JMM का 47वां स्थापना दिवस: हेमंत सोरेन का केंद्र पर हमला, बोले– हमें कमजोर या भोला समझने की भूल न करे दिल्ली

झारखंड दिवस 2026 पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि झारखंड के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं होगा। खनिज संपदा, रॉयल्टी, आदिवासी-मूलवासी अधिकार और रोजगार को लेकर केंद्र पर साधा निशाना।

JMM का 47वां स्थापना दिवस: हेमंत सोरेन का केंद्र पर हमला, बोले– हमें कमजोर या भोला समझने की भूल न करे दिल्ली
झामुमो के चुनाव चिह्न के साथ हेमंत व बसंत।

दुमका ( Threesocieties.com Desk)। झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने 47वें झारखंड दिवस के मौके पर केंद्र सरकार को कड़ा संदेश दिया। दुमका के गांधी मैदान में आयोजित भव्य जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार झारखंड को कमजोर या भोला समझने की भूल न करे, अब किसी भी कीमत पर राज्य के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश की 42 प्रतिशत खनिज संपदा का धनी राज्य है, लेकिन इसके बावजूद केंद्रीय बजट में राज्य को उसका वाजिब हक नहीं दिया जा रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि खनिज रॉयल्टी के रूप में झारखंड को मिलने वाली करीब 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये की राशि अब तक केंद्र सरकार ने नहीं दी, जो राज्य की जनता के साथ सीधा अन्याय है।

शिबू सोरेन को याद कर भावुक हुए मुख्यमंत्री

अपने पिता और झामुमो सुप्रीमो रहे दिशोम गुरु शिबू सोरेन को याद करते हुए मुख्यमंत्री भावुक हो गए। उनकी आंखें भर आईं और गला रूंध गया। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन की जिस चिंगारी को गुरुजी ने जलाया, उसी के दम पर आज राज्य अपनी पहचान और अधिकार की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा, “पहले हम सड़क पर उतरकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते थे, अब हम कानून के दायरे में रहकर भी अपने हक लेना जानते हैं।”

वोट चोरी और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

हेमंत सोरेन ने आरोप लगाया कि धनबल और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग के जरिए लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता अब राजनीतिक षड्यंत्रों को समझ चुकी है और समय आने पर करारा जवाब देना भी जानती है।

आदिवासी-मूलवासी, शिक्षा और रोजगार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ऐसे कानून बनाए हैं, जिससे आदिवासी-मूलवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा को अपना सबसे मजबूत हथियार बनाएं और नशे से दूर रहें। उन्होंने कहा, “हमारे युवा डॉक्टर, इंजीनियर, बीडीओ, सीओ, पत्रकार और जज बनें—तभी गुरुजी का सपना पूरा होगा।”

 जल-जंगल-जमीन की लड़ाई जारी रहेगी

हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा झामुमो की प्राथमिकता रही है और आगे भी रहेगी। यह लड़ाई सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि पहचान, सम्मान और अधिकार की है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि देश के अन्य हिस्सों, जैसे असम के तिनसुखिया में आदिवासियों के साथ अन्याय बंद नहीं हुआ, तो झारखंड के आदिवासी उनके हक की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होंगे।

रोजगार और महिलाओं के सम्मान का भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में व्यापक रोजगार के अवसर पैदा करेगी। वहीं, मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से महिलाओं का आत्मसम्मान बढ़ा है और यह योजना आगे भी जारी रहेगी।

47वें झारखंड दिवस समारोह की अध्यक्षता दुमका विधायक बसंत सोरेन ने की, जबकि मंच संचालन जिला अध्यक्ष शिव कुमार बास्की और मो. सलाम अंसारी ने किया। समारोह में एमपी नलिन सोरेन, मत्री योगेंद्र महतो, सुदिव्य कुमार सौनू, एमएलए स्टीफन मरांडी, मथुरा प्रसाद महतो, उमाकांत रजक समेत अन्य मौजूद थे।