नई दिल्ली:11 अप्रैल से गवर्नमेंट व प्राइवेट स्टाफा को वर्कप्लेस पर भी लगेगा टीका, सेंट्रल गवर्नमेंट ने दी मंजूरी

देश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट ने स्टेट व यूटीं में 11 अप्रैल से वर्कप्लेस पर भी टीकाकरण अभियान शुरू करने की अनुमति दे दी है।सेंट्रल गवर्नमेंट ने इसके लिए स्कोटट व यूटी गवर्नमेट को पत्र लिखा है। इसके लिए पबल्कि सेक्टर और प्राइवेट एरिया के वर्क प्लेस पर कोविड टीकाकरण सत्र आयोजित किया जायेगा।

नई दिल्ली:11 अप्रैल से गवर्नमेंट व प्राइवेट स्टाफा को वर्कप्लेस पर भी लगेगा टीका, सेंट्रल गवर्नमेंट ने दी मंजूरी

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नई दिल्ली। देश में कोरोना के बढ़ते मामलों पर रोक लगाने के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट ने स्टेट व यूटीं में 11 अप्रैल से वर्कप्लेस पर भी टीकाकरण अभियान शुरू करने की अनुमति दे दी है।सेंट्रल गवर्नमेंट ने इसके लिए स्कोटट व यूटी गवर्नमेट को पत्र लिखा है। इसके लिए पबल्कि सेक्टर और प्राइवेट एरिया के वर्क प्लेस पर कोविड टीकाकरण सत्र आयोजित किया जायेगा।
45 वर्ष या उससे अधिक के लोगों के बीच टीकाकरण को बढ़ाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। इससे टीकाकरण केंद्रों पर लगने वाली भीड़ कम हो सकती है। सरकार का कहना है कि वहां पर केवल कर्मचारियों को ही टीका लगाने की अनुमति होगी।किसी बाहरी या फैमिली मेंबर को टीका लगाने की अनुमति नहीं होगी। इसमें लगभग 100 पात्र और इच्छुक लाभार्थियों को टीके लगाये जायेंगे।

45 साल से अधिक उम्र के स्टाफ से टीका लेने की अपील

सेंट्रल गवर्नमेंट ने कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को प्रभावी तरीके से रोकने के उद्देश्य से 45 साल और इससे अधिक उम्र के अपने सभी स्कोटाफ कोरोना रोधी टीका लगवाने के लिए कहा है। कार्मिक मंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कर्मचारियों को टीकाकरण के बाद भी कोरोना से बचाव के दिशा निर्देशों का पालन करने का सुझाव दिया गया है। इसमें लगातार हाथ धोना, सेनेटाइजेशन, मास्क या फेस कवर पहनना और सोशल डिस्टैंसिंग रखना शामिल हैं।

हेल्थ स्टाफ, फ्रंटलाइन वर्कर्स का मौके पर रजिस्ट्रेशन सिर्फ गवर्नमेंट सेंटरों पर

सेंट्रल गवर्नमेंट ने कहा है कि कोरना रोधी टीका लगवाने के लिए 18 से 44 साल आयु वर्ग के हेल्थ स्टाफ और फ्रंटलाइन वर्कर्स का सिर्फ सरकारी टीका केंद्रों में ही मौके पर रजिस्ट्रेशन सुविधा होगी। ऐसे स्टाफ को मूल फोटो पहचान पत्र और नियुक्ति संबंधी प्रमाणपत्र पेश करना होगा। सेंट्रल हेल्थ मिनिस्टर सचिव राजेश भूषण ने सोमवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भेजे पत्र में इसकी स्पष्ट जानकारी दे दी थी।