झारखंड राज्यसभा चुनाव में ‘त्रिकोणीय’ घमासान: हेमंत-कल्पना बने प्रस्तावक, BJP ने खेला नथवानी कार्ड

झारखंड राज्यसभा चुनाव 2026 में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। JMM के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और BJP समर्थित निर्दलीय परिमल नथवानी मैदान में हैं। जानिए किस उम्मीदवार के प्रस्तावक कौन बने और क्या हैं चुनावी समीकरण।

झारखंड राज्यसभा चुनाव में ‘त्रिकोणीय’ घमासान: हेमंत-कल्पना बने प्रस्तावक, BJP ने खेला नथवानी कार्ड
बैद्यनाथ की राह आसान, प्रणव-नथवानी में कांटे की टक्कर।

रांची (Threesocieties.com Desk): झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए होने वाला चुनाव अब पूरी तरह राजनीतिक रोमांच के केंद्र में आ चुका है। नामांकन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद तस्वीर साफ हो गई है कि मुकाबला अब तीन उम्मीदवारों—झामुमो के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी—के बीच होगा। हालांकि सीटें सिर्फ दो हैं, लेकिन तीसरे उम्मीदवार की एंट्री ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।

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सोमवार को नामांकन के अंतिम दिन तीनों उम्मीदवारों ने शक्ति प्रदर्शन के साथ अपना-अपना नामांकन दाखिल किया। दिलचस्प बात यह रही कि तीनों प्रत्याशियों ने दो-दो सेट में पर्चा दाखिल किया और प्रस्तावकों की सूची में सत्ता और विपक्ष के कई बड़े चेहरे शामिल दिखाई दिए।

बैद्यनाथ राम की दावेदारी सबसे मजबूत?

झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। उनके पहले सेट के प्रस्तावकों में खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल रहे। इसके अलावा स्टीफन मरांडी, मथुरा प्रसाद महतो, उदय शंकर सिंह, लुईस मरांडी, सविता महतो सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका समर्थन किया। दूसरे सेट में बसंत सोरेन, हफीजुल हसन, सुदिव्य कुमार, उमाकांत रजक, धनंजय सोरेन समेत कई विधायक प्रस्तावक बने। संख्या बल के लिहाज से उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।

कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के पीछे महागठबंधन की ताकत

कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के नामांकन में महागठबंधन की एकजुटता साफ दिखाई दी। उनके समर्थन में कल्पना सोरेन प्रस्तावक बनीं, जिसने इस चुनावी मुकाबले को और राजनीतिक रंग दे दिया।प्रणव झा के प्रस्तावकों में कांग्रेस, राजद, भाकपा माले और सहयोगी दलों के कई विधायक शामिल रहे। इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई कि गठबंधन पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है।

भाजपा ने नहीं उतारा उम्मीदवार, नथवानी पर लगाया दांव

इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश भाजपा की रणनीति से आया। भाजपा ने अपना आधिकारिक उम्मीदवार उतारने के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी को समर्थन देने का फैसला किया।परिमल नथवानी के प्रस्तावकों में बाबूलाल मरांडी, चंपई सोरेन, सरयू राय, नवीन जायसवाल, रागिनी सिंह समेत कई बड़े नेताओं के नाम शामिल रहे। इससे यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा इस चुनाव में सीधे मुकाबले की बजाय रणनीतिक राजनीति कर रही है।

प्रस्तावकों की सूची ने बढ़ाई राजनीतिक चर्चा

नामांकन के दौरान प्रस्तावकों की सूची ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू कर दी है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बैद्यनाथ राम के प्रस्तावक बने, वहीं कल्पना सोरेन कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के साथ दिखाई दीं। दूसरी तरफ परिमल नथवानी को भाजपा के साथ-साथ कई प्रभावशाली चेहरों का समर्थन मिला।

अब किस पर टिकी नजर?

अब पूरा फोकस विधानसभा के संख्या बल, क्रॉस वोटिंग और अंतिम समय के राजनीतिक समीकरणों पर है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पहली सीट पर बैद्यनाथ राम की स्थिति मजबूत दिखाई देती है, जबकि दूसरी सीट के लिए कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी के बीच दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। राज्यसभा चुनाव की तारीख नजदीक आते ही झारखंड की राजनीति में हलचल और तेज होने की संभावना है।