‘मेरा बेटा IPS बनेगा…’ जेल से बाहर आते ही अनंत सिंह का बड़ा ऐलान, छोटे बेटे अभिनव ने भी ठोकी दावेदारी

मोकामा विधायक अनंत सिंह ने जेल से बाहर आते ही अपने छोटे बेटे अभिनव को IPS बनाने की इच्छा जताई। अभिनव ने भी पिता का सपना पूरा करने का संकल्प लिया। साथ ही नीतीश कुमार के इस्तीफे और बिहार की राजनीति पर भी बड़ा बयान दिया।

‘मेरा बेटा IPS बनेगा…’ जेल से बाहर आते ही अनंत सिंह का बड़ा ऐलान, छोटे बेटे अभिनव ने भी ठोकी दावेदारी
अनंत सिंह के साथ छोटा बेटा अभिषेक।
  • पटना: जेल से बाहर आते ही अनंत सिंह का बड़ा बयान
  • बेटे को लेकर जताई बड़ी इच्छा

पटना (Threesocieties.com Desk): बिहार की सियासत में अपने दबंग अंदाज और बेबाक बयानों के लिए चर्चित मोकामा विधायक अनंत सिंह एक बार फिर सुर्खियों में हैं। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने अपने छोटे बेटे अभिनव को लेकर बड़ा ऐलान किया है।

यह भी पढ़ें: धनबाद : ‘डांडिया डांस’ पर बवाल: महिला थानेदार पर एक्शन पर सवाल—अनुशासन या कम्युनिटी पुलिसिंग पर चोट?

मंगलवार को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान अनंत सिंह ने साफ कहा— “मेरा छोटा बेटा IPS अधिकारी बनेगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है।

बेटे अभिनव ने भी लिया संकल्प

अनंत सिंह के इस बयान पर उनके बेटे अभिनव ने भी तुरंत प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “मैं पापा का सपना जरूर पूरा करूंगा।” बताया जा रहा है कि अभिनव ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा दी है और अब वह आगे की पढ़ाई के साथ UPSC की तैयारी करने की दिशा में बढ़ सकते हैं।

नीतीश कुमार के इस्तीफे पर भी दिया बड़ा बयान

राजनीतिक सवालों पर भी अनंत सिंह ने खुलकर अपनी राय रखी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधान परिषद से इस्तीफे पर उन्होंने कहा— “उन्होंने बिहार के लिए सब कुछ कर दिया, अब उनके पास करने को कुछ नहीं बचा। उनके दिल्ली जाने से लोग दुखी हैं।”

‘निशांत या सम्राट में से कोई बने CM’

अनंत सिंह ने आगे कहा कि अब बिहार में नए नेतृत्व को मौका मिलना चाहिए। उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि निशांत कुमार या सम्राट चौधरी में से किसी एक को मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए। यह बयान बिहार की राजनीति में नई बहस को जन्म दे सकता है।

क्यों दिया नीतीश कुमार ने इस्तीफा?

दरअसल, नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए चुने गए हैं। संवैधानिक नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति एक साथ दो सदनों का सदस्य नहीं रह सकता, इसलिए उन्हें विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी पड़ी। वहीं, भाजपा नेता नितिन नवीन ने भी इसी कारण विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दिया है।

चार बार विधान परिषद सदस्य रह चुके हैं नीतीश कुमार

नीतीश कुमार का विधान परिषद में लंबा राजनीतिक सफर रहा है।

पहली बार 2006 में सदस्य बने
दूसरा कार्यकाल: 2012–2018
तीसरा कार्यकाल: 2018–2024
चौथा कार्यकाल: 2024 से शुरू (2030 तक था)

लेकिन अब राज्यसभा जाने के कारण उन्होंने यह पद छोड़ दिया।