झारखंड:रांची में लॉ स्टूडेंट से गैंगरेप के आरोपी 11 दरिंदों को उम्रकैद,लाइफ टाइम तक जेल में रहेंगे

  • रांची की निर्भया को मिला इंसाफ
रांची। कोर्ट ने झारखंड की राजधानी रांची की निर्भया नाम से फेमस लॉ छात्रा गैंगरेप कांड में सभी 11 दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनायी है। इनमें कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप तिर्की, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, बसंत कश्यप, रवि उरांव, रोहित उरांव, सुनील मुंडा और ऋषि उरांव शामिल है। न्यायायुक्त नवनीत कुमार की कोर्ट ने इस गैंगरेप को जघन्य अपराध माना है। दोषियों को आजीवन कारावास के साथ ही लाइफ टाइम तक जेल में रहने की सजा दी है। कोर्ट में सोमवार को सुनवाई के दौरान झारखंड पुलिस के डीजीपी केएन चौबे भी उपस्थित थे। बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल से सभी दोषियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग से करायी गयी। कोर्ट ने इस मामले में स्पी डी ट्रायल के में मात्र 90 दिनों के रिकॉर्ड टाइम में दोषियों को सजा सुनाते हुए पीड़ि‍ता को इंसाफ दिया। सुनवाई के दौरान सिविल कोर्ट कैंपस में कड़े सुरक्षा इंतजाम थे। अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्याययुक्त नवनीत कुमार की कोर्ट ने सभी 11 अभियुक्तोंर को आइपीसी की सेक्शन 376 d, 366, 323, 120 b और 411 के तहत दोषी करार दिया था। कोर्ट ने आज सभी को आजीवन कारावस की सजा सुनाई है। आरोपी कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप तिर्की, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, बसंत कश्यप, रवि उरांव, रोहित उरांव, सुनील मुंडा और ऋषि उरांव बिरसा मुंडा जेल रांची में बंद हैं।इस मामले में 12वां आरोपी नाबालिग है, जिस पर जुवेनाइल कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में 11 अभियुक्तों3 को दोषी करार देते हुए दो मार्च को सजा का एलान करने की तारीख मुकर्रर की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से 21 गवाह पेश किये गये थे। फ्लैश बैक वर्ष 2019 की 26 नवंबर को कांके के संग्रामपुर में लॉ छात्रा से गैंगरेप की गयी थी। छात्रा की कंपलेन पर कांके पुलिस स्टेशन में 12 आरोपितों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गयी थी। पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर 29 फरवरी को जेल भेज दिया था।आरोपियों ने पीडि़ता के साथ अमानवीयता की हदें पार कर दी थी। तीन-चार अभियुक्तों ने एक नहीं दो-दो बार रेप किया। 12 दरिंदे लगभग दो घंटे तक उसे जानवरों की तरह नोचते-खसोटते रहे। हाई कोर्ट के निर्देश पर केस की डे-टू-डे सुनवाई हुई। 24 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल कर दी गई। हाई कोर्ट खुद मामले की मॉनीटरिंग कर रहा था। रिनपास में होगी शारीरिक व मानसिक जांच नाबालिग घटना को अंजाम देने में सक्षम है या नहीं, इसकी जांच होगी। किशोर न्याय बोर्ड की अनुशंसा पर रिनपास में नाबालिग के मानसिक व शारीरिक क्षमता की जांच की जायेगी। जांच में अगर नाबालिग घटना को अंजाम देने में सक्षम पाया जाता है तो इस स्थिति में उसे वयस्कों की तरह ट्रायल फेस करना पड़ेगा।