लैंड स्कैम मामले सुप्रीम कोर्ट से IAS विनय चौबे को मिली सर्शत बेल, अभी बेउर जेल से नहीं हो पायेगी रिहाई!

IAS विनय चौबे को सेवायत भूमि घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली, लेकिन दूसरे लैंड स्कैम केस के कारण अभी जेल से रिहाई नहीं होगी। जानिए पूरा मामला।

लैंड स्कैम मामले सुप्रीम कोर्ट से  IAS विनय चौबे को मिली सर्शत बेल, अभी बेउर जेल से नहीं हो पायेगी रिहाई!
IAS विनय चौबे (फाइल फोटो)।

नई दिल्ली/ रांची (Threesocieties.com Desk): हजारीबाग में सेवायत भूमि की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़े चर्चित लैंड स्कैम मामले में जेल में बंद वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनय चौबे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की खंडपीठ ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए सशर्त बेल प्रदान की।

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किन शर्तों पर मिली जमानत?

सुप्रीम कोर्ट ने विनय चौबे को निम्न शर्तों के साथ जमानत दी है देश छोड़कर नहीं जा सकते, गवाहों से किसी भी प्रकार का संपर्क नहीं करेंगे व जांच में सहयोग करना होगा। यह फैसला चौबे के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, लेकिन यह राहत अधूरी साबित हो रही है।

बेल के बावजूद जेल में ही क्यों रहेंगे विनय चौबे?

हालांकि सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है, लेकिन विनय चौबे फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे। इसकी वजह है हजारीबाग से जुड़े एक अन्य लैंड स्कैम का मामला, जिसमें वे मुख्य आरोपी हैं। ACB (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया है। इस केस में अभी तक उन्हें किसी भी अदालत से जमानत नहीं मिली है। इसलिए एक केस में बेल मिलने के बावजूद, दूसरे केस के कारण रिहाई संभव नहीं है।

कोर्ट की सख्त शर्तें, पालन नहीं किया तो रद्द हो जायेगी जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को जमानत देते हुए कई कड़ी शर्तें लागू की हैं। अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि विनय चौबे एसीबी के कांड संख्या 9/2025 की हर सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और जांच में पूरा सहयोग करें। साथ ही उन्हें गवाहों को प्रभावित करने, डराने या किसी भी तरह से साक्ष्यों से छेड़छाड़ करने से मनाही रहेगी।कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जमानत की स्वतंत्रता का किसी भी गैर कानूनी गतिविधि के लिए इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। यदि किसी भी शर्त का उल्लंघन किया गया, तो उनकी जमानत तुरंत रद्द की जा सकती है।

पहले भी मिल चुकी है तकनीकी राहत

विनय चौबे को इससे पहले दो मामलों में राहत मिल चुकी है: शराब घोटाला मामला व आय से अधिक संपत्ति मामला। इन दोनों मामलों में ACB द्वारा समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं करने के कारण उन्हें डिफॉल्ट बेल मिल गई थी।

हाईकोर्ट से मिला था झटका

इस मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने पहले ही उन्हें राहत देने से इनकार कर दिया था। छह जनवरी को जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की पीठ ने बेल याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
ACB केस और चार्जशीट की स्थिति
ACB ने इस मामले में कांड संख्या 9/2025 दर्ज किया था। इस केस में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। इसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दी है।
अब क्या होगा आगे?

अब विनय चौबे की कानूनी टीम की पूरी कोशिश दूसरे लैंड स्कैम (कांड संख्या 11/2025) में जमानत दिलाने पर टिकी है। जब तक इस केस में राहत नहीं मिलती, तब तक उनकी जेल से रिहाई संभव नहीं है।

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