झारखंड के IPS अफसरों की दिल्ली में बढ़ेगी धमक, ADG-IG समेत चार अफसर जाएंगे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर
झारखंड कैडर के कई आईपीएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने की तैयारी में हैं। एडीजी सुमन गुप्ता समेत चार अधिकारियों को मंजूरी मिल चुकी है। नए केंद्रीय नियमों के बाद आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारियों में केंद्र में सेवा देने की होड़ बढ़ गई है।
रांची (Threesocieties.com Desk) : झारखंड कैडर के आईपीएस अधिकारियों की केंद्रीय प्रतिनियुक्ति में भागीदारी लगातार बढ़ रही है। राज्य से एक एडीजी, एक आईजी और दो डीआईजी स्तर के अधिकारियों को केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर भेजने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इनमें 1997 बैच की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और एडीजी सुमन गुप्ता का नाम प्रमुख रूप से शामिल है, जिन्होंने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए आवेदन किया है।
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सूत्रों के अनुसार, झारखंड सरकार ने चार अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजने के लिए मंजूरी दे दी है। आने वाले दिनों में कई एसपी रैंक के अधिकारी भी केंद्र सरकार की विभिन्न एजेंसियों और विभागों में सेवा देने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
21 से बढ़कर 25 होगी संख्या
वर्तमान में झारखंड कैडर के 21 आईपीएस अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं। चार और अधिकारियों के केंद्र जाने के बाद यह संख्या बढ़कर 25 हो जाएगी। इसे झारखंड कैडर की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती भागीदारी के तौर पर देखा जा रहा है।
केंद्र में सेवा दे रहे झारखंड कैडर के IPS अधिकारी
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अधिकारियों में नवीन कुमार सिंह, बलजीत सिंह, आशीष बत्रा, साकेत कुमार सिंह, कुलदीप द्विवेदी, अभिषेक, अनूप टी मैथ्यू, अनीश गुप्ता, एम तमिल वानन, पी मुरुगन, जया रॉय, शिवानी तिवारी, अखिलेश वॉरियर, अंशुमन कुमार, हरि लाल चौहान, प्रियंका मीणा, सुभाष चंद्र जाट, आर रामकुमार, विनीत कुमार, के विजय शंकर और शुभांशु जैन शामिल हैं।
नए नियम के बाद बढ़ी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति की दौड़
केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा हाल ही में आईपीएस अधिकारियों के लिए वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति के नए नियम लागू किए गए हैं। नए प्रावधान के अनुसार, अब आईजी जैसे वरिष्ठ पदों पर नियुक्ति के लिए एसपी या डीआईजी स्तर पर कम से कम दो वर्ष का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति अनुभव अनिवार्य होगा। पहले बिना केंद्रीय अनुभव के भी अधिकारी वरिष्ठ पदों के लिए पात्र हो जाते थे, लेकिन अब यह संभव नहीं होगा। यही वजह है कि झारखंड समेत कई राज्यों के आईपीएस अधिकारियों में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति को लेकर रुचि तेजी से बढ़ी है।
2011 बैच से लागू होगा नियम
गृह मंत्रालय के नए दिशा-निर्देश 2011 बैच और उसके बाद के आईपीएस अधिकारियों पर लागू होंगे। ऐसे में भविष्य में प्रमोशन और सीनियर पदों पर नियुक्ति पाने के लिए अधिकारियों के लिए केंद्र में सेवा देना लगभग जरूरी माना जा रहा है।
कई अधिकारियों की फाइलें प्रक्रिया में
सूत्र बताते हैं कि आईजी और डीआईजी स्तर के कई अधिकारियों की फाइलें आगे बढ़ चुकी हैं। सरकार से अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद वे जल्द केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में अपनी सेवाएं देंगे। वहीं कई अन्य अधिकारी भी आवेदन की तैयारी में जुटे हैं।राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में इसे झारखंड कैडर के बढ़ते प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्र में अनुभव हासिल करने वाले अधिकारी भविष्य में राज्य पुलिस प्रशासन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।






