धनबाद।अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को धनबाद रेल मंडल के खास रहा। महिला लोको पायलट जानकी वल्लभ और महिला सहायक लोको पायलट कुमारी वंदना ने धनबाद-सिंदरी पैसेंजर ट्रेन चलायी। जानकी और वंदना इस रेल मंडल में सवारी गाड़ी चलाने वाली पहली महिला लोको पायलट और महिला सह लोको पायलट बन गईं। गार्ड की जिम्मेवारी संभालते हुए अल्बीना मरांडी झंडी दिखा रही थीं।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर धनबाद रेल डिवीजन के धनबाद स्टेशन से प्रतिदिन की तरह आज भी प्लेटफार्म नंबर 6 से 11. 30 बजे धनबाद-सिंदरी सवारी गाड़ी खुली। ट्रेन के स्टीयरिंग पर पुरुष लोको पायलट के बजाय महिला लोको पायलट जानकी वल्लभ थी। जानकी का सहयोग कर रही थीं महिला सहायक लोको पायलट कुमारी वंदना। ट्रेन में लोको पायलट से लेकर गार्ड तक सब महिलाएं थीं। महिलाएं धनबाद-हावड़ा रेल लाइन के प्रधानखांता स्टेशन होते हुए ट्रेन को सिंदरी तक पहुंचायी।
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गार्ड अल्बीना मरांडी।[/caption]
धनबाद-सिंदरी पैसेंजर ट्रेन में सफर कर रहे पैसेंजर्स ने भी महिला दिवस पर महिला स्टाफ की हौसला अफजाई की। सभी महिला स्टाफ का अभिवादन किया। महिला दिवस पर धनबाद रेलवे स्टेशन महिलाओं के हवाले रहा।आरआरआई से लेकर टिकट बुकिंग काउंटर तक महिलाओं की ड्यूटी लगी थी।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना ने चीता हेलीकॉफ्टर लेकर भरी थी उड़ान

फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना चीता हेलीकॉफ्टर लेकर कारगिल युद्ध में उड़ान भरने वाली गुंजन देश की पहली महिला थी जिन्हें लिम्का बुक में जगह मिली। कारगिल युद्ध के समय गुंजन सक्सेना की पोस्टिंग उधमपुर में थी।भारत-पाक के बीच जंग छिड़ी हुई थी। पाकिस्तानी सैनिक लगातार रॉकेट लांचर और गोलियों से हमला करते रहे। गुंजन ने चीता हेलीकॉप्टर से हमले के बीच द्रास और बटालिक की ऊंची चोटियों से सैनिकों को सुरक्षित निकाल लाई।
धनबाद की बहु है फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना
वर्ष 1999 में मई से जुलाई तक चले कारगिल युद्ध के समय गुंजन सक्सेना की पोस्टिंग उधमपुर में थी। फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना धनबाद की बहू हैं। शादी के बाद उन्होंने वीआरएस ले लिया है। पर अब देश और दुनिया के लोग उन्हें अगले महीने बॉलीवुड फिल्म में भी देखेंगे। गुंजन की बायोपिक बन रही है। बायोपिक 'गुंजन सक्सेना : द कारगिल गर्ल' में श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर गुंजन का रोल निभा रही हैं। फिल्म 24 अप्रैल को रिलीज होगी। जाह्नवी बायोपिक के सिलसिले में कई बार गुंजन सक्सेना से मिल चुकी हैं।
धैया के चंद्रविहार कॉलोनी में है ससुराल
गुंजन सक्सेना की ससुराल धैया के चंद्र विहार कॉलोनी में है। उनके ससुर गणेश अनुग्रह नारायण बीसीसीएल के रिटायर्ड अफसर हैं। हसबैंड गौतम नारायण इंडियन एयरफोर्स के विंग कमांडर हैं। गुंजन अभी अपने पति के साथ वाराणसी में रह रही हैं। गुंजन का वर्ष 1996 में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिये इंडियन एयरफोर्स में महिला पायलट के रूप में सलेक्शन हुआ था। उनके पिता लखनऊ में रहते हैं जो एयर फोर्स से रिटायर्ड अफसर हैं। गुंजन की वर्ष 2002 में शादी हुई। उन्होंने वर्ष 2004 में मां बनने के एयरफोर्स से वीआरएस ले लिया।