बिहार: किन्नर पर फिदा हुआ सरकारी मास्टर का बेटा, दोस्ती से शुरू हुई कहानी प्यार और शादी तक पहुंची

बिहार के बेगूसराय में एक अनोखी प्रेम कहानी चर्चा का विषय बनी हुई है। सरकारी शिक्षक के बेटे विकास ठाकुर ने किन्नर सुशीला से प्यार के बाद शादी कर ली। परिवार और समाज के विरोध के बावजूद दोनों ने पहले कोर्ट मैरिज की और बाद में परिवार की सहमति से धूमधाम से विवाह संपन्न हुआ।

बिहार: किन्नर पर फिदा हुआ सरकारी मास्टर का बेटा, दोस्ती से शुरू हुई कहानी प्यार और शादी तक पहुंची
डांस पार्टी में हुई मुलाकात, फिर किन्नर संग बसाया घर।

     HighLights

  • बेगूसराय के युवक विकास ठाकुर ने किन्नर सुशीला से की शादी
  • साल 2022 में एक कार्यक्रम के दौरान दोनों की हुई थी पहली मुलाकात
  • मोबाइल पर बातचीत और मुलाकातों के बाद दोनों ने 2023 में की कोर्ट मैरिज
  • परिवार के विरोध के बावजूद विकास अपने फैसले पर अडिग रहे
  • बाद में परिवार की सहमति से धूमधाम से हुई सामाजिक रीति-रिवाज से शादी

बेगूसराय (Threesocieties.com Desk): बिहार के बेगूसराय जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी हो रही है। यहां सरकारी स्कूल के एक शिक्षक के बेटे ने एक किन्नर से प्यार किया और फिर समाज तथा परिवार की तमाम बंदिशों को पीछे छोड़ते हुए उसे अपनी जीवनसंगिनी बना लिया। अब दोनों पति-पत्नी अपने वैवाहिक जीवन में खुश हैं और उनकी शादी की तस्वीरें एवं वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

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जानकारी के अनुसार, भगवानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी विकास कुमार ठाकुर के पिता सरकारी विद्यालय में शिक्षक हैं। विकास पेशे से डांस पार्टी में काम करते हैं और कार्यक्रमों के सिलसिले में अक्सर अलग-अलग जगहों पर जाते रहते हैं। इसी दौरान वर्ष 2022 में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में उनकी मुलाकात सुशीला नाम की एक किन्नर से हुई। पहली मुलाकात के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद दोनों ने एक-दूसरे का मोबाइल नंबर लिया और फोन पर बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया। समय के साथ दोनों एक-दूसरे के करीब आते गए और मुलाकातें भी बढ़ती चली गईं।

बताया जाता है कि विकास अक्सर अपने रिश्तेदारों के यहां आने-जाने के दौरान सुशीला से मिलते थे। दोनों ने लंबे समय तक अपने रिश्ते को निजी रखा, लेकिन जब उन्हें लगा कि वे एक-दूसरे के बिना नहीं रह सकते, तब उन्होंने शादी करने का फैसला कर लिया।हालांकि, इस रिश्ते को लेकर शुरुआत में विकास के परिवार और रिश्तेदारों ने आपत्ति जताई। परिवार को यह रिश्ता स्वीकार नहीं था, लेकिन विकास अपने फैसले पर अडिग रहे। उनका कहना था कि वह अपने प्यार को अधूरा नहीं छोड़ सकते।

परिवार के विरोध के बीच दोनों ने वर्ष 2023 में चुपचाप कोर्ट मैरिज कर ली। कोर्ट मैरिज के बाद भी दोनों कुछ समय तक अलग-अलग रहे, लेकिन धीरे-धीरे परिवार को इस शादी की जानकारी मिल गई। इसके बाद परिवार के भीतर लंबी बातचीत और समझाइश का दौर चला।आखिरकार विकास के दृढ़ फैसले और दोनों के रिश्ते की गंभीरता को देखते हुए परिवार ने भी इस विवाह को स्वीकार कर लिया। इसके बाद पूरे रीति-रिवाज और सामाजिक परंपराओं के साथ दोनों की शादी कराई गई। बाकायदा शादी के कार्ड छपवाए गए और बैंड-बाजे के साथ विवाह समारोह का आयोजन किया गया।

सुशीला का कहना है कि शादी से पहले दोनों करीब छह महीने तक रिश्ते में रहे। उन्होंने कहा कि किन्नर समुदाय के लोग भी आम इंसानों की तरह भावनाएं रखते हैं, लेकिन समाज उन्हें अक्सर वह सम्मान और स्वीकार्यता नहीं देता जिसके वे हकदार हैं। उन्होंने कहा, "किन्नर भी इंसान होते हैं और उनके अंदर भी भावनाएं होती हैं। विकास ने मुझे सिर्फ जीवनसाथी ही नहीं बनाया, बल्कि समाज में सम्मान के साथ जीने का हौसला भी दिया।"वहीं विकास का कहना है कि रिश्ते सम्मान और विश्वास पर टिके होते हैं। यदि परिवार और समाज एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें तो हर रिश्ते को स्वीकार्यता मिल सकती है।

फिलहाल, बेगूसराय की यह अनोखी प्रेम कहानी इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर लोग इस रिश्ते को लेकर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे प्यार की जीत बता रहा है तो कोई इसे समाज में बदलती सोच और स्वीकार्यता का प्रतीक मान रहा है।