धनबाद: मुनीडीह वाशरी में अब नहीं होगी मैनुअल लोडिंग! 4 मजदूरों की मौत के बाद BCCL का बड़ा फैसला
मुनीडीह कोल वाशरी में चार मजदूरों की मौत के बाद BCCL ने मैनुअल लोडिंग बंद करने की तैयारी शुरू कर दी है। जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के साथ प्रभावित मजदूरों के लिए वैकल्पिक रोजगार और आउटसोर्सिंग में समायोजन पर भी मंथन चल रहा है।
- BCCL तैयार कर रहा नई रोजगार नीति
धनबाद (Threesocieties.com Desk) : मुनीडीह कोल वाशरी में हाल ही में हुए दर्दनाक हादसे के बाद BCCL प्रबंधन बड़े बदलाव की तैयारी में जुट गया है। चार मजदूरों की मौत के बाद अब प्रबंधन ने वाशरी में वर्षों से चल रही मैनुअल लोडिंग व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। मुख्यालय स्तर पर गठित पांच सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया जा रहा है।
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सूत्रों के अनुसार, मई के अंतिम सप्ताह में BCCL के सीएमडी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक होगी, जिसमें मैनुअल लोडिंग बंद करने और प्रभावित मजदूरों के पुनर्वास पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
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जांच रिपोर्ट में सुरक्षा पर बड़ा सवाल
मुख्यालय की जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा है कि हाथ से कोयला और स्लरी लोडिंग की प्रक्रिया बेहद जोखिमपूर्ण है। सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इसे पूरी तरह बंद करना जरूरी है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि आधुनिक मशीन आधारित व्यवस्था लागू कर हादसों की संभावना को कम किया जा सकता है। यही कारण है कि BCCL प्रबंधन अब वाशरी में पूरी तरह मैकेनाइज्ड सिस्टम लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
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सबसे बड़ी चुनौती: मजदूरों का रोजगार
मैनुअल लोडिंग बंद होने के फैसले से सबसे ज्यादा असर उन सैकड़ों मजदूरों और स्थानीय परिवारों पर पड़ेगा, जिनकी आजीविका वर्षों से इसी कार्य पर निर्भर रही है। BCCL अधिकारियों के अनुसार, प्रबंधन इस सामाजिक और आर्थिक चुनौती को लेकर गंभीर है। प्रभावित मजदूरों को बेरोजगार होने से बचाने के लिए कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।
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इन विकल्पों पर हो रहा मंथन
आउटसोर्सिंग कंपनियों में मजदूरों का समायोजन
नजदीकी परियोजनाओं में रोजगार उपलब्ध कराना
वैकल्पिक श्रम आधारित कार्यों में प्राथमिकता
सुरक्षा प्रशिक्षण देकर नए कार्यों में तैनाती
स्थानीय स्तर पर पुनर्वास योजना तैयार करना
सूत्र बताते हैं कि प्रबंधन चाहता है कि सुरक्षा मानकों से समझौता भी न हो और मजदूरों की रोजी-रोटी भी प्रभावित न हो।
हादसे ने हिला दिया था पूरा इलाका
गौरतलब है कि बीते दिनों मुनीडीह कोल वाशरी में कोयले की स्लरी धंसने से बड़ा हादसा हुआ था। हादसे में चार मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतकों की पहचान माणिक बावरी (45), दिनेश बावरी (52), दीपक बावरी (50) और मोड़ा गोप (59) के रूप में हुई थी।इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे कोल बेल्ट में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए थे। स्थानीय लोगों और श्रमिक संगठनों ने भी सुरक्षा मानकों की समीक्षा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई थी।
उच्च स्तरीय कमेटी कर रही निगरानी
हादसे के तुरंत बाद BCCL मुख्यालय ने खान सुरक्षा, तकनीकी और वाशरी प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञों की पांच सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। कमेटी ने विस्तृत जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसके आधार पर अब बड़े प्रशासनिक और तकनीकी फैसले लिए जा रहे हैं।माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में BCCL की अन्य वाशरियों में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।






