झारखंड: रांची में काफिला रोकने की कोशिश मामला, सीएम की समीक्षा के बाद दोषी अफसरों पर होगी कार्रवाई

राजधानी रांची में हरमू रोड किशोरगंज चौक पर चार जनवरी की शाम सीएम हेमंत सोरेन का काफिला रोकने की कोशिश, तोड़फोड़ व उपद्रव मामले में दो मेंबर वाली हाइ लेवल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सौंप दी है। 

  • सीएम हेमंत सोरेन जांच समिति की रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे
  • दो सदस्यीय हाइ लेवल कमेटी ने होम डिपार्टमेंट को सौंपी है रिपोर्ट

रांची। राजधानी रांची में हरमू रोड किशोरगंज चौक पर चार जनवरी की शाम सीएम हेमंत सोरेन का काफिला रोकने की कोशिश, तोड़फोड़ व उपद्रव मामले में दो मेंबर वाली हाइ लेवल कमेटी ने अपनी रिपोर्ट गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को सौंप दी है। 
हाई लेवल कमेटी में भूमि निबंधन एवं राजस्व विभाग के सचिव केके सोन व आइजी मानवाधिकारी अखिलेश कुमार झा शामिल थे। सीएम हेमंत सोरेन हाइ लेवल कमेटी की जांच रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। समीक्षा के बाद ही इस घटना के लिए जिम्मेदार व दोषी अफसरों के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।

अब तक इस मामले में सुखदेवनगर व कोतवाली थाने के तत्कालीन थानेदार लाइन हाजिर किए जा चुके हैं। सोर्सेज का कहना है कि हाइ लेवल जांच कमेटी की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि सीएम के काफिले पर हमले की कोशिश में सुरक्षा संबंधित हर लेवल पर चूक हुई है। खुफिया तंत्र से लेकर जिला व ट्रैफिक पुलिस के सीनीयर व जूनियर अफसरों तक की लापरवाही उजागर हो चुकी है।

बताया जाता है कि सीएम की समीक्षा के बाद सभी दोषी पुलिस अफसरों पर कार्रवाई की गाज गिर सकती है। जांच समिति ने पाया कि काफिला मंत्रिमंडल सचिवालय से मुख्यमंत्री आवास के लिए चला था। समय से वायरलेस पर सूचना प्रसारित हुई होती तो सीएम का काफिला दूसरे रास्ते से डायवर्ट करा दिया जाता। ऐन वक्त पर सूचना मिलने से हरमू बाईपास रोड से बड़ा तालाब के रास्ते काफिला को भेजना पड़ा।सीएम के काफिला में डीएसपी लेवल के अफसर को रहना अनिवार्य है, लेकिन घटना के दिन काफिला में इंस्पेक्टर लेवल के ऑफिसर शामिल थे। कोतवाली व सुखदेवनगर के थानेदार कहीं नहीं दिखे। सीनीयर पुलिस अफसर भी नहीं थे। अगर सीएम मुख्यमंत्री के काफिले की ओर बढ़ जाते तो उन्हें रोकना मुश्किल था। यह सुरक्षा संबंधित बड़ी लापरवाही है। 
फ्लैश बैक
ओरमांझी में तीन जनवरी को बरामद एक युवती का सिरकटा बॉडी मिलने के बाद चार जनवरी की शाम किशोरगंज चौक पर सीएम का काफिला रोकने की कोशिश की गई थी। किशोरगंज चौक पर उपद्रवियों ने काफिले की पहली गाड़ी में सवार इंस्पेक्टर सह गोंदा ट्रैफिक ओसी नवल किशोर प्रसाद को जख्मी कर दिया था। इसी बीच सीएम काफिला को भारत माता चौक से डायवर्ट कर बड़ा तालाब, मेन रोड, कचहरी चौक होते हुए मुख्यमंत्री आवास के लिए रवाना किया गया था।