धनबाद : ‘फैज खान’ बनकर पाकिस्तान भागा प्रिंस खान! कुबेर के मोबाइल से बड़ा खुलासा, हथियार सप्लायर कृष गया जेल

धनबाद एनकाउंटर मामले में बड़ा खुलासा—प्रिंस खान ने फैज खान बनकर पाकिस्तान में बनाई पहचान। कुबेर के मोबाइल से मिला आईडी, हथियार सप्लायर कृष गिरफ्तार, गैंग का इंटरनेशनल कनेक्शन सामने।

धनबाद : ‘फैज खान’ बनकर पाकिस्तान भागा प्रिंस खान! कुबेर के मोबाइल से बड़ा खुलासा, हथियार सप्लायर कृष  गया जेल
प्रिंस खान (फाइल फोटो)।

धनबाद (Threesocieties.com Desk): कोयला राजधानी धनबाद के चर्चित प्रिंस खान गैंग से जुड़े एनकाउंटर और गिरफ्तारी मामले में एक के बाद एक बड़े खुलासे हो रहे हैं। भागाबांध एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किए गए कृष सिंह को पुलिस ने जेल भेज दिया है, जबकि गैंग के सरगना प्रिंस खान को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।

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पुलिस के हाथ लगे मोबाइल डेटा से पता चला है कि प्रिंस खान अब फैज खान के नाम से नई पहचान बना चुका है।र कथित तौर पर पाकिस्तान में शरण लिए हुए है।

कुबेर के मोबाइल से खुला बड़ा राज

गिरफ्तार मुख्य हैंडलर अमन सिंह उर्फ कुबेर के मोबाइल से कई अहम सबूत मिले हैं। मोबाइल में रंगदारी के पैसों के ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड मिला है। एक संदिग्ध पाकिस्तानी नेशनल आईडी बरामद हुआ है। आईडी में नाम फैज खान और पता बहावलपुर दर्ज है। बहावलपुर को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ माना जाता है।  पुलिस को शक है कि झारखंड से वसूली गई रंगदारी की रकम आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाई जा रही थी।

 दुबई से पाकिस्तान तक का नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया कि प्रिंस खान ने पहले धनबाद में हैदर अली के नाम से पासपोर्ट बनवाया और दुबई भाग गया। पासपोर्ट का वेरिफिकेशन बैंक मोड़ थाना से हुआ था। तत्कालीन थानेदार रणधीर कुमार ने सब इंस्पेक्टर चंद्रिका राम की जांच पर पासपोर्ट वेरीफिकेशन किया था। इससे फरार चल रहे प्रिंस खान का पासपोर्ट बन गया। इसके बाद उसने अपनी पहचान बदलकर पाकिस्तान में ठिकाना बना लिया।

हथियार सप्लाई करता था कृष

गिरफ्तार कृष सिंह ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया कि वह गैंग को हथियार उपलब्ध कराता था। सप्लाई सुजीत सिन्हा और प्रिंस गैंग तक जाती थी। हथियार पंजाब और मध्य प्रदेश से लाये गये हैं। रांची रेस्टोरेंट में फायरिंग व  वासेपुर में इकबाल के चालक बबली पर हमले में हुआ था। पुलिस ने पलामू हुसैनाबाद का रहने वाला कृष कुमार सिंह उर्फ आयुष सिंह को बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कृष कुबेर का करीबी बताया जाता है और रंगदारी मामले में हथियार उपलब्ध कराने का काम करता था। 15 मार्च की सुबह भागाबांध में हई पुलिस मुठभेड़ के दौरान वह मौके से फरार हो गया था, हालांकि बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

रांची फायरिंग केस में नए खुलासे

रेकी का काम शादाब कुरैशी ने किया, कारोबारी और ठेकेदारों की जानकारी देने वाला कौशल पांडेय गिरफ्तार।  आरोपी राणा राहुल सिंह फरार है।

 विक्की डोम गैंग का कनेक्शन

पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया है कि रांची एयरपोर्ट पुलिस स्टेशन एरिया में 7 मार्च 2026 की रात करीब 8:25 बजे  ‘द टीटोस रेस्टोरेंट’ में रंगदारी के लिए गैंग पहुंचा  था। विक्की डोम के शूटर ने नशे में फायरिंग की। गोली रेस्टोरेंट’ में काम करने वाले वेटर मनीष गोप को लगी। इलाज के दौरान वेटर की मौत हो गई।

क्या है पूरा मामला?

धनबाद और रांची में लगातार हो रही फायरिंग, रंगदारी और गैंगवार के पीछे एक बड़ा इंटर-स्टेट और इंटरनेशनल नेटवर्क सामने आ रहा है।पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं यह गैंग आतंकी फंडिंग से तो नहीं जुड़ा।