भाजपा में ‘नवीन युग’ का आग़ाज़: PM मोदी बोले– पार्टी में अब मेरे भी बॉस नितिन नवीन
भाजपा को मिला अब तक का सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष। 45 वर्षीय नितिन नवीन ने संभाली कमान। पीएम मोदी ने कहा– “अब पार्टी में मेरे भी बॉस नितिन नवीन हैं।” संगठन पर्व के समापन के साथ जानिए उनके सामने खड़ी राजनीतिक व संगठनात्मक चुनौतियां।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक इतिहास में मंगलवार का दिन एक नये युग की शुरुआत के रूप में दर्ज हो गया। बिहार के बांकीपुर से विधायक नितिन नवीन ने औपचारिक रूप से भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाल लिया। महज 45 वर्ष की उम्र में देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी की कमान संभालने वाले नितिन नवीन अब भाजपा के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गये हैं।
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Shri @NitinNabin officially assumed the role of National President of the BJP in the presence of senior party leaders.
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भाजपा मुख्यालय में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने न केवल उन्हें मिठाई खिलाकर बधाई दी, बल्कि कार्यकर्ताओं के सामने यह कहकर स्पष्ट संदेश भी दिया— “पार्टी में अब नितिन नवीन मेरे भी बॉस हैं, मैं एक कार्यकर्ता की तरह काम करता रहूंगा।”प्रधानमंत्री का यह वक्तव्य भाजपा की कार्यकर्ता-प्रधान संस्कृति और संगठनात्मक अनुशासन का प्रतीक माना जा रहा है।
PM Modi met and interacted with the family members of newly elected BJP President Shri @NitinNabin at the Party headquarters in Delhi.
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Glimpses from the meeting... pic.twitter.com/0k4axqN95a
अध्यक्ष की कुर्सी तक का प्रतीकात्मक क्षण
चुनाव प्रभारी द्वारा निर्वाचन प्रमाण-पत्र सौंपे जाने के बाद पीएम मोदी स्वयं नितिन नवीन को पार्टी अध्यक्ष के कार्यालय तक लेकर गये। उनका हाथ पकड़कर अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाया, पीठ थपथपाई और नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान जेपी नड्डा, अमित शाह, राजनाथ सिंह सहित पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
भाजपा में प्रधानमंत्री भी कार्यकर्ता हैं, जबकि कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष सिर्फ परिवार की कठपुतली!
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यही फर्क है विचारों का... pic.twitter.com/4vDOTTFiHA
पीएम मोदी का संदेश: नेतृत्व बदला, दिशा वही
अपने करीब 40 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाजपा में नेतृत्व बदलता है, लेकिन विचारधारा और दिशा नहीं बदलती।
उन्होंने कहा— “अब नितिन नवीन मेरे काम का आकलन करेंगे, मेरी भी सीआर लिखेंगे।” मोदी ने नितिन नवीन को युवा ऊर्जा और अनुभव का संगम बताते हुए कहा कि वे उस पीढ़ी से आते हैं जिसने रेडियो युग भी देखा और एआई युग को भी अपनाया है।
प्रधानमंत्री श्री @narendramodi की उपस्थिति में भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @NitinNabin ने पदभार ग्रहण किया। pic.twitter.com/KplMj7XPSu
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भाजपा की ताकत परिवर्तनशीलता
मोदी ने कहा कि भाजपा में नेतृत्व बदलता है, लेकिन दिशा और सिद्धांत नहीं बदलते। मोदी ने नये अध्यक्ष को युवा ऊर्जा और संगठनात्मक अनुभव का अनूठा संगम बताया और कहा कि नवीन उस पीढ़ी से आते हैं, जिसने बचपन में रेडियो पर समाचार सुने और आज एआई जैसे उपकरणों का उपयोग कर रही है। यह परिवर्तनशीलता ही भाजपा की ताकत है। अध्यक्ष पद केवल संगठन के संचालन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एनडीए के सहयोगी दलों के साथ समन्वय, कार्यकर्ताओं का मनोबल और भविष्य की रणनीति तय करने का भी दायित्व है।
मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने कभी अपने पतन की निष्पक्ष समीक्षा नहीं की, जबकि भाजपा जीत-हार दोनों से सीखती है। उन्होंने 1984 के बाद कांग्रेस की गिरावट का उदाहरण देते हुए कहा कि आत्ममंथन के अभाव ने उसे कमजोर किया। इसके विपरीत, भाजपा हर चुनाव के बाद अपने प्रदर्शन का विश्लेषण कर आगे की रणनीति बनाती है।
नितिन नवीन का विज़न: राजनीति नहीं, राष्ट्रसेवा
पदभार ग्रहण करने के बाद नितिन नवीन ने कहा कि उनके लिए राजनीति सत्ता का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा की साधना है। उन्होंने युवाओं से राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए कहा— “राजनीति से दूरी समाधान नहीं है। सकारात्मक राजनीति से ही विकसित भारत का सपना साकार होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति सौ मीटर की दौड़ नहीं, बल्कि मैराथन है, जिसमें धैर्य और समर्पण सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि भाजपा में हर मेहनत पर नजर है और समय आने पर हर कार्यकर्ता को उसका उचित स्थान मिलेगा।आगामी विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए नवीन ने बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया। उन्होंने सनातन परंपराओं, सांस्कृतिक आस्था और राष्ट्रीय एकता से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ता संघर्ष और परिश्रम से हर चुनौती का सामना करेंगे।
नये अध्यक्ष के सामने बड़ी चुनौतियां
नितिन नवीन के सामने संगठन और राजनीति—दोनों स्तरों पर कई अहम चुनौतियां हैं:
2026–27 के विधानसभा चुनाव: बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी पर विशेष फोकस
एनडीए सहयोगी दलों के साथ संतुलन
युवाओं और नए मतदाताओं को संगठन से जोड़ना
डिजिटल और जमीनी संगठन के बीच तालमेल
विपक्षी गठबंधन से मुकाबला और 2029 की रणनीति
अनुभव और पृष्ठभूमि
बिहार से पांच बार विधायक रह चुके नितिन नवीन राज्य सरकार में कानून एवं न्याय, शहरी विकास और आवास जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाल चुके हैं। उनका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना भाजपा में पीढ़ीगत बदलाव और संगठनात्मक निरंतरता का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
निष्कर्ष
भाजपा में नितिन नवीन का अध्यक्ष बनना सिर्फ नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की राजनीतिक दिशा का संकेत है। पीएम मोदी का “मेरे भी बॉस” वाला बयान इस बदलाव को ऐतिहासिक बना देता है। अब देखना होगा कि युवा अध्यक्ष संगठन को किस नई ऊंचाई तक ले जाते हैं और आने वाले चुनावी रण में भाजपा को कैसी धार देते हैं।






