धनबाद:नहाय खाय के साथ ही चार दिवसीय छठ महापर्व शुरु, खरना आज

धनबाद:नहाय खाय के साथ ही गुरुवार से लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ शुरु हो गया. महापर्व के पहले दिन नहाय खाय के पहले दिन छठव्रती महिलाओं ने स्नान कर लौकी की सब्जी और चावल को ग्रहण किया. कोयला राजधानी धनबाद में लोग महपर्व छठ के भक्तिभाव में डूबे हुए हैं. गली-मुहल्लों में छठ के पारंपरिक गीत गूंज रहे हैं, जिससे पूरा माहौल छठमय नजर आ रहा है. छठ व्रती शुक्रवार को खरना पूजा करेंगी. शनिवार को अस्ताचलगामी व रविवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करेंगी. छठ पूजा के लिए नदी-तालाब के तट भी सज गये हैं. एक नवंबर-खरना : छठ व्रती पूरे दिन निर्जल व्रत करेंगे. संध्या गुड़ की खीर, शुद्ध गेहूं के आटे की रोटी और अन्य पूजन सामग्री के साथ छठी मैया की पूजा करने के बाद प्रसाद ग्रहण करेंगे. दो नवंबर- प्रथम अर्घ्य- व्रतधारी महिलाएं और पुरुष निर्जल व्रत रखते हैं. शाम को अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. तीन नवंबर-द्वितीय अर्घ्य- व्रतधारी तड़के सुबह चार बजे नदी, तालाब पर उपस्थित होंगे और डलिया या सूप में पूजन सामग्री रखकर दीपक जलाकर जल में खड़े होकर सूर्योदय की प्रतीक्षा करेंगे. उगते हुए सूर्य अर्घ्य देंगे. सजा सूप-दउरा का बाजार, जुटने लगे खरीददार लोक आस्था का पर्व छठ को लेकर मौसमी बाजार सज चुका है. बांस निर्मित सूप-दउरा को मौसमी बाजार में उपलब्ध हैं. इसकी खरीदारी शुरू हो गई है. सूप, छांटी टोकरी व दउरा की खेप मंगाई गई है. संकल्प व्रत नहाय-खाय के दिन से सूप, दउरा व छांटी टोकरी की खरीददारी तेज हो गई है. पीतल सूप की मांग बढ़ी छठ को लेकर व्रतियों को बाजार में पीतल का भी सूप है. पीतल सूप खरीदने के बाद भी बाजार में नया सूप का उपयोग हो, इसके लिए बांस की कमाची से तैयार सूप की खरीदारी होती है. बाजार में पीतल 500 से 850 रुपये प्रति किलों की दर पर बिकता है. कारोबारियों की मानें तो ज्यादातर पीतल-कांसा के बर्तन मिर्जापुर, परेव, जगादरी व मुरादाबाद से आते हैं. बाजार में 600 से 1200 रुपये के बीच वजन के अनुकूल उपलब्ध है. आम लकड़ी व मिट्टी चूल्हा की बढ़ी मांग छठ को ले सजे बाजार में खरना का प्रसाद व अर्घ्य के लिए ठेकुआ बनाने को आम की लकड़ी व मिट्टी चूल्हा की मांग बढ़ गयी है. मौसमी कारोबारियों की ओर से चौक-चौराहों पर सजायी गयी दुकानों में खरीददार आम की लकड़ी व मिट्टी चूल्हा को अब ग्राहकों की तरजीह मिले, इसका इंतजार है. काराबोरियों ने बताया कि आम की लकड़ी 140 से 150 रुपये के बीच प्रति पांच किलों की दर पर बिक रही है. मिट्टी चूल्हा 50 से 110 रुपये प्रति पीस बिक रहा है.मिट्टी चूल्हा की तरह लोहे की चादर से बना चूल्हा भी बाजार में उपलब्ध है. यह चूल्हा 250 से 600 रुपये के बीच प्रति पीस की दर पर उपलब्ध है. इसकी भी खरीदारी व्रतियों की ओर से की जा रही है.