धनबाद: एमपीएल का आरोप- दबाव बनाते हैं जनप्रतिनिधि, विस्थापित समिति ने कहा- यहां सिस्टम ही ध्वस्त

एमपीएल मेंमैनेजमेंट और विस्थापित समिति के बीच उत्पन्न विवाद का समाधान को लेकर दिला प्रशासन के साथ सोमवार को त्रिपक्षीय वार्ता हुई। मैनेजमेंट ने जनप्रतिनिधि व नेताओं पर आरोप लगाये वहीं विस्थापित समिति ने मैनेजमेंट के सिस्टम को ही ध्वस्त बताया है। 

धनबाद: एमपीएल का आरोप- दबाव बनाते हैं जनप्रतिनिधि, विस्थापित समिति ने कहा- यहां सिस्टम ही ध्वस्त
  • एमपीएल में मैनेजमेंट और विस्थापित समिति के बीच उत्पन्न विवाद के समाधान के लिए त्रिपक्षीय वार्ता 

धनबाद। एमपीएल मेंमैनेजमेंट और विस्थापित समिति के बीच उत्पन्न विवाद का समाधान को लेकर दिला प्रशासन के साथ सोमवार को त्रिपक्षीय वार्ता हुई। मैनेजमेंट ने जनप्रतिनिधि व नेताओं पर आरोप लगाये वहीं विस्थापित समिति ने मैनेजमेंट के सिस्टम को ही ध्वस्त बताया है। 
एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) चंदन कुमार की मौजूदगी में एमपी मैनेजमेंट की ओर से कहा गया कि जनप्रतिनिधि प्रेश्र बनाते हैं। एडीएम ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने बैठक के बाद डीटीओ ओम प्रकाश यादव को एमपीएल में चलने वाली कॉमशियल हैवी वैकिल के जांच का आदेश दिया है।जांच रिपोर्ट दो दिनों के अंदर सौंपने का निर्देश दिया है
एमपीएल प्रबंधन एवं विस्थापित समिति के अध्यक्ष के बीच उत्पन्न विवाद की जांच के लिए डीसी उमाशंकर सिंह ने पिछले 12 जनवरी को एडीएम को निर्देश दिया था। जांच के क्रम में आहूत बैठक में समिति के अध्यक्ष अशोक मंडल ने एडीएम को बताया कि एमपीएल का मैनेजमेंट सिस्टम ध्वस्त हो चुका है। मैनेजमेंट की ओर से बैठक में उपस्थित सुभाष चंद्र पांडे ने बताया कि एमपीएल कैंपस में कार्यरत कर्मियों की इलेक्ट्रॅानिक उपस्थिति के विरोध एवं गैर कानूनी तरीके से व्यवसायिक भारी वाहनों के परिचालन हेतु स्थानीय जन प्रतिनिधि अरुप चटर्जी, अपर्णा सेन गुप्ता और अशोक मंडल की ओर से दबाव बनाया जाता रहा है। इस कारण मैनेजमेंट सिस्टम दुरुस्त नहीं हो पा रहा है। वहीं, अशोक मंडल ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा सकती है। उन्हें कोई आपत्ति नहीं। अन्य जनप्रतिनिधियों की इस विषय में क्या सोच है, वे कह नहीं सकते। 
जनप्रतिनिधि और विस्थापितों के चल रहे वाहन

एडीएम के साथ हुई बैठक में यह बात सामने आई कि एमपीएल में  विभिन्न प्रकार के व्यवसायिक वाहन वहां के लोकल जनप्रतिनिधि व विस्थापितों के द्वारा चलाये जा रहे हैं। इनमें अधिकांश वाहन चालकों का लाइसेंस वैध नहीं है। कुछ गाड़ियां वाहन अधिनियम के अंतर्गत फिट भी नहीं है। इससे आए दिन दुर्घटना की कंपलेन मिल रही है।  

आठ बिंदुओं पर मांगी गई जांच रिपोर्ट

एडीएम ने वाहन संख्या, वाहन का प्रकार, चालक का नाम (मोबाइल सहित), चालक के डीएल का प्रकार, डीएल की प्रति आदि जांच प्रतिवेदन की मांग डीटीओ से की है।