ग्रामीण इलाकों में मकान-दुकान बनाने से पहले अलर्ट! 5000 वर्गफीट से बड़े निर्माण पर नक्शा पास कराना अब अनिवार्य

धनबाद के ग्रामीण क्षेत्रों में 5000 वर्गफीट या उससे अधिक क्षेत्रफल पर भवन, दुकान या कॉम्प्लेक्स निर्माण से पहले जिला परिषद से नक्शा पास कराना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना स्वीकृति निर्माण करने पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी। BPAMS पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी शुरू की गई है।

ग्रामीण इलाकों में मकान-दुकान बनाने से पहले अलर्ट! 5000 वर्गफीट से बड़े निर्माण पर नक्शा पास कराना अब अनिवार्य
अब जिला परिषद की मंजूरी के बिना नहीं होगा निर्माण।

Highlights

  • जिला परिषद, धनबाद को भवन निर्माण स्वीकृति की शक्तियां प्रदान की गईं
  • बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य को अवैध माना जाएगा
  • नियम उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी
  • BPAMS पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और ट्रैकिंग की सुविधा
  • 'सिंगल विंडो सिस्टम' से ग्रामीण भवन निर्माण स्वीकृति प्रक्रिया होगी तेज और पारदर्शी

धनबाद (Threesocieties.com Desk): ग्रामीण क्षेत्रों में अनियोजित भवन निर्माण पर रोक लगाने और विकास को व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में 5000 वर्गफीट अथवा उससे अधिक क्षेत्रफल पर बनने वाले मकान, दुकान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान या कॉम्प्लेक्स के निर्माण से पहले जिला परिषद, धनबाद से नक्शा स्वीकृत कराना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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ग्रामीण विकास विभाग (पंचायती राज), झारखंड सरकार के निर्देश पर 'झारखंड पंचायत भूमि विकास (नक्शा एवं भवन निर्माण) नियमावली, 2017' के तहत 'झारखंड बिल्डिंग बायलॉज 2016' को ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह लागू कर दिया गया है। इसके बाद भवन निर्माण से जुड़े नक्शों को स्वीकृत करने का अधिकार जिला परिषद को सौंप दिया गया है।

बिना स्वीकृति निर्माण को माना जाएगा अवैध

जिला परिषद की ओर से जारी सूचना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में 5000 वर्गफीट या उससे अधिक क्षेत्रफल पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले नक्शा पारित कराना जरूरी होगा। यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण कार्य करती है तो उसे नियम विरुद्ध और अवैध माना जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान ऐसे निर्माण कार्य पाए जाने पर संबंधित भूस्वामी, निर्माणकर्ता या डेवलपर पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

भवन निर्माण स्वीकृति के लिए जिला परिषद बनेगा 'सिंगल विंडो सिस्टम'

ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण स्वीकृति प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए जिला परिषद, धनबाद को 'सिंगल विंडो सिस्टम' के रूप में सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके तहत भवन निर्माण से संबंधित सभी आवेदन एकीकृत व्यवस्था के माध्यम से निपटाए जाएंगे।इस नई व्यवस्था से नागरिकों, डेवलपर्स और तकनीकी विशेषज्ञों को विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पूरी प्रक्रिया एक ही प्लेटफॉर्म से पूरी हो सकेगी।

BPAMS पोर्टल पर मिलेगी ऑनलाइन सुविधा

झारखंड सरकार ने भवन निर्माण स्वीकृति प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए BPAMS (Building Plan Approval Management System) पोर्टल को सक्रिय कर दिया है। इसके माध्यम से लाइसेंस प्राप्त तकनीकी व्यक्ति (LTP), आर्किटेक्ट, इंजीनियर और डेवलपर्स अपना पंजीकरण करा सकेंगे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भवन निर्माण के लिए ऑनलाइन आवेदन, आवेदन की ट्रैकिंग और समयबद्ध स्वीकृति की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को घर बैठे सेवाएं मिल सकेंगी।

नागरिकों से की गई अपील

जिला परिषद और प्रशासन ने सभी नागरिकों, भू-स्वामियों, बिल्डरों और डेवलपर्स से अपील की है कि वे किसी भी निर्माण कार्य की शुरुआत से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत नक्शा स्वीकृत कराएं। ऐसा नहीं करने पर उन्हें भारी आर्थिक नुकसान और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।प्रशासन का मानना है कि इस नई व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों में नियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा, अवैध निर्माण पर रोक लगेगी और बुनियादी ढांचे का विकास अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा।