झारखंड में नक्सलवाद पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार, ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ में 17 माओवादी ढेर

झारखंड के सारंडा जंगल में ऑपरेशन मेगाबुरु के तहत सुरक्षा बलों ने 17 माओवादियों को मार गिराया। एक करोड़ का इनामी नक्सली अनल भी ढेर, माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका।

झारखंड में नक्सलवाद पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार, ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ में 17 माओवादी ढेर
सुरक्षा बलों ने माओवादी नेटवर्क को तोड़ा।
  • सारंडा में निर्णायक मुठभेड़
  • एक करोड़ का इनामी नक्सली अनल उर्फ पतिराम मांझी भी मारा गया

चाईबासा। (Threesocieties.com Desk)। झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के दुर्गम सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों ने नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। ‘ऑपरेशन मेगाबुरु’ के तहत हुई इस भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने एक साथ 17 माओवादियों को मार गिराया, जिनमें भाकपा (माओवादी) संगठन का सेंट्रल कमेटी मेंबर और एक करोड़ रुपये का इनामी नक्सली अनल उर्फ पतिराम मांझी भी शामिल है।

यह भी पढ़ें: जिंदल समूह और झारखंड सरकार के बीच बड़ी डील! इस्पात, स्वच्छ ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में होगा बड़ा निवेश

राज्य की पुलिस महानिदेशक तादाशा मिश्रा ने इस अभियान को झारखंड के लिए ऐतिहासिक सफलता बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई माओवादी संगठन की रीढ़ तोड़ने वाली साबित होगी।

एक करोड़ का इनामी नक्सली अनल ढेर

डीजीपी के अनुसार, मारा गया नक्सली अनल उर्फ पतिराम मांझी झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख रणनीतिकार था। वह लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शीर्ष पर था और कई बड़े नक्सली हमलों की साजिश में उसकी भूमिका रही है।

सभी माओवादी इनामी, गंभीर मामलों में थे वांछित

डीजीपी ने स्पष्ट किया कि मुठभेड़ में मारे गए सभी 17 माओवादी इनामी थे, जिन पर हत्या, पुलिस हमले, विस्फोट और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन से कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को गहरा झटका लगा है।

 कोबरा, CRPF और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

ऑपरेशन मेगाबुरु को कोबरा बटालियन 209, सीआरपीएफ व झारखंड पुलिस के विशेष दस्ते द्वारा संयुक्त रूप से अंजाम दिया गया। कई दिनों से खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा बल सारंडा के दुर्गम और घने जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी दौरान माओवादियों के साथ भीषण मुठभेड़ हुई, जिसमें सुरक्षा बलों ने रणनीतिक बढ़त बनाते हुए बड़ी सफलता हासिल की।

सुरक्षाबलों को पुरस्कार की घोषणा

इस साहसिक कार्रवाई के लिए डीजीपी तादाशा मिश्रा ने पुरस्कार की घोषणा करते हुए बताया कि— कोबरा बटालियन 209 को ₹4 लाख,सीआरपीएफ को ₹1 लाख व झारखंड पुलिस को ₹1 लाख का नकद पुरस्कार दिया जायेगा।इसके अलावा माओवादियों पर घोषित कुल इनामी राशि को नियमानुसार अभियान में शामिल जवानों और अधिकारियों के बीच वितरित किया जाएगा।

माओवादी संगठन को रणनीतिक झटका

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सेंट्रल कमेटी मेंबर अनल की मौत से माओवादी संगठन की कमान, रणनीति और मनोबल तीनों को गहरा आघात पहुंचा है। इससे आने वाले दिनों में क्षेत्र में सक्रिय माओवादी दस्तों के आत्मसमर्पण की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। डीजीपी ने दो टूक कहा कि झारखंड को माओवाद मुक्त बनाने का अभियान लगातार जारी रहेगा और उग्रवादियों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।

बरामदगी का विवरण

मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है—

ए.के./ए.के.एम. – 04

इंसास राइफल – 04

एस.एल.आर. – 03

.303 राइफल – 03

भारी मात्रा में कारतूस

अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री