झारखंड: रांची में एनकाउंटर: शूटर सत्यम पाठक के दोनों पैरों में गोली, जमीन कारोबारी हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार
रांची के कांके डैम के पास पुलिस मुठभेड़ में जमीन कारोबारी हत्या कांड के आरोपी सत्यम पाठक को दोनों पैरों में गोली मारकर गिरफ्तार किया गया। मास्टरमाइंड विजय टेटे अब भी फरार।
रांची (Threesocieties.com Desk): रांची में बुधवार सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में जमीन कारोबारी हत्याकांड के मुख्य शूटर सत्यम पाठक को गिरफ्तार कर लिया गया। सुखदेव नगर थाना क्षेत्र के कांके डैम के पास हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने जवाबी फायरिंग करते हुए उसे दोनों पैरों में गोली मार दी।
घायल सत्यम को तुरंत रिम्स में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताई है। इलाज पूरा होने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा।
हथियार छीनकर भागने की कोशिश, पुलिस ने किया जवाबी फायर
पुलिस के मुताबिक, सत्यम पाठक को तड़के करीब 4 बजे विकास नेवरी इलाके से गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में उसने डैम साइड पर हथियार छिपाने की बात कबूली। जब पुलिस उसे हथियार बरामदगी के लिए मौके पर लेकर गई, तभी उसने एक जवान का हथियार छीन लिया और भागने लगा। इस दौरान उसने पुलिस पर दो राउंड फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने पांच राउंड गोलियां चलाईं, जिसमें सत्यम के दोनों पैरों में गोली लग गई और वह मौके पर ही दबोच लिया गया।
पिस्टल, कट्टा और गोलियां बरामद
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक पिस्टल, एक देसी कट्टा, आठ जिंदा गोलियां, एक खोखा और एक मोबाइल बरामद किया है। घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी राकेश रंजन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
सीसीटीवी से खुला राज, कपड़े बदलकर भागा था आरोपी
जमीन कारोबारी भार्गव सिंह की हत्या के बाद पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे सत्यम पाठक की पहचान हुई। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कपड़े बदले, टोपी और मास्क पहनकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की थी। सिटी एसपी पारस राणा के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में सत्यम ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है।
मास्टरमाइंड विजय टेटे अब भी फरार
इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड विजय टेटे बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इस मामले में एक अन्य आरोपी विजय हेंड्री टेटे को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुराना अपराधी है सत्यम पाठक
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, सत्यम पाठक का आपराधिक इतिहास लंबा रहा है। वर्ष 2024 में धुर्वा में पूर्व पार्षद वेद प्रकाश की हत्या के मामले में भी वह आरोपी था और जेल जा चुका है। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने फिर से गंभीर अपराध को अंजाम दिया।
एडवोकेट मनोज कुमार फिर बने बार काउंसिल सदस्य
दूसरी ओर, झारखंड के कानूनी क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है। झारखंड हाई कोर्ट के अधिवक्ता मनोज कुमार झारखंड बार काउंसिल के सदस्य के रूप में लगातार दूसरी बार चुने गए हैं।
दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती में उन्होंने 676 वोटों का कोटा पार किया। मनोज कुमार धनबाद क्रिकेट संघ के अध्यक्ष भी हैं और उनकी इस जीत पर संघ के पदाधिकारियों ने खुशी जताते हुए बधाई दी है।
महासचिव बिनय कुमार सिंह ने इसे उनकी मजबूत नेतृत्व क्षमता का प्रमाण बताया और कहा कि यह धनबाद के अधिवक्ताओं की जीत है।






