महाराष्ट्र : नासिक में कुएं में गिरी Maruti XL6, एक ही परिवार के नौ की दर्दनाक मौत, 6 मासूम भी शामिल
महाराष्ट्र के नासिक जिले के दिंडोरी में दर्दनाक हादसा, जहां मारुति XL6 कार कुएं में गिरने से एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में 6 बच्चे भी शामिल।
- नासिक के दिंडोरी में शादी से लौट रहा परिवार हादसे का शिकार
- रात में अनियंत्रित कार पानी भरे कुएं में गिरी
मुंबई (Threesocieties.com Desk): Nashik जिले के दिंडोरी तालुका में शुक्रवार रात एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। एक Maruti XL6 कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बने गहरे और पानी से भरे कुएं में जा गिरी। इस भीषण हादसे में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 6 मासूम बच्चे भी शामिल हैं।
यह भी पढ़ें:CMPDIL में बड़ा फेरबदल: धनबाद-नागपुर को मिले नए क्षेत्रीय निदेशक, कई अफसरों का ट्रांसफर
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा रात करीब 10 बजे दिंडोरी के शिवाजी नगर इलाके में हुआ। जानकारी के मुताबिक, परिवार एक सामाजिक कार्यक्रम (शादी समारोह) में शामिल होकर लौट रहा था। तभी अचानक चालक का कार से नियंत्रण छूट गया और वाहन सीधे सड़क किनारे स्थित कुएं में जा गिरा। कुएं में पानी भरा होने के कारण हादसा और भी भयावह हो गया, जिससे किसी को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
एक परिवार खत्म
पुलिस के अनुसार, सभी मृतक मध्य प्रदेश के इंदौर के दरगुडे परिवार के सदस्य थे। मृतकों में शामिल हैं: सुनील दत्तु दरगुडे (32), पत्नी रेशमा, आशा अनिल दरगुडे (32) और परिवार के 6 बच्चे (7 से 14 वर्ष के बीच)। इस हादसे ने एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया, जिससे गांव और रिश्तेदारों में मातम पसरा हुआ है।
रेस्क्यू ऑपरेशन: देर रात तक चला अभियान
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत टीमें मौके पर पहुंच गईं। दो क्रेन और तैराकों की मदद से कार को कुएं से बाहर निकाला गया। देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा। सभी शवों को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी।
जांच में जुटी पुलिस
दिंडोरी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वाहन से नियंत्रण खोना मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस सड़क की स्थिति, वाहन की गति और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
सवाल खड़े करता हादसा
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ग्रामीण इलाकों में खुले कुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। अगर कुएं के चारों ओर सुरक्षा दीवार या बैरिकेडिंग होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।






