरान नियम विरुद्ध ट्रांजैक्शन का खुलासा
प्रशासनिक चूक की भी होगी अलग जांच

सरकार सिर्फ आपराधिक जांच तक सीमित नहीं है।

एक वरिष्ठ IAS अधिकारी के नेतृत्व में प्रशासनिक जांच होगी
सिस्टम की विफलता और जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान की जाएगी
पूरे राज्य में फैल सकता है जांच का दायरा

हालांकि अभी कुछ जिलों में ही मामले सामने आए हैं, लेकिन जांच के दौरान पूरे राज्य के सभी जिलों को शामिल किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक यह घोटाला एक जिले से शुरू होकर राज्यभर में फैलने की आशंका है।

क्या है सरकार की रणनीति?

सरकार इस पूरे मामले में दोहरी रणनीति पर काम कर रही है:

तत्काल प्रशासनिक कार्रवाई (ट्रांसफर, हटाना)
गहन जांच (CID + SIT + IAS स्तर की जांच)

आने वाले दिनों में CID जांच और SIT की कार्रवाई से कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।