IIT ISM में युवा संगम फेज-6 का समापन, मध्य प्रदेश के युवाओं ने झारखंड की संस्कृति और विकास को करीब से जाना

IIT (ISM) धनबाद में युवा संगम फेज-6 का भव्य समापन हुआ। मध्य प्रदेश से आए 56 युवाओं ने झारखंड की संस्कृति, विरासत, औद्योगिक विकास और नवाचार को करीब से जाना। कार्यक्रम ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत किया।

IIT ISM में युवा संगम फेज-6 का समापन, मध्य प्रदेश के युवाओं ने झारखंड की संस्कृति और विकास को करीब से जाना
ध्य प्रदेश से झारखंड तक संस्कृति और विकास का संगम।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के तहत आयोजित युवा संगम फेज-6 का भव्य समापन शुक्रवार को आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के पेनमैन ऑडिटोरियम में हुआ। सप्ताहभर चले इस सांस्कृतिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान कार्यक्रम में मध्य प्रदेश से आए 56 सदस्यीय युवा प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड की समृद्ध संस्कृति, ऐतिहासिक विरासत, औद्योगिक विकास और नवाचार की दुनिया को करीब से देखा और समझा।

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कार्यक्रम का समापन समारोह उत्साह, अनुभवों और राष्ट्रीय एकता के संदेश से सराबोर रहा। प्रतिभागियों ने झारखंड में बिताए गए अपने अनुभव साझा करते हुए इसे जीवन का एक यादगार अवसर बताया।

राष्ट्रीय एकता का सशक्त मंच बना युवा संगम

समारोह में भारतीय राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी (INSA) के अध्यक्ष एवं विज्ञान भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. शेखर चिंतामणि मांडे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि युवा संगम जैसे कार्यक्रम युवाओं को देश की विविधताओं को समझने और उन्हें आत्मसात करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी विविध संस्कृति और परंपराओं में निहित है। जब विभिन्न राज्यों के युवा एक-दूसरे की जीवनशैली, भाषा, संस्कृति और विकास यात्रा को करीब से देखते हैं, तब राष्ट्रीय एकता और मजबूत होती है।

वहीं, सीएसआईआर-सीआईएमएफआर के निदेशक प्रो. ए.के. मिश्रा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में व्यापक दृष्टिकोण विकसित करते हैं और उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों की सामाजिक, शैक्षणिक और औद्योगिक वास्तविकताओं से परिचित कराते हैं।

झारखंड की संस्कृति और परंपरा से हुआ परिचय

12 जून को धनबाद पहुंचने पर मध्य प्रदेश के युवा प्रतिनिधिमंडल का पारंपरिक स्वागत किया गया था। उद्घाटन समारोह में पद्मश्री जामुना टुडू को सम्मानित किया गया तथा झारखंड की सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले छऊ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने प्रतिभागियों का दिल जीत लिया। सप्ताहभर के प्रवास के दौरान युवाओं ने झारखंड की लोकसंस्कृति, जनजातीय विरासत और सामाजिक विविधता को नजदीक से समझा। प्रतिभागियों ने कहा कि झारखंड केवल खनिज संपदा का राज्य नहीं, बल्कि समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और प्रकृति का अद्भुत संगम भी है।

मैथन से पारसनाथ तक, विकास और विरासत की झलक

यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के कई महत्वपूर्ण धार्मिक, औद्योगिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। इनमें प्रमुख रूप से:

मैथन डैम एवं हाइड्रो पावर प्लांट
मां कल्याणेश्वरी मंदिर
IIT (ISM) का जियोलॉजिकल म्यूजियम एवं लॉन्गवॉल गैलरी
बाबा बैद्यनाथ धाम और बासुकीनाथ मंदिर
बोकारो स्टील प्लांट
राजभवन रांची
एनआईएएमटी
बिरसा मुंडा संग्रहालय
रॉक गार्डन
पारसनाथ पहाड़ी
तोपचांची डैम

IIT (ISM) के इनोवेशन, स्टार्टअप और एआई-रोबोटिक्स केंद्र

इन यात्राओं ने प्रतिभागियों को झारखंड की औद्योगिक शक्ति, तकनीकी प्रगति और सांस्कृतिक विरासत को समझने का अवसर दिया।

शिक्षाविदों और वैज्ञानिकों से हुआ संवाद

युवा संगम के दौरान प्रतिभागियों ने शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और IIT (ISM) के छात्रों के साथ संवाद किया। उन्होंने उच्च शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप संस्कृति और रोजगार के अवसरों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।कार्यक्रम में IIT (ISM) के डीन (एकेडमिक) प्रो. एम.के. सिंह, डीन (स्टूडेंट्स वेलफेयर) प्रो. एस.के. गुप्ता, एसोसिएट डीन प्रो. संजय मंडल, आईआईटी इंदौर की प्रो. अनन्या घोषाल तथा रजिस्ट्रार प्रभोध पांडेय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

युवाओं ने साझा किए यादगार अनुभव

समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें न केवल झारखंड को समझने का अवसर दिया बल्कि देश की विविधता में एकता की भावना को भी करीब से महसूस कराया। युवाओं ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए आईआईटी (आईएसएम) धनबाद, आईआईटी इंदौर और शिक्षा मंत्रालय के प्रति आभार व्यक्त किया।

पहले झारखंड के युवा गए थे मध्य प्रदेश

उल्लेखनीय है कि इसी पारस्परिक आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत 26 मई से 4 जून तक झारखंड का 42 सदस्यीय युवा दल आईआईटी इंदौर के समन्वय में मध्य प्रदेश भ्रमण पर गया था। इस पहल का उद्देश्य विभिन्न राज्यों के युवाओं के बीच संवाद, समझ और राष्ट्रीय एकीकरण को बढ़ावा देना है।

देश को जोड़ने की नई पहल

युवा संगम कार्यक्रम आज केवल एक भ्रमण कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को मजबूत करने का प्रभावी मंच बन चुका है। IIT (ISM) धनबाद में आयोजित युवा संगम फेज-6 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब देश के युवा एक-दूसरे को समझते हैं, तो ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का सपना और अधिक सशक्त बनता है।