धनबाद स्टेशन पर गूंजी किलकारी: आरपीएफ महिला आरक्षी की सूझबूझ से प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित हुआ बेटे का जन्म

Dhanbad News: धनबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला ने आरपीएफ महिला आरक्षी प्रियम कुमारी की मदद से सुरक्षित बेटे को जन्म दिया। मां और नवजात दोनों रेलवे अस्पताल में स्वस्थ हैं।

धनबाद स्टेशन पर गूंजी किलकारी: आरपीएफ महिला आरक्षी की सूझबूझ से प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित हुआ बेटे का जन्म
धनबाद रेलवे स्टेशन बना अस्थायी प्रसूति कक्ष।

        Highlights:

  • धनबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर महिला ने बेटे को दिया जन्म
  • आरपीएफ महिला आरक्षी प्रियम कुमारी ने सुरक्षित प्रसव कराने में निभाई अहम भूमिका
  • सफेद चादरों से घेरकर बनाया गया अस्थायी प्रसूति कक्ष
  • रेलवे अस्पताल की डॉक्टर स्वाति गौतम ने पहुंचकर मां और नवजात का किया उपचार
  • जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थए रेलवे अस्पताल में भर्ती

धनबाद (Threesocieties.com Desk): धनबाद रेलवे स्टेशन पर गुरुवार सुबह एक ऐसा भावुक और मानवीय दृश्य देखने को मिला जिसने वहां मौजूद यात्रियों को भावुक कर दिया। प्लेटफॉर्म नंबर 7 पर अचानक प्रसव पीड़ा से कराह रही एक गर्भवती महिला की मदद के लिए रेलवे सुरक्षा बल ;आरपीएफद्ध की महिला आरक्षी तुरंत आगे आईं और उनकी सूझबूझ व तत्परता के कारण महिला ने सुरक्षित रूप से एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया।

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प्रसूता की पहचान 35 वर्षीय फूलसुंदरी के रूप में हुई हैए जो ओडिशा के अंगूल जिले के सुखापुड़िया गांव की रहने वाली हैं। वह अपनी बहन काटूनी मल्लार के साथ गुरुवार सुबह अंगूल से धनबाद पहुंची थीं। उनकी बहन गोविंदपुर के आजादडीह इलाके में रहती हैं और गर्भावस्था के दौरान देखभाल के उद्देश्य से फूलसुंदरी को अपने साथ धनबाद लेकर आई थीं।

ट्रेन से उतरते ही शुरू हुई प्रसव पीड़ा

बताया गया कि ट्रेन से उतरने के कुछ ही मिनट बाद फूलसुंदरी को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। दर्द लगातार बढ़ता देख आसपास मौजूद यात्रियों ने तत्काल रेलवे सुरक्षा बल को सूचना दी। सूचना मिलते ही आरपीएफ ने बिना समय गंवाए महिला आरक्षी प्रियम कुमारी को मौके पर भेजा।

प्लेटफॉर्म पर ही बनाया गया अस्थायी प्रसूति कक्ष

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महिला आरक्षी और अन्य रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल प्लेटफॉर्म के उस हिस्से को सफेद चादरों से चारों ओर घेर दियाए ताकि महिला की निजता बनी रहे और सुरक्षित वातावरण में प्रसव कराया जा सके। कुछ ही देर बाद फूलसुंदरी ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों ने राहत की सांस ली और आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।

रेलवे अस्पताल की टीम भी पहुंची मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अस्पताल की चिकित्सक डॉ  स्वाति गौतम पैरामेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। नवजात और उसकी मां की प्राथमिक जांच एवं उपचार के बाद दोनों को एंबुलेंस से रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में भर्ती किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसारए मां और नवजात दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

बहन ने बताई पूरी कहानी

फूलसुंदरी की बहन काटूनी मल्लार ने बताया कि उनकी बहन अपने पति शंकर शेखरा के साथ ओडिशा के अंगूल में रहती हैं। गर्भावस्था के अंतिम चरण में बेहतर देखभाल के लिए वह उन्हें अपने साथ धनबाद लेकर आई थीं। किसी को अंदाजा नहीं था कि स्टेशन पर उतरते ही प्रसव पीड़ा शुरू हो जाएगी।

आरपीएफ की तत्परता बनी मिसाल

इस पूरी घटना में आरपीएफ महिला आरक्षी प्रियम कुमारी की संवेदनशीलताए त्वरित निर्णय क्षमता और मानवता की सभी ने जमकर सराहना की। यदि समय रहते सहायता नहीं मिलतीए तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। रेलवे प्रशासन और यात्रियों ने भी महिला आरक्षी के कार्य की प्रशंसा की।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि रेलवे सुरक्षा बल केवल यात्रियों की सुरक्षा तक सीमित नहीं हैए बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में मानवीय सेवा और संवेदनशीलता का भी बेहतरीन उदाहरण प्रस्तुत करता है।