Dhanbad Illegal Mining Tragedy: अवैध खनन से धंसी जमीन, 20 फीट नीचे दबे पिता-पुत्री समेत 3 की मौत
धनबाद के बाघमारा स्थित सोनारडीह में अवैध कोयला खनन से बड़ा हादसा हुआ। भू-धंसान में तीन घर जमींदोज हो गए और पिता-पुत्री समेत तीन लोगों की मौत हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद में एक बार फिर अवैध खनन ने तीन जिंदगियां लील लीं। धनबाद के बाघमारा प्रखंड के सोनारडीह टंडाबस्ती में मंगलवार शाम हुए दर्दनाक भू-धंसान में तीन घर जमींदोज हो गए, जिसमें दबकर पिता-पुत्री समेत तीन लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने एक बार फिर बीसीसीएल और प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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20 फीट नीचे धंसे घर, तीन की मौत
मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे अचानक जोरदार धमाके के साथ जमीन धंस गई। देखते ही देखते मिट्टी के बने तीन घर करीब 20 फीट नीचे समा गए। हादसे में मोनू उरांव (50), गीता कुमारी (16) व सरिता देवी (45) मलबे में दब गए। करीब 9 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद देर रात 2 बजे बीसीसीएल की टीम ने तीनों शव बाहर निकाले। शवों को पोस्टमार्टम के लिए SNMMCH धनबाद भेज दिया गया।
पहले से मिल रहे थे खतरे के संकेत
स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि इलाके में कई दिनों से जमीन के अंदर से गैस रिसाव व जगह-जगह आग की लपटें देखी जा रही थीं। इसकी शिकायत बीसीसीएल प्रबंधन को दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि समय रहते कदम उठाया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
अवैध खनन और भूमिगत आग बनी बड़ी वजह
ग्रामीणों ने इस हादसे के पीछे अवैध कोयला खनन व वर्षों से जल रही भूमिगत आग को जिम्मेदार ठहराया है। यह इलाका पहले से ही “डेंजर जोन” में चिन्हित है, जहां करीब 150 घरों में हजारों लोग जान जोखिम में डालकर रह रहे हैं।
कई घर जमींदोज, इलाके में दहशत
इस हादसे में 3 घर पूरी तरह ध्वस्त हो गये हैं। 3 अन्य घर क्षतिग्रस्त हो गए। प्रभावित परिवारों में गणेश रजवार, बैसाखी देवी और सुफल उरांव शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, NH-32 जाम
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने राजगंज-बोकारो NH-32 को जाम किया। सोनारडीह ओपी का घेराव कर पुलिस पर पथराव भी किया। लोगों ने प्रशासन और बीसीसीएल पर मिलीभगत से अवैध खनन कराने का आरोप लगाया।
रेस्क्यू में देरी से बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के करीब दो घंटे बाद तक राहत कार्य शुरू नहीं हुआ। अंधेरा होने के कारण भी बचाव कार्य प्रभावित हुआ। बाद में जनरेटर और लाइट की व्यवस्था कर रात में रेस्क्यू शुरू किया गया।
मौके पर पहुंचे विधायक और अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने बीसीसीएल और जिला प्रशासन को तत्काल राहत कार्य तेज करने का निर्देश दिया। मौके पर भारी संख्या में पुलिस और CISF बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में किया गया।
फिर उठे बड़े सवाल
यह हादसा कई गंभीर सवाल छोड़ गया है:
क्या बीसीसीएल ने चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज किया?
अवैध खनन पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
डेंजर जोन में रह रहे लोगों के पुनर्वास की योजना कब बनेगी?
निष्कर्ष
धनबाद का यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और अवैध खनन के खतरनाक खेल का नतीजा है। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो कोयलांचल में ऐसी त्रासदियां आगे भी होती रहेंगी।






