चौथी तिमही में कोल इंडिया को शानदार मुनाफा: ₹10,839 करोड़ कमाए, शेयर होल्डर्स को 5.25 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड

Coal India Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 10,839.18 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.2% अधिक है। कंपनी ने निवेशकों के लिए 5.25 रुपये प्रति शेयर अंतिम लाभांश भी घोषित किया है

चौथी तिमही में कोल इंडिया को शानदार मुनाफा: ₹10,839 करोड़  कमाए, शेयर होल्डर्स को 5.25 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड
चौथी तिमाही में CIL का 11.2% बढ़ा शुद्ध लाभ।

कोलकाता (Threesocieties.com Desk): देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजों से निवेशकों को खुश कर दिया है। उत्पादन लक्ष्य से पीछे रहने के बावजूद कंपनी ने शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए शुद्ध मुनाफे में 11.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है।

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सोमवार को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में वित्तीय नतीजों को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता कोल इंडिया के चेयरमैन बी. साईराम ने की। कंपनी ने बताया कि चौथी तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर 10,839.18 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 9,751.64 करोड़ रुपये था।
विशेषज्ञों के अनुमान से बेहतर रहे इन नतीजों ने बाजार को भी सकारात्मक संकेत दिया है। कोल इंडिया ने परिचालन स्तर पर भी मजबूती दिखाई है और कंपनी की ऑपरेशनल इनकम में सालाना आधार पर लगभग 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
उत्पादन लक्ष्य से पीछे, लेकिन मुनाफे में रिकॉर्ड बढ़त
हालांकि कोल इंडिया इस वित्त वर्ष में अपने उत्पादन लक्ष्य को पूरी तरह हासिल नहीं कर सकी, लेकिन लागत नियंत्रण, बेहतर बिक्री रणनीति और मजबूत बाजार मांग के कारण कंपनी ने लाभ में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की। कंपनी सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में इस तिमाही में लगभग 31 प्रतिशत अधिक प्रभावी मुनाफा दर्ज किया गया है, जो सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में एक मजबूत संकेत माना जा रहा है।
निवेशकों को मिला डिविडेंड का बड़ा तोहफा
कोल इंडिया के बोर्ड ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर 5.25 रुपये प्रति शेयर फाइनल डिविडेंड घोषित किया है। यह चालू वित्त वर्ष में पहले दिए गए अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त होगा। इस घोषणा के बाद शेयरधारकों में उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि कोल इंडिया लगातार लाभांश देने वाली प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में शामिल रही है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब डिविडेंड का भुगतान केवल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा स्वीकृत इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से ही किया जाएगा। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज होगी।
शेयर बाजार में भी सकारात्मक संकेत
विश्लेषकों का मानना है कि कोल इंडिया के बेहतर तिमाही परिणाम और लाभांश घोषणा से कंपनी के शेयरों में सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है। खासकर लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह खबर काफी राहत देने वाली है। ऊर्जा क्षेत्र में कोल इंडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और देश की बिजली उत्पादन व्यवस्था में इसकी हिस्सेदारी निर्णायक बनी हुई है। ऐसे में कंपनी का मजबूत वित्तीय प्रदर्शन व्यापक आर्थिक संकेत भी देता है।
कोयला क्षेत्र के लिए सकारात्मक संदेश
कोयला उत्पादन और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से कोल इंडिया का प्रदर्शन देश की औद्योगिक अर्थव्यवस्था से सीधे जुड़ा हुआ है। चौथी तिमाही के नतीजों ने यह साबित कर दिया है कि चुनौतियों के बावजूद कंपनी अपनी वित्तीय मजबूती बनाए हुए है। निवेशकों, कर्मचारियों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के लिए यह रिपोर्ट एक सकारात्मक संदेश लेकर आई है।