चाईबासा: चक्रधरपुर के पोड़ाहाट जंगल में भीषण मुठभेड़! सुरक्षाबलों ने दो नक्सली को किया ढेर

पश्चिमी सिंहभूम के सोनुआ थाना क्षेत्र स्थित केड़ाबीर जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। कोबरा, सीआरपीएफ और जिला पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में दो नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है। इलाके में सर्च अभियान तेज कर दिया गया है।

चाईबासा: चक्रधरपुर के पोड़ाहाट जंगल में भीषण मुठभेड़! सुरक्षाबलों ने दो नक्सली को किया ढेर
सीआरपीएफ और जिला पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन।

चाईबासा (Threesocieties.com Desk) : पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत लोंजो के समीप केड़ाबीर जंगल में मंगलवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। शुरुआती सूचना के अनुसार इस मुठभेड़ में दो नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि पुलिस ने फिलहाल केवल मुठभेड़ की पुष्टि की है और विस्तृत जानकारी सर्च ऑपरेशन समाप्त होने के बाद देने की बात कही है।

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जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब सात बजे कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम जंगल क्षेत्र में कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही थी। इसी दौरान जंगल में छिपे नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए ताबड़तोड़ जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से काफी देर तक गोलीबारी होती रही।

जंगल में घेराबंदी, सर्च ऑपरेशन तेज

मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है। जंगल के कई हिस्सों को सील कर दिया गया है ताकि नक्सली भाग न सकें। बताया जा रहा है कि भागने के दौरान कुछ नक्सलियों को गोली लगी है। मौके से हथियार और अन्य सामान मिलने की भी संभावना जताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभियान अभी भी जारी है और इलाके की लगातार तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।

एसपी अमित रेणु ने की पुष्टि

पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कहा कि सोनुआ थाना क्षेत्र के लोंजो-केड़ाबीर इलाके में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है। फिलहाल संयुक्त अभियान जारी है और ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

मिसिर बेसरा और सालुका कायम की तलाश

सूत्रों के अनुसार, सारंडा क्षेत्र में दबाव बढ़ने के बाद कई बड़े नक्सली नेता पोड़ाहाट जंगल में सक्रिय हैं। सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि करोड़ों के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा और 10 लाख के इनामी नक्सली सालुका कायम अपने दस्ते के साथ इलाके में मौजूद हैं।इसी खुफिया सूचना के आधार पर पिछले कई दिनों से लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा था। माना जा रहा है कि मंगलवार की मुठभेड़ उसी अभियान का हिस्सा थी। अब सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि मारे गए नक्सली किस दस्ते से जुड़े थे।

पूर्व नक्सली की हत्या के बाद बढ़ी थी सतर्कता

कुछ दिन पहले गोईलकेरा थाना क्षेत्र में पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां पहले से ही अलर्ट थीं। जांच में संकेत मिले थे कि नक्सली संगठन सारंडा से निकलकर कोल्हान और पोड़ाहाट के जंगलों में अपनी गतिविधियां बढ़ा रहे हैं।इसके बाद सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में बड़े स्तर पर अभियान शुरू किया था। 29 अप्रैल को भी सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में एक लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति को मार गिराया था। उस कार्रवाई के बाद पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ और बड़े ऑपरेशन चलाने का दावा किया था।

जंगलों में जारी है शह और मात का खेल

पोड़ाहाट और सारंडा के घने जंगल लंबे समय से नक्सलियों का सुरक्षित ठिकाना माने जाते रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षाबलों ने लगातार अभियान चलाकर कई बड़े नक्सली नेताओं को गिरफ्तार या ढेर किया है। इसके बावजूद समय-समय पर नक्सलियों की गतिविधियां सामने आती रहती हैं। फिलहाल केड़ाबीर जंगल में सर्च ऑपरेशन जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी सिंहभूम और आसपास के जंगल क्षेत्रों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।