धनबाद:होम आइसोलेशन पेसेंट के लिए हिम्मत एप विकसित, डीसी ने किया हिम्मत मोबाइल एप लॉन्च,प्राइवेट हॉस्पीटल संचालकों के साथ बैठक

डीसी सह अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद उमाशंकर सिंह ने बुधवार को होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड संक्रमित पेसेंट को उचित उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को *हिम्मत एप* के माध्यम से टेलीमेडिसिन सेवा को समाहरणालय के सभागार में प्रेस कांफ्रेस कर लॉन्च किया।

धनबाद:होम आइसोलेशन पेसेंट के लिए हिम्मत एप विकसित, डीसी ने किया हिम्मत मोबाइल एप लॉन्च,प्राइवेट हॉस्पीटल संचालकों के साथ बैठक
  • होम आइसोलेशन में रह रहे पेसेंट के स्वास्थ्य की हो रही ऑनलाइन निगरानी
  • आपात परिस्थिति में पेसेंट एप के माध्यम से करेंगे एसओएस का प्रयोग
  • होम आइसोलेशन वाले पेसेंट को उपलब्ध कराया जायेगा हेल्थ कीट
  • डीसी ने की प्राइवेट हॉस्पीटल संचालकों के साथ ऑनलाइन बैठक
  • निर्देश के आलोक में तैयारियों की हुई समीक्षा,आपदा के समय प्रशासन को सहयोग नहीं करने पर होगी कठोरतम कार्रवाई

धनबाद। डीसी सह अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार,धनबाद उमाशंकर सिंह ने बुधवार को होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड संक्रमित पेसेंट को उचित उपचार एवं परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को *हिम्मत एप* के माध्यम से टेलीमेडिसिन सेवा को समाहरणालय के सभागार में प्रेस कांफ्रेस कर लॉन्च किया।
डीसी ने बताया कि कई बार होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमित मरीजों की निगरानी, उन्हें उचित उपचार तथा परामर्श उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने बताया कि इसी संदर्भ में आज से होम आइसोलेशन में रह रहे सभी संक्रमित मरीजों एवं जिला अंतर्गत स्थित सभी कोविड हॉस्पीटल में एडमिट पेसेंट के इलाज हेतु टेलीमेडिसिन सेवा प्रारंभ की गई है।होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमित मरीजों से जूम कॉल या गूगल मीट के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सक टेलीमेडिसिन स्टूडियो से जुड़ेंगे तथा उन्हें उचित परामर्श उपलब्ध करायेंगे।

उन्होंने बताया कि इस हेतु डीएमएफटी पीएमयू तथा डीसीआईपी इंटर्न द्वारा *हिम्मत एप* विकसित किया गया है। इसके माध्यम से संक्रमित मरीज लॉगिन कर स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स से किसी भी वक्त 24 घंटे संपर्क कर सकते हैं तथा परामर्श प्राप्त कर सकते हैं।उन्होंने बताया कि किसी भी आपात परिस्थिति में पेसेंट इस मोबाइल ऐप के माध्यम से *एसओएस* का प्रयोग कर टेलीमेडिसिन स्टूडियो में अलर्ट भेजेंगे। जिससे उन्हें अविलंब सहायता प्रदान की जा सकेगी। डॉक्टर्स द्वारा दिये गये परामर्श का प्रिस्क्रिप्शन भी इस पोर्टल पर मरीजों के अवलोकन हेतु अपलोड किया जायेगा।उन्होंने बताया कि इस संबंध में टेलीमेडिसिन स्टूडियो में सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।
होम आइसोलेशन वाले पेसेंट को उपलब्ध कराया जायेगा हेल्थ कीट
प्रेस कांफ्रेस में डीसी ने बताया कि होम आइसोलेशन में रह रहे संक्रमित पेसेंट को पोर्टल के माध्यम से लॉगिन कर अपने संपूर्ण पता का विवरण एवं अपना जीपीएस लोकेशन प्रविष्ट करना है।उन्होंने बताया कि सभी मरीजों को एक हेल्थ कीट प्रदान किया जायेगा। जिसमें इलेक्ट्रॉनिक बीपी मशीन टेंपरेचर थर्मल मशीन एवं पल्स ऑक्सीमीटर रहेगा। इन उपकरणों के पेसेंट को समय-समय पर अपने स्वास्थ्य संबंधित सभी जानकारियां पोर्टल पर अपडेट करनी होगी।उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन स्टूडियो से स्पेशलिस्ट डॉक्टर्स पोर्टल पर उपलब्ध जानकारियों के माध्यम से मरीज के स्वास्थ्य की निगरानी कर सकेंगे। यदि कोई मरीज अपने घर से बाहर निकलते हैं तो जीपीएस द्वारा इसकी सूचना कंट्रल रूम में प्राप्त होगी। इस दौरान डीसीआईपी इंटर्न शकुन शान द्वारा सभी मीडिया कर्मियों को पावर पॉइंट के माध्यम से प्रेजेंटेशन कर संपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई गई।

प्रेस कांफ्रेस में डीसी उमाशंकर सिंह, डीएमएफटी के नितिन पाठक, श्री शुभम सिंघल एवं डीसीआईपी इंटर्न शकुन शान उपस्थित रहे।

डीसी ने की प्राइवेट हॉस्पीटल संचालकों के साथ ऑनलाइन बैठक,निर्देश के आलोक में तैयारियों की हुई समीक्षा,आपदा के समय प्रशासन को सहयोग नहीं करने पर होगी कठोरतम कार्रवाई

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद द्वारा धनबाद जिला अंतर्गत कार्यरत सभी प्राइवेट हॉस्पीटल को अपने संस्थान अंतर्गत कुल उपलब्ध आईसीयू एवं नॉन आईसीयू बेड़ों का न्यूनतम 50% बेड कोविड मरीजों के समुचित उपचार हेतु आरक्षित करने का निर्देश दिया गया है।इस संबंध में डीसी सह अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद उमाशंकर सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को जिले के सभी निजी चिकित्सा संस्थान संचालकों के साथ ऑनलाइन बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक में डीसी ने जिला अंतर्गत कार्यरत निजी चिकित्सा संस्थानों के रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आपदा के समय लोगों की जान बचाना सबसे आवश्यक कार्य है। ऐसी घड़ी में सभी का सहयोग अनिवार्य है। सहयोग नहीं प्रदान करने वाले संस्थानों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।दरअसल मंगलवार को ऑनलाइन बैठक के दौरान डीसी ने जिला अंतर्गत कार्यरत सभी चिकित्सा संस्थानों के संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिया था कि राज्य सरकार द्वारा निर्गत निर्देश के आलोक में बुधवार तक सभी अस्पताल अपने अपने संस्थान में कुल उपलब्ध बेड क्षमता का न्यूनतम 50% बेड कोविड संक्रमित मरीजों के उपचार हेतु आरक्षित करना सुनिश्चित करें।

आज की ऑनलाइन बैठक में जिले के 100 से अधिक अस्पतालों के प्रबंधक उपस्थित थे। परंतु मात्र 41 अस्पतालों ने ही इस संबंध में तैयारियां पूर्ण कर कोविड संक्रमित मरीजों के उपचार हेतु आरक्षित बेड़ों की सूचना उपलब्ध कराई। इस पर डीसी ने सभी को सख्त चेतावनी देते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि राज्य सरकार के निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना सभी के लिए अनिवार्य है। किसी भी परिस्थिति में सभी अस्पतालों को अपनी कुल क्षमता का 50% बेड संक्रमित मरीजों के उपचार हेतु आरक्षित करना है। 

उन्होंने कहा कि इस आपदा की घड़ी में सभी का सहयोग अपेक्षित है। सभी संस्थानों को जिला प्रशासन के साथ मिलकर कार्य करना होगा। निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं करने पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी।उन्होंने कहा की आईसीएमआर द्वारा निर्धारित कोविड ट्रीटमेंट प्रोटोकोल के अनुरूप सभी मरीजों का इलाज सुनिश्चित करना है। मरीजों के उपचार में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अस्पतालों का बीडीओ, सीओ एवं एमओआईसी द्वारा निरीक्षण किया जायेगा।उन्होंने कहा कि आपदा के समय लोगों की जान बचाना सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है। अतः हमें अपने पारंपरिक तौर तरीकों में बदलाव करके निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुरूप संक्रमित मरीजों का उपचार सुनिश्चित करना है।बैठक के दौरान डीसी ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि हम सब मिलकर इस वैश्विक महामारी से लड़ सकते हैं तथा जिले के लोगों को उचित स्वास्थ्य व्यवस्था उपलब्ध करा सकते हैं।
इन हॉस्पीटल ने बेड किये आरक्षित
आलम नर्सिंग होम, आम्रपाली सिटी अस्पताल, आरोग्य नर्सिंग होम, अशर्फी अस्पताल, एशियन चालान अस्पताल, चक्रवर्ती नर्सिंग होम, चौधरी नर्सिंग होम, धनबाद नर्सिंग होम, जिम्स अस्पताल, हील मैक्स हॉस्पिटल, हेल्थी लाइफ केयर हॉस्पिटल, होप क्लिनिक एंड मेटरनिटी सेंटर, आईकॉन क्रिटिकल केयर, जिमसार हॉस्पिटल, जेपी हॉस्पिटल, कैलाश हॉस्पिटल, लाइफ लाइन हॉस्पिटल, नामधारी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, ओम साई हॉस्पिटल, निचीतपुर अस्पताल, पार्क क्लिनिक, पाटलिपुत्र नर्सिंग होम, प्रगति नर्सिंग होम, आरसी हाजरा अस्पताल, राज क्लिनिक, राजेश्वरी नर्सिंग होम, साधना हॉस्पिटल, साईं सेवा सदन, संजीवनी नर्सिंग होम, सर्वमंगला नर्सिंग होम, सावित्री सर्जिकेयर, पंडित नर्सिंग होम, संजीवनी नर्सिंग होम, सूर्योदय नर्सिंग होम, यश्लोक नर्सिंग होम, ट्विंकल नर्सिंग होम, बालाजी चिल्ड्रन हॉस्पिटल, मां अंबे हॉस्पिटल, आशा हॉस्पिटल, हाइटेक हॉस्पिटल एवं टाटा सेंट्रल हॉस्पिटल।

बैठक में डीसी उमाशंकर सिंह, जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी संजय झा, डीएमएफटी पीएमयू के शुभम सिंघल एवं नितिन पाठक सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


डीसी के निर्देश पर चलाया गया मास्क-अप कैम्पेन,बिना मास्क पहने 50 व्यक्तियों को ले जाया गया कोविड सेंसीटाईजेसन कैम्प

डीसी सह अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद श्री उमाशंकर सिंह के निर्देश पर जिले में आज भी *मास्क-अप कैंपेन* चलाया गया।इस संबंध में डीसी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के उचित प्रबंधन तथा इसके फैलाव को खत्म करने के लिए सभी के सहयोग से आवश्यक उपाय सुनिश्चित किया जाना अति आवश्यक है।उन्होंने बताया कि मास्क का प्रयोग करने एवं सामाजिक दूरी का पालन करने हेतु भारत सरकार, झारखंड सरकार एवं जिला प्रशासन द्वारा बारंबार सभी नागरिकों को निर्देशित किया गया है। परंतु जिला में विगत दिनों में आमजनों के बीच भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग न करने एवं सामाजिक दूरी का पालन न करने की सूचना प्राप्त हो रही है, जिससे संक्रमण के फैलने का खतरा बढ़ सकता है।

इसी क्रम में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद द्वारा *कोविड एप्रोप्रियेट बिहेवियर* की जानकारी को आमजन तक पहुंचाने एवं जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से गुरुवार, 08 अप्रैल 2021 से प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक *मास्क अप कैंपेन* चलाया जा रहा है।उन्होंने बताया कि इस अभियान के दौरान बुधवार को झरिया बाजार, कतरास मोड़, करकेंद, भूली, बैंक मोड़, पुराना बाजार, नया बाजार, रेलवे स्टेशन, ओजोन प्लाजा, शक्ति मंदिर, सरायढेला, बिग बाजार, स्टील गेट, हीरापुर, सिटी सेंटर तथा गोविंदपुर के भीड़ भाड़ वाले स्थलों पर फ्लाइंग स्क्वायड की टीम द्वारा बिना मास्क लगाए एवं सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे लोगों को जागरूक किया गया। इसके बावजूद भी कुछ नागरिक द्वारा इसका अनुपालन नहीं करने पर उन्हें बस के माध्यम से जैप-3 कैंप स्थित कोविड सेंसीटाईजेशन कैंप में लाया गया।
अभियान के संबंध में एसडीएम सुरेंद्र कुमार ने बताया कि आज कुल 50 व्यक्तियों को कोविड सेंसीटाईजेशन कैम्प में लाया गया। कैंप में सभी लोगों की कोविड जांच कराई गई। तत्पश्चात उन्हें जागरूकता से संबंधित फीचर फिल्म दिखाया गया। उन्होंने बताया कि सभी व्यक्तियों हेतु कैम्प में जलपान का प्रबंध किया गया है। अपराह्न 4 बजे तक बांड भरवाने के पश्चात सभी को छोड़ दिया गया।

जिला जनसंपर्क कार्यालय ने लोगों को किया कोरोना से बचने के लिए जागरूक

डीसी सह अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार, धनबाद उमाशंकर सिंह के निर्देश पर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम संबंधी जानकारियों को आमजनो तक पहुंचाने एवं प्रशासनिक दिशा-निर्देशों के व्यापक प्रचार प्रसार के उद्देश्य से जिला जनसंपर्क कार्यालय धनबाद द्वारा जिले के भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में कोरोना जागरूकता रथ के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया गया। 

इस संबंध में डीपीआरओ ईशा खंडेलवाल ने बताया कि सोमवार को जिला अंतर्गत गोविंदपुर, निरसा, मैथन, चिरकुंडा, बलियापुर, झरिया, लोदना, कतरास मोड़, जामाडोबा, सिंदरी कोलाकुसुमा, सरायढेला, हीरापुर, वासेपुर, आरामोड, भूली, आजाद नगर, बेकार बांध, नया बाजार, मनइटांड़ इत्यादि क्षेत्रों में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवम रोकथाम हेतु करोना जागरुकता रथ द्वारा ऑडियो संदेश के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया गया।इस दौरान कोरोना जागरूकता रथ के माध्यम से लोगो को मास्क का प्रयोग करने, हैंड सैनीटाईजर या साबुन से नियमित रूप से हाथ साफ करने एवम शारीरिक दूरी के दिशानिर्देशों का पालन करने हेतु जागरूक किया गया। साथ ही प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का व्यापक प्रचार प्रसार किया गया।