धनबाद SNMMCH में ऑक्सीजन संकट से कोहराम! दो मरीजों की मौत, 16 ऑपरेशन टले

SNMMCH Dhanbad Oxygen Crisis: धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट खराब होने से दो मरीजों की मौत हो गई, आठ मरीज गंभीर हैं और 16 ऑपरेशन टाल दिए गए। अस्पताल में बिजली संकट, गर्मी और अव्यवस्था को लेकर परिजनों ने जमकर हंगामा किया।

धनबाद SNMMCH में ऑक्सीजन संकट से कोहराम! दो मरीजों की मौत, 16 ऑपरेशन टले
SNMMCH में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SNMMCH) में गुरुवार को स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराती नजर आई। अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट ठप हो जाने से मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। दो दिनों के भीतर ऑक्सीजन नहीं मिलने के आरोप के बीच दो मरीजों की मौत हो गई, जबकि आठ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

यह भी पढ़ें: धनबाद: हरिणा में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा: बिजली संकट और जर्जर जलमीनार पर BCCL के खिलाफ आंदोलन का ऐलान

स्थिति इतनी खराब हो गई कि अस्पताल प्रशासन को कई विभागों में होने वाले ऑपरेशन स्थगित करने पड़े। गुरुवार को लगभग 16 ऑपरेशन टाल दिए गए, जबकि बुधवार को भी 12 ऑपरेशन रद्द हुए थे।

ऑक्सीजन नहीं मिलने का आरोप, दो मौतों से भड़के परिजन

बुधवार को झरिया निवासी दुलारी देवी की मौत के बाद परिजनों ने आरोप लगाया था कि उन्हें समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल सका। वहीं गुरुवार को बलियापुर निवासी विनोद की मौत के बाद भी परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। मृतक के स्वजनों का कहना था कि वे पूरी रात डॉक्टरों और कर्मचारियों से ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की गुहार लगाते रहे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मरीज की मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ।

अस्पताल में ठप हुई सर्जरी व्यवस्था

ऑक्सीजन संकट का असर अस्पताल की सर्जरी सेवाओं पर भी पड़ा। सर्जरी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा ईएनटी विभाग में तय ऑपरेशन रद्द करने पड़े। जानकारी के अनुसार: सर्जरी विभाग के 5 ऑपरेशन, हड्डी रोग विभाग के 5 ऑपरेशन, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के 4 ऑपरेशन व ईएनटी विभाग का 1 ऑपरेशन स्थगित कर दिया गया। कई मरीज निजी अस्पतालों की ओर रुख करने को मजबूर हो गए। कुछ मरीजों और उनके परिजनों ने ऑपरेशन थिएटर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया।

ICU और इमरजेंसी में गर्मी से मरीज बेहाल

अस्पताल में बिजली कटौती और एसी बंद रहने से ICU, HDU और इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों की हालत और खराब हो गई। मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टरों के चेंबर में एसी चल रहे हैं, लेकिन मरीजों के वार्ड गर्मी और उमस से भरे पड़े हैं। ICU में भर्ती मरीजों के परिजनों ने कहा कि अस्पताल में इलाज से ज्यादा अव्यवस्था दिखाई दे रही है। कई वार्डों में पंखे तक ठीक से काम नहीं कर रहे थे।

नवजात बच्चों तक को नहीं मिली राहत

स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक नजर आए। नवजात बच्चों और उनकी माताओं को भारी गर्मी के बीच बरामदे में रखा गया। परिजनों ने बताया कि वार्ड में इतनी उमस थी कि बच्चों को फर्श पर लिटाकर हाथ से पंखा झलना पड़ा। कई जगहों पर पंखे भी बंद थे।

भाजपा नेत्री तारा देवी पहुंचीं अस्पताल

मरीज की मौत की सूचना मिलने के बाद पूर्व विधायक और भाजपा नेत्री तारा देवी अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी और अस्पताल अधीक्षक से बातचीत कर तत्काल ऑक्सीजन व्यवस्था बहाल करने की मांग की। तारा देवी ने कहा कि अस्पताल की हालत बेहद खराब है और मरीजों को बुनियादी सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।

अस्पताल प्रशासन ने क्या कहा?

अस्पताल अधीक्षक डॉ. डीके गिंदौरिया ने कहा कि ऑक्सीजन प्लांट की खराबी को दूर करने के लिए पटना से तकनीशियनों की टीम बुलाई गई है। जरूरतमंद मरीजों को सिलेंडर के माध्यम से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मरीजों की मौत केवल ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई, बल्कि अन्य जटिल बीमारियां भी थीं।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य के बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन संकट, बिजली समस्या, गर्मी और ऑपरेशन टलने जैसी घटनाओं ने मरीजों और परिजनों का भरोसा हिला दिया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं।