नई दिल्ली: जेट एयरवेज की सभी उड़ानें अस्थायी तौर पर बंद हुई, बैंकों ने इमरजेंसी फंड नहीं दिया

  • जेट के पास रोज के खर्च पूरे करने के पैसे भी नहीं
  • पायलट्स-इंजीनियर्स की 3 महीने की सैलरी बकाया
  • जेट एयरवेज सात साल में बंद होने वाली छठी एयरलाइन
  • 20000 कर्मचारियों के भविष्य पर संकट
नई दिल्ली: जेट एयरवेज लिमिटेड बुधवार को अस्थायी रूप से अपना परिचालन बंद कर दिया है. बैंकों ने फिलहाल कंपनी को इमरजेंसी फंड उपलब्ध कराने से इनकार कर दिया है. एयरलाइन्स पर फिलहाल 1.2 बिलियन डॉलर का बैंक लोन है कंपनी मार्च के अंत में सहमत हुए एक बचाव सौदे के हिस्से के रूप में अपने लोनदेताओं से लगभग 217 मिलियन डॉलर का लोन प्राप्त करने में विफल रही है. जेट एयरवेज पिछले सात साल में बंद होने वाली छठी और दूसरी बड़ी एयरलाइन है.वर्ष 2012 में माल्या की किंगफिशर एयरलाइंस बंद हुई थी.इसके बाद एयर पेगसस, एयर कोस्टा, एयर कार्निवल और जूम एयर को ऑपरेशंस बंद करने पड़े थे. जेट के ऑपरेशन बंद होने के बाद लगभग 20 हजार कर्मचारियों और मैनेजमेंट के भविष्य पर संकट उत्पन्न हो गया है. कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके रोजगार को बचाने की अपील की है. जेट एयरवेज के मैनेजमेंट और कर्मचारियों को अब एसबीआई के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्शियम द्वारा जेट की हिस्सेदारी बेचने के लिए बोली प्रक्रिया पूरी करने का इंतजार है. यह प्रोसेस 10 मई तक पूरी होगी. जेट के कर्जदाताओं का कहना है कि बिडिंग के जरिए जेट के संकट का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है.