Ketan Murder Case: Snapchat चैट से खुला मर्डर का राज? सिया के मैसेज ने केतन केस की जांच को दिया नया मोड़

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। हत्या से 24 दिन पहले सिया गोयल की वायरल Snapchat चैट में उसने लिखा था- 'ये शादी होने नहीं वाली।' पुलिस दूसरे मोबाइल, सीक्रेट कोड वर्ड्स और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। सिया और चेतन ने पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से भी इनकार कर दिया है।

Ketan Murder Case: Snapchat चैट से खुला मर्डर का राज? सिया के मैसेज ने केतन केस की जांच को दिया नया मोड़
24 दिन पहले की Snapchat चैट ने खोले कई राज।

      HighLights:

  • हत्या से 24 दिन पहले सिया की Snapchat चैट वायरल
  • दोस्त से कहा था- "ये शादी होने नहीं वाली
  • सिया और चेतन ने पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने से किया इनकार
  • पुलिस को मिला दूसरा मोबाइल, डिलीट डेटा और सीक्रेट कोड वर्ड्स की जांच जारी
  • चेतन के दोस्त से पूछताछ, हत्या की साजिश की पहले से थी जानकारी
  • कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेजा

पुणे (Threesocieties.com Desk): देशभर में चर्चा का विषय बने केतन अग्रवाल हत्याकांड में अब एक वायरल Snapchat चैट ने जांच को नया मोड़ दे दिया है। मुख्य आरोपी और केतन की मंगेतर सिया गोयल की अपने दोस्त के साथ हुई बातचीत सामने आई है, जिसमें उसने शादी को लेकर ऐसा संदेश लिखा, जिसने पुलिस की जांच का फोकस बदल दिया है।

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पुलिस इस वायरल चैट की सत्यता की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह बातचीत 25 मई की है, यानी केतन की हत्या से करीब 24 दिन पहले की।

'ये शादी होने नहीं वाली...' मैसेज बना जांच का अहम सुराग

वायरल चैट में सिया अपनी एक दोस्त से शादी के टिकट बुक कराने के लिए आधार कार्ड की कॉपी भेजने को कहती है। इसके बाद वह लिखती है— "शादी की टिकट के लिए आधार कार्ड फ्रंट-बैक भेज दे... जो होने नहीं वाली, लेकिन फिर भी भेज दे।" यही लाइन अब पुलिस के लिए सबसे अहम डिजिटल सुराग बन गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या उस समय तक हत्या की साजिश बन चुकी थी।

नवंबर में होनी थी शादी, जून में हो गई हत्या

केतन अग्रवाल और सिया गोयल की शादी इस साल नवंबर में तय थी। परिवार शादी की तैयारियों में जुटा था, लेकिन 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले पर केतन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस का आरोप है कि सिया ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर पहले से बनाई गई साजिश के तहत केतन को पहाड़ी से धक्का देकर हत्या कर दी।

पॉलीग्राफ टेस्ट से दोनों आरोपियों का इनकार

जांच के दौरान पुलिस ने अदालत से दोनों आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी थी। हालांकि भारतीय कानून के अनुसार आरोपी की सहमति के बिना ऐसा परीक्षण नहीं कराया जा सकता। सिया और चेतन दोनों ने अदालत में पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 16 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

दूसरा मोबाइल और सीक्रेट कोड वर्ड्स ने बढ़ाई मुश्किलें

जांच के दौरान पुलिस ने सिया के घर से एक अतिरिक्त मोबाइल फोन बरामद किया, जिसे कथित तौर पर छिपाकर रखा गया था। इस मोबाइल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के मोबाइल से डिलीट डेटा भी रिकवर किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों बातचीत के दौरान सीक्रेट कोड वर्ड्स, निकनेम और इमोजी का इस्तेमाल करते थे ताकि किसी को बातचीत का असली मतलब समझ न आए। अब डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञ इन सांकेतिक संदेशों को डिकोड करने में जुटे हैं।

चेतन के दोस्त से भी पूछताछ

जांच में यह भी सामने आया है कि चेतन चौधरी ने हत्या की योजना अपने एक करीबी दोस्त को पहले ही बता दी थी। पुलिस के अनुसार यह युवक महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला है और पुणे के बालेवाड़ी इलाके में नौकरी करता है। बताया जा रहा है कि चेतन ने उसे भी वारदात वाले दिन साथ चलने के लिए कहा था, लेकिन उसने इनकार कर दिया और हत्या जैसी वारदात न करने की सलाह भी दी थी। अब पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है।

पहले भी हुई थी हत्या की कोशिश

पुलिस जांच में दावा किया गया है कि 14 जून को भी सिया ने केतन को लोहगढ़ किले से धक्का देने की कोशिश की थी, लेकिन वह झाड़ियों का सहारा लेकर बच गया। पूछने पर सिया ने कथित तौर पर कहा था कि उसने सांप देखकर उसे बचाने के लिए धक्का दिया था। इसके बाद भी केतन को उस पर शक नहीं हुआ।

19 दिनों तक चली कथित साजिश

पुलिस के अनुसार हत्या की पूरी साजिश लगभग 19 दिनों तक तैयार की गई।

31 मई: हत्या का कथित प्लान बना।
5 जून: लोहगढ़ जाने की कोशिश।
14 जून: पहली कथित हत्या की कोशिश, लेकिन केतन बच गया।
18 जून: प्रेमी चेतन के साथ मिलकर कथित तौर पर हत्या को अंजाम दिया गया।

डिजिटल सबूतों पर टिकी जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनके पास आरोपियों के खिलाफ परिस्थितिजन्य और डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। मोबाइल डेटा, चैट, लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर चार्जशीट तैयार की जा रही है। हालांकि, मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर तय होंगे।