- सिंदरी में 60 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने का प्लान
धनबाद। पीएम नरेंद्र मोदी एक मार्च को झारखंड के धनबाद जिले के सिंदरी स्थित हिंदुस्तान उर्वरक और रसायन लिमिटेड (हर्ल) का उद्घाटन करेंगे। पीएम के कार्यक्रम की तैयारी लास्ट फेज में है।
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हर्ल एमडी शिव प्रसाद मोहंती ने कहा है किअगले तीन महीनों के भीतर 200 करोड़ रुपय की अनुमानित लागत से सिंदरी में एक नया नैनो यूरिया संयंत्र स्थापित करने के लिए तैयार है। एमडी हर्ल स्पंदन क्लब में बुधवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेस में बताया कि भारत सरकार ने सभी यूरिया उत्पादक उर्वरक संयंत्रों को अगले चार वर्षों के भीतर नीम लेपित यूरिया से सल्फर लेपित गोल्ड भारत यूरिया का उत्पादन शुरू करने का निर्देश दिया है।
एमडी ने कहा कि हर्ल अगले छह महीने में गोल्ड यूरिया संयंत्र स्थापित करने पर विचार कर रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी एक मार्च को सिंदरी में नवनिर्मित हर्ल इकाई का उद्घाटन करने के लिए हर्ल प्रोजेक्ट पूरी तरह तैयार है। पीएम दो मार्च को बरौनी में आइओसीएल की कुछ अन्य प्रोजेक्ट के साथ ही हर्ल की बरौनी इकाई का भी उद्घाटन करेंगे। उन्होने कहा कि नैनो-यूरिया किसानों को रासायनिक उर्वरकों से प्राकृतिक उर्वरकों की ओर बढ़ने का मौका देगा। इससे कृषि भूमि को नुकसान नहीं होगा. गोल्ड भारत यूरिया किसानों को उसी खाद में नाइट्रोजन और सल्फर की मात्रा प्रदान करेगा।
उन्होंने बताया कि हम गोल्ड यूरिया प्लांट स्थापित करने के लिए तकनीक प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। इन उत्पादों का उद्देश्य कृषि उपज को कई गुना बढ़ाना है। इसके लिए सिंदरी में 60 मेगावाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए अध्ययन शुरू हो चुका है। एमडी ने बताया कि हर्ल सिंदरी संयंत्र ने अब तक 10 लाख 08 हजार मैट्रिक टन नीम लेपित यूरिया का उत्पादन किया है और 12 लाख 70 हजार टन प्रति वर्ष यूरिया की स्थापित क्षमता के मुकाबले 11 लाख 50 हजार टन यूरिया का वार्षिक उत्पादन दर्ज करने की उम्मीद है।
एमडी ने बताया कि सिंदरी इकाई ने बिहार और झारखंड के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, ओडिशा, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को भी यूरिया की आपूर्ति की है। तीन महारत्न कंपनियों आइओसीएल, एनटीपीसी और कोल इंडिया लिमिटेड तथा एफसीआइएल और एचएफसीएल की संयुक्त समूह हर्ल की तीनों इकाइयों ने अब तक 1000 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। मार्च के अंत तक सभी तीन इकाइयों का संचित शुद्ध लाभ 1500 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार 2025 तक देश को यूरिया के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर काम कर रही है। हर्ल सिंदरी प्लांट के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का विकास जिला प्रशासन के सहयोग से सीएसआर फंड से किया जायेगा।
प्रेस कांफ्रेस में हर्ल सिंदरी वाइस प्रेसिडेंट सुरेश प्रमाणिक, टेक्निकल वाइस प्रेसिडेंटट गौतम मांझी, एचआर हेड सह फैक्ट्री प्रबंधक संत सिंह, एचआर विक्रांत कुमार व एचआर मंशुल जैन भी उपस्थित थे।