बोकारो एयरपोर्ट को मिली रफ्तार! 15 दिनों में DGCA लाइसेंस के लिए आवेदन, हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद बढ़ी

बोकारो एयरपोर्ट संचालन को लेकर झारखंड सरकार ने समीक्षा बैठक की। अधिकारियों को 15 दिनों के भीतर DGCA लाइसेंस के लिए आवेदन करने का निर्देश दिया गया है। पश्चिम बंगाल का छर्रा एयरफील्ड भी अब क्षेत्रीय हवाई सेवा की दौड़ में शामिल हो गया है।

बोकारो एयरपोर्ट को मिली रफ्तार! 15 दिनों में DGCA लाइसेंस के लिए आवेदन, हवाई सेवा शुरू होने की उम्मीद बढ़ी
बोकारो एयरपोर्ट को लेकर सरकार गंभीर।

बोकारो (Threesocieties.com Desk): बोकारो हवाई अड्डे के संचालन को लेकर एक बार फिर सरकारी स्तर पर हलचल तेज हो गई है। वर्षों से लंबित इस महत्वाकांक्षी परियोजना को गति देने के लिए गुरुवार को राज्य सरकार स्तर पर अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अगले 15 दिनों के भीतर डीजीसीए (DGCA) लाइसेंस के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।

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राज्य के नागरिक उड्डयन विभाग की सचिव वंदना दादेल ने बोकारो एयरपोर्ट परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में बोकारो स्टील प्लांट (BSL), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) तथा अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

अधिकांश कार्य पूरे, तकनीकी मंजूरियां बाकी

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य सरकार की ओर से किए जाने वाले अधिकांश कार्य लगभग पूरे हो चुके हैं। सतनपुर पहाड़ी पर ऑब्स्ट्रक्शन लाइट लगाने सहित कई जरूरी तकनीकी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। हालांकि, अभी भी कुछ औपचारिकताएं शेष हैं, जिनमें सीटीओ (CTO), सुरक्षा मंजूरी और अन्य तकनीकी प्रक्रियाएं शामिल हैं। अधिकारियों का दावा है कि इन प्रक्रियाओं को भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

एयरलाइन कंपनी की तलाश बनी चुनौती

बोकारो एयरपोर्ट परियोजना के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक एयर सेवा प्रदान करने वाली कंपनी की तलाश भी है। एयरपोर्ट तैयार होने के बावजूद यदि कोई विमानन कंपनी संचालन के लिए आगे नहीं आती है, तो नियमित उड़ान सेवा शुरू होने में देरी हो सकती है। राज्य सरकार अब इस दिशा में भी सक्रियता बढ़ाने की तैयारी कर रही है ताकि बोकारो समेत आसपास के जिलों को जल्द हवाई कनेक्टिविटी मिल सके।

बंगाल के छर्रा एयरफील्ड से बढ़ी प्रतिस्पर्धा

इधर बोकारो एयरपोर्ट की धीमी प्रगति के बीच पड़ोसी पश्चिम बंगाल ने भी क्षेत्रीय हवाई सेवा को लेकर कदम तेज कर दिए हैं। बोकारो सीमा से सटे पुरूलिया जिले के ऐतिहासिक छर्रा एयरफील्ड के जीर्णोद्धार को लेकर वहां राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ गई हैं।

द्वितीय विश्व युद्ध काल के इस एयरफील्ड का वर्ष 2023 में पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा सर्वे कराया गया था। इसके बाद अगस्त 2025 में भाजपा पश्चिम बंगाल प्रदेश अध्यक्ष सौमिक भट्टाचार्य ने राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया। जानकारी के अनुसार, इसके पुनर्निर्माण के लिए करीब 150 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है।

बोकारोवासियों को अब फैसले का इंतजार

बोकारो एयरपोर्ट परियोजना लंबे समय से लोगों की उम्मीदों से जुड़ी रही है। उद्योग, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे बोकारो को हवाई सेवा से जोड़ने की मांग वर्षों पुरानी है। अब सरकार की ताजा सक्रियता और DGCA लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी से यह उम्मीद फिर जगी है कि आने वाले समय में बोकारो से हवाई उड़ानें शुरू हो सकती हैं।