धनबाद की बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि! CIMFR की 'कनीक से हाइड्रोजन वाहन और रिफ्यूलिंग स्टेशन अब पूरी तरह सुरक्षित
धनबाद स्थित सिंफर के वैज्ञानिकों ने हाइड्रोजन कंप्रेसर और डिस्पेंसर प्रणाली का देश का पहला सफल समग्र सुरक्षा आकलन पूरा किया। यह तकनीक हाइड्रोजन वाहनों और रिफ्यूलिंग स्टेशन को सुरक्षित बनाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जनवरी को इसका उद्घाटन कर सकते हैं।
- पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
धनबाद। Threesocieties.com Desk. अत्यधिक ज्वलनशील हाइड्रोजन गैस के सुरक्षित उपयोग की दिशा में धनबाद ने देश को बड़ी सौगात दी है। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ माइनिंग एंड फ्यूल रिसर्च (सिंफर) धनबाद के वैज्ञानिकों ने हाइड्रोजन कंप्रेसर एवं हाइड्रोजन डिस्पेंसर प्रणाली का समग्र सुरक्षा आकलन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से देश में हाइड्रोजन चालित वाहनों, रिफ्यूलिंग स्टेशन और स्वच्छ ऊर्जा संरचना के विस्तार को नई गति मिलेगी।

यह प्रणाली उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा स्थित एनटीपीसी नेत्रा परिसर में वास्तविक संचालन परिस्थितियों में परखी गई, जहां सुरक्षा, कार्यक्षमता और विश्वसनीयता के सभी मानकों पर इसका मूल्यांकन हुआ। संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जनवरी को इस अत्याधुनिक प्रणाली का उद्घाटन करेंगे।
हाइड्रोजन से घटेगी जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता
इस तकनीक के व्यापक उपयोग से पेट्रोल-डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। यह पहल भारत के हरित ऊर्जा लक्ष्य और ‘नेट जीरो कार्बन’ विजन को मजबूती देगी।
क्या है हाइड्रोजन कंप्रेसर एवं डिस्पेंसिंग प्रणाली
इस प्रणाली के माध्यम से हाइड्रोजन गैस को उच्च दबाव पर संपीड़ित किया जाता है, जिससे इसका भंडारण और परिवहन आसान होता है। डिस्पेंसिंग तकनीक वाहन में हाइड्रोजन भरते समय दबाव और तापमान को नियंत्रित करती है। विशेष कूलिंग और सटीक फ्लो कंट्रोल सिस्टम यह सुनिश्चित करता है कि वाहन की टंकी का तापमान न बढ़े, क्योंकि तापमान बढ़ने पर विस्फोट का खतरा उत्पन्न हो सकता है।
बहुस्तरीय सुरक्षा से लैस है प्रणाली
हाइड्रोजन जैसी संवेदनशील गैस के लिए इस प्रणाली में अत्याधुनिक बहुचरणीय संपीड़न तकनीक का उपयोग किया गया है। हर चरण में उन्नत कूलिंग सिस्टम, प्रेशर मॉनिटरिंग और ओवर-प्रेशर सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।इसके साथ ही विभिन्न स्तरों पर सेफ्टी वाल्व, प्रेशर स्विच, अलार्म और इंटरलॉक लगाए गए हैं, जो किसी भी संभावित खतरे को तुरंत नियंत्रित करने में सक्षम हैं। प्रत्येक उपकरण का अलग-अलग प्रमाणन करने के बाद पूरे सिस्टम का समग्र सुरक्षा आकलन किया गया।
सिंफर वैज्ञानिकों की टीम को मिली बड़ी सफलता
इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व सिंफर के निदेशक प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा के निर्देशन में किया गया। फ्लेमप्रूफ और उपकरण सुरक्षा विभाग के डॉ. संजय कुमार राय, डॉ. अवनींद्र प्रताप सिंह, डॉ. राकेश कुमार मिश्रा, मनोज कुमार विश्वकर्मा, विश्वजीत मोदक, अमित कुमार और प्रीति की टीम ने इस ऐतिहासिक कार्य को अंजाम दिया।
भारत के हाइड्रोजन भविष्य की मजबूत नींव
प्रो. अरविंद कुमार मिश्रा ने कहा कि हाइड्रोजन कंप्रेसर डिस्पेंसर प्रणाली का यह पहला सफल समग्र सुरक्षा आकलन सिंफर की तकनीकी विशेषज्ञता और स्वच्छ, सुरक्षित व आत्मनिर्भर ऊर्जा भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत के हाइड्रोजन ऊर्जा क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी और आने वाले समय में देश को वैश्विक हरित ऊर्जा मानचित्र पर मजबूत स्थान दिलाएगी।






