कैश कांड में मनी लाउंड्रिंग के आरोपी अमित अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली बेल

कैश कांड में मनी लाउंड्रिंग के आरोपी कोलताता के बिजनसमैन अमित अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। तीन माह से जेल में बंद अमित अग्रवाल को सशर्त जमानत मिली है।

कैश कांड में मनी लाउंड्रिंग के आरोपी अमित अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट से मिली बेल

नई दिल्ली। कैश कांड में मनी लाउंड्रिंग के आरोपी कोलताता के बिजनसमैन अमित अग्रवाल को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। तीन माह से जेल में बंद अमित अग्रवाल को सशर्त जमानत मिली है।

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पीआईएल मैनेज करने के लिए रिश्वत देनेके आरोप में ईडी ने अमित अग्रवाल को अरेस्ट किया था। झारखंड हाइकोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। पिछली सुनवाई के दौरान उनके एडवोकेट की ओर से कहा गया था कि हाईकोर्ट के एक एडवोकेट द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत उन्होंने पुलिस से की थी। पुलिस आरोपी को कैश के साथ अरेस्ट किया था। लेकिन इडी ने मामला दर्ज करते हुए उन्हें अरेस्ट कर लिया जो कि गलत है।  यह भी कहा गया था कि इस मामले में जिस एडवोकेट को रिश्वत दी गई थी उन्हें हाइकोर्ट से बेल मिल गई है। ऐसे में उन्हें भी बेल की सुविधा मिलनी चाहिए।जिस पर आज सुप्रीम कोर्ट ने इडी के जवाब को देखते हुए जमानत की सुविधा प्रदान कर दी। अमित अग्रवाल की ओर से इडी की कार्यवाही को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। उनका कहना है कि जिस मामले में वे शिकायतकर्ता है और स्वयं पीड़ित है। उस मामले में उन्हें आरोपित बनाया जाना बिल्कुल गलत हैं।

यह पूरा मामला
अमित अग्रवाल ने झारखंड हाईकोर्ट में दाखिल एक जनहित याचिका को मैनेज करने के नाम पर अधिवक्ता राजीव कुमार के द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत कोलकाता के हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में की थी। कोलकाता पुलिस ने राजीव कुमार को 50 लाख कैश के साथ 31 जुलाई को कोलकाता के एक मॉल से अरेस्ट किया था। ईडी ने सात अक्टूबर 2022 को कारोबारी अमित अग्रवाल से रांची जोनल ऑफिस मेंलंबी पूछताछ के बाद अरेस्ट कर लिया था। उन्हें आठ अक्टूबर को कोर्ट मेंपेश किया गया जहां से ज्यूडिशियल कस्टडी में जेल भेज दिया गया था। अमित अग्रवाल अभी रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद है। अमित अग्रवाल पर आरोप था कि उन्होंने एडवोकेट राजीव कुमार को एक जनहित याचिका से उनका नाम हटाने के बदले 50 लाख रुपये की रिश्वत दी। ईडी ने मामले में मनी लाउंड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। अमित अग्रवाल नेखुद एड़वोकेट राजीव कुमार को 50 लाख रुपये कैश के साथ कोलकाता पुलिस से रंगेहाथ पकड़वाया था।