रिम्स में कोरोना के चार संदिग्ध पेसेंट एडमिट,चारों के सैंपल कोलकाता भेजे गये, एक युवक धनबाद का

  • जामाडोबा में कोरोना का संदिग्ध
  • सिंदरी के चीनी इंजीनियरों की जांच, नहीं मिले कोरोना के लक्षण
रांची। रिम्स में कोरोना के चार संदिग्ध पेसेंट एडिट हुए हैं। चारों संदिग्ध दूसरे देशों से अपने काम व छुट्टियां मना कर अपने घर लौटे हैं। गाइडलाइंस के अनुसार सर्दी, खांसी, बुखार आदि लक्षणों से प्रभावित होने पर रिम्स में एडमिट किये गये हैं। रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में चारों संदिग्ध को रखा गया है। रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ मनोज कुमार का कहना कि चारों संदिग्ध दूसरे देशों से रांची लौटे हैं। डॉक्टर ने बताया कि लक्षण दिखने पर सभी का सैंपल लेकर नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ कॉलरा एंड इंटेरिक डिजीज कोलकाता भेजा गया है। संदिग्धों में एक महिला व तीन पुरुष शामिल हैं। एक संदिग्ध 42 वर्षीय मरीज पलामू के हैदर नगर का रहने वाला है। वह चीन के वुहान से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। उसके बाद रांची एयरपोर्ट से खुद ही 108 एंबुलेंस को बुलाकर रिम्स पहुंचा। दूसरा पेसेंटधनबाद के निरसा शासनबेरिया का रहने वाला है। यह 21 वर्षीय युवक किसी मोबाइल कंपनी के ट्रेनिंग के लिए चीन के गाउनजुई गया हुआ था। रांची एयरपोर्ट से कोराना के लक्षण की जांच के लिए सीधा रिम्स लाया गया है। वहीं अन्य दो पेसेंट रांची के रहने वाले दंपति हैं। छुट्टियां बिताने के लिए इंडोनेशिया गये हुए थे। पत्नी के शरीर में एक मार्च को दर्द, सर्दी व खांसी के लक्षण दिखे, वहीं पति को भी सर्दी, खांसी की शिकायत थी। आज सुबह रांची एयरपोर्ट उतरने के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा रिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग को सूचना दी गई और उन्हें भी जांच के लिए रिम्स भेज दिया गया। कोरोना को लेकर आइसोलेशन में अलग किये गये पांच बेड कोरोना के सभी संदिग्ध को रिम्स के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा सभी का सैंपल लेकर एनसीआईईडी कोलकाता भेजा गया है। आइसोलेशन वार्ड में कोरोना वायरस के संदिग्ध के लिए पांच बेड की अलग से व्यवस्था की गई है। उसी कमरे में इलाज के तमाम इंतजाम किये गये हैं। धनबाद में मिला Corona का संदिग्ध, वायरस से संक्रमित होने की आशंका निरसा में कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीज की पहचान की गयी है। 22 साल के इस युवक में कोरोना के लक्षण पाये गये हैं।बताया जाता है कि यह युवक हाल ही में चीन से लौटा है.वह चीन के ग्वांगचाऊ शहर में मोबाइल कंपनी में मेनुफैक्चर का ट्रेनी था। चीन में कोरोना फैलने के बाद वह वापस धनबाद लौटा है।लगभग सात दिन से उसे सर्दी,खांसी और सांस लेने में परेशानी हो रही है।बुखाड़ से पीड़ित युवक पर दवाओं का भी असर नहीं हो रहा था।युवक को मंगलवार को सिविल सर्जन ऑफिस बुलाकर डॉक्टरों ने उससे काफी देर तक पूछताछ की। जांच और इलाज के लिए उसे रांची जाने को कहा गया। एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आइडीएसपी) राज्य मुख्यालय के नाम युवक को एक पत्र भी दिया गया है, जिसे वह साथ लेकर गया है। 15 दिन से हाउस सर्विलांस पर था युवक चीन में कोरोना फैलने के बाद युवक 17 दिन पहले 16 फरवरी को भारत आया था। नयी दिल्ली हवाई अड्डे से 18 फरवरी को निरसा अपने घर पहुंचा था। सरकार के निर्देशानुसार उसे हेल्थ डिपार्टमेंट ने 20 दिन के हाउस सर्विलांस पर रखा था। आइडीएसपी उसकी निगरानी कर रही थी।एक सप्ताह पहले युवक को सर्दी, खांसी, सांस लेने में परेशानी और बुखार होने लगा था। इलाज के लिए दवाएं दी गयीं। वह लगातार दवाओं का सेवन कर रहा था लेकिन ये दवाएं उस पर असर नहीं कर रही थी। डॉक्टरों के अनुसार युवक में कोरोना के लक्षण मिले हैं। बुधवार की सुबह उसे इलाज के लिए रांची भेज दिया गया है। जामाडोबा में कोरोना का संदिग्ध कोरोना को लेकर जिले में स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट है।विभाग को बुधवार को जामाडोबा में कोरोना वायरस के एक संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी मिली। डॉक्टरों की टीम गुरुवार को जामाडोबा जाकर जांच करेगी। फोन पर किसी ने एक संदिग्ध के होने की जानकारी दी थी। जिसे कोरोना का संदिग्ध बताया जा रहा है उसका चीन से कोई कनेक्शन नहीं है।वह मास्क लगा कर घूम रहा है। सिंदरी के चीनी इंजीनियरों की जांच, नहीं मिले कोरोना के लक्षण हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम ने एसीसी के विस्तारीकरण प्रोजेक्ट में काम कर रहे चार इंजीनियर समेत पांच चीनी स्टाफ की बुधवार को जांच की। प्रारंभिक जांच में किसी में कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं। अब सभी का ब्लड सैंपल जांच के लिए कोलकाता भेजा जायेगा। धनबाद में इसकी जांच की व्यवस्था नहीं है। ये सभी चीनी कंपनी साईनोमा में कार्यरत हैं। सिविल सर्जन डॉ गोपाल दास के निर्देश पर बुधवार को तीन डॉक्टरों की टीम ने सिंदरी जाकर एसीसी हॉस्पिटल में पांचों चीनी स्टफ की हेल्थ जांच की। किसी भी चीनी नागरिक में कोरोना वायरस के लक्षण नहीं पाये गये हैं।सभी चीनी स्टाफ को एसीसी के गेस्ट हाउस में आइसोलेशन की स्थिति में रखा गया है। बहुमंजिला गेस्ट हाउस का एक फ्लोर चीनी स्टाफ के लिए रिजर्व कर दिया गया है। निर्माणाधीन प्रोजेक्ट में ्भी कोई काम नहीं कर रहे हैं। तीन को भेजा जा सकता है कोलकाता जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुरक्षा के दृष्टिकोण से तीन को फिलहाल कोलकाता जाने को कहा गया है। संभवत: गुरुवार को तीनों को कोलकाता भेजा जायेगा। तीनों को चीन से कोलकाता आने के बाद 28 दिनों तक ऑब्जर्वेशन में रखा गया था। कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिलने के बाद तीनों सिंदरी पहुंचे थे।तीनों चाइनीज तीन दिन पहले ही सिंदरी आये थे। दो चाइनीज नवंबर माह से ही सिंदरी में रह रहे हैं। पहले भी उन दोनों की जांच की गयी थी, लेकिन कोरोना वायरस को लक्षण नहीं मिले थे।