झारखंड: पुलिसकर्मियों की सैलरी पर बढ़ा ‘कटौती’ का बोझ! कल्याण कोष के लिए अब हर महीने कटेंगे ज्यादा रुपए

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने पुलिसकर्मियों के कल्याण, सहायता और परोपकारी कोष के लिए मासिक अंशदान राशि बढ़ा दी है। नई दरें 1 नवंबर 2024 से लागू मानी जाएंगी। आरक्षी से ASP तक वेतन कटौती बढ़ने के साथ जिलों और इकाइयों को समय पर राशि जमा करने का सख्त निर्देश जारी किया गया है।

झारखंड: पुलिसकर्मियों की सैलरी पर बढ़ा ‘कटौती’ का बोझ! कल्याण कोष के लिए अब हर महीने कटेंगे ज्यादा रुपए
पुलिसकर्मियों के वेतन से बढ़ेगी मासिक कटौती।
  • झारखंड पुलिस मुख्यालय का बड़ा आदेश
  • कल्याण-परोपकारी कोष के लिए बढ़ी अंशदान राशि
  • फंड जमा नहीं करने पर अनुदान रोकने की चेतावनी
  • आरक्षी से ASP तक बढ़ी मासिक कटौती

रांची (Threesocieties.com Deski): झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के पुलिसकर्मियों के वेतन से होने वाली मासिक कटौती में बढ़ोतरी का बड़ा फैसला लिया है। यह कटौती पुलिस शिक्षा कोष, परोपकारी कोष और पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष के लिए की जाएगी। पुलिस उप-महानिरीक्षक (बजट) की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि नई दरें 1 नवंबर 2024 से प्रभावी मानी जाएंगी और सभी जिलों व इकाइयों को इसका सख्ती से पालन करना होगा।

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पुलिस मुख्यालय ने इस संबंध में राज्य के सभी क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक (IG), उप-महानिरीक्षक (DIG), पुलिस अधीक्षकों (SP) और समादेष्टाओं को पत्र भेजकर निर्देश जारी किया है। आदेश के बाद राज्यभर के हजारों पुलिसकर्मियों के वेतन पर सीधा असर पड़ने वाला है।

पद के अनुसार बढ़ाई गई कटौती राशि

पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी नई व्यवस्था के तहत विभिन्न रैंक के पुलिसकर्मियों के मासिक अंशदान में वृद्धि की गई है। आरक्षी से हवलदार तक: पहले हर महीने 60 रुपए कटते थे, अब 90 रुपए कटेंगे। सहायक अवर निरीक्षक (ASI) से पुलिस अवर निरीक्षक (SI) तक: पहले 120 रुपए की कटौती होती थी, जिसे बढ़ाकर अब 150 रुपए कर दिया गया है। प्रोन्नत DSP से प्रोन्नत ASP तक: पहले 180 रुपए प्रति माह कटते थे, अब 210 रुपए मासिक कटेंगे।

पुलिस मुख्यालय का कहना है कि इन कोषों के जरिए जरूरतमंद पुलिसकर्मियों, उनके परिवारों तथा विभिन्न सहायता योजनाओं के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है। इसी कारण फंड को मजबूत बनाए रखने के लिए अंशदान दरों में संशोधन किया गया है।

मुख्यालय ने जताई नाराजगी

आदेश में यह भी कहा गया है कि कई जिलों, पुलिस इकाइयों और संस्थानों द्वारा पुलिसकर्मियों के वेतन से कटौती तो की जा रही है, लेकिन वह राशि समय पर पुलिस मुख्यालय की लेखा शाखा को नहीं भेजी जा रही है। इससे कोष प्रबंधन में गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। मुख्यालय ने स्पष्ट किया कि बावजूद इसके संबंधित जिलों और इकाइयों के लाभार्थियों को लगातार अनुदान दिया जा रहा है, जिससे फंड पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है।

अनुदान रोकने की चेतावनी

पुलिस मुख्यालय ने सभी इकाइयों को चेतावनी देते हुए कहा है कि हर महीने तय राशि अनिवार्य रूप से मुख्यालय भेजी जाए। यदि किसी जिले या इकाई द्वारा राशि जमा नहीं की जाती है, तो भविष्य में उस क्षेत्र के लाभार्थियों को मिलने वाले अनुदान भुगतान पर रोक लगाई जा सकती है। इस आदेश के बाद पुलिस विभाग में प्रशासनिक सख्ती बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, बढ़ी हुई कटौती को लेकर पुलिसकर्मियों के बीच चर्चा भी तेज हो गई है।